मुआवजा, रोजगार, पुनर्वास और जल संकट को लेकर ग्रामीणों ने जताई नाराजगी
छत्तीसगढ़/कोरबा :- SECL दीपका क्षेत्र द्वारा प्रशासन, पुलिस बल एवं CISF की मौजूदगी में सुबह करीब 5 बजे हरदीबाजार स्थित सरकारी स्वास्थ्य केंद्र एवं हॉस्टल भवन को ढहाए जाने की कार्रवाई से ग्रामीणों में आक्रोश है। ग्रामीणों ने कार्रवाई को लेकर SECL और प्रशासन पर उनकी समस्याओं की अनदेखी का आरोप लगाया है।
ग्रामीणों का कहना है कि मुआवजा एवं रोजगार में विसंगति, पुनर्वास स्थल की बदहाल स्थिति, पेयजल संकट, प्रदूषण और हैवी ब्लास्टिंग जैसी समस्याओं का अब तक स्थायी समाधान नहीं हुआ है। उनका आरोप है कि खदान विस्तार के कारण गांव के आसपास जलस्तर प्रभावित हो रहा है और कुएं, बोरवेल एवं हैंडपंप सूखने से लोगों को पानी की परेशानी झेलनी पड़ रही है।
ग्रामीणों ने कहा कि अपनी मांगों को लेकर वे कलेक्टर, एसडीएम कार्यालय से लेकर SECL बिलासपुर मुख्यालय तक लगातार चक्कर लगा चुके हैं, लेकिन अपेक्षित समाधान नहीं मिला। पंचायत प्रतिनिधियों ने कहा कि देशहित में कोयला जरूरी है, लेकिन प्रभावित किसानों और ग्रामीणों के अधिकारों एवं भविष्य की अनदेखी कर विकास स्वीकार नहीं किया जा सकता।
ग्रामीणों ने मांग की है कि मुआवजा विसंगति दूर करने, पात्र लोगों को रोजगार देने, व्यवस्थित पुनर्वास एवं स्थायी पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाए।












