विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर कार्यक्रम आयोजित, छायाचित्र प्रदर्शनी और पैदल मार्च के माध्यम से दिया एकता-अखंडता का संदेश
छत्तीसगढ़/कोरबा :- भारत विभाजन की विभीषिका की स्मृति में शुक्रवार को पंडित जवाहरलाल नेहरू सभागार में विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उद्योग, वाणिज्य, श्रम, आबकारी एवं सार्वजनिक उपक्रम मंत्री श्री लखनलाल देवांगन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत, कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत, वक्ता श्री गोपाल मोदी, निगमायुक्त श्री आशुतोष पांडेय, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री प्रतीक जैन सहित जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में राष्ट्रगान एवं राष्ट्रीय गीत का गायन भी किया गया। 
मुख्य अतिथि मंत्री श्री लखनलाल देवांगन ने विभाजन की विभीषिका को देश के इतिहास की एक बड़ी त्रासदी बताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने इस त्रासदी को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने और पीड़ित परिवारों के संघर्ष को स्मरण करने के उद्देश्य से विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस मनाने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि देश की आजादी से पहले विभाजन के दौरान अनेक परिवारों को अपना घर-द्वार, संपत्ति और रिश्तेदारों को छोड़कर विस्थापित होना पड़ा। बड़ी संख्या में लोग अत्याचार और जुल्म के शिकार हुए। 
मंत्री ने विभाजन से पीड़ित परिवारों को नमन करते हुए कहा कि देशवासी आपसी भाईचारे और सामाजिक सौहार्द को मजबूत करें। उन्होंने कहा कि देश की एकता और अखंडता को सदैव बनाए रखते हुए विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने में सभी को अपनी भूमिका निभानी चाहिए।
कार्यक्रम में वक्ता श्री गोपाल मोदी ने विभाजन के दौरान घटित घटनाओं और लोगों की पीड़ा का उल्लेख करते हुए कहा कि नई पीढ़ी के लिए यह जानना जरूरी है कि देश की आजादी से पहले लोगों ने किस प्रकार विभाजन का दंश झेला। उन्होंने कहा कि विभाजन की पीड़ा और उससे जुड़े अनुभवों को स्मरण करना सामाजिक सौहार्द, एकता और भाईचारे के महत्व का बोध कराता है।
कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत ने कहा कि विभाजन के बाद नई सीमारेखा और नए नक्शे के आधार पर देश की सीमाएं निर्धारित हुईं। इस दौरान लाखों परिवारों को कठिन परिस्थितियों से गुजरना पड़ा। उन्होंने नागरिकों से सामाजिक सौहार्द और आपसी भाईचारा बनाए रखने का आह्वान करते हुए स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं।
कोसाबाड़ी से आईटीआई चौक तक निकला पैदल मार्च
विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के अवसर पर मंत्री श्री लखनलाल देवांगन सहित जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने कोसाबाड़ी से आईटीआई चौक तक पैदल मार्च किया। मार्च के माध्यम से लोगों को विभाजन की त्रासदी के साथ देश की एकता, अखंडता और सामाजिक समरसता का संदेश दिया गया।
छायाचित्र प्रदर्शनी में दिखी विभाजन की पीड़ा
कार्यक्रम स्थल पर आयोजित छायाचित्र प्रदर्शनी में भारत विभाजन से जुड़े ऐतिहासिक प्रसंगों तथा वंदेमातरम् की स्मृतियों को चित्रों के माध्यम से प्रदर्शित किया गया। अतिथियों ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया और विभाजन के दौरान पीड़ित परिवारों के संघर्ष, विस्थापन और पीड़ा को दर्शाने वाले छायाचित्रों के माध्यम से इतिहास को समझा।कार्यक्रम में बड़ी संख्या में आम नागरिक, जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित











