HomeBreaking Newsछायाचित्र प्रदर्शनी में दिखी विभाजन की विभीषिका और वंदेमातरम् की गौरवगाथा

छायाचित्र प्रदर्शनी में दिखी विभाजन की विभीषिका और वंदेमातरम् की गौरवगाथा

मंत्री लखनलाल देवांगन सहित जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने किया प्रदर्शनी का अवलोकन

छत्तीसगढ़/कोरबा :-  भारत विभाजन की विभीषिका की स्मृतियों को जीवंत करने तथा राष्ट्रगीत वंदेमातरम्’ के 150 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर शुक्रवार को पंडित जवाहरलाल नेहरू सभागार में छायाचित्र प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। प्रदर्शनी में भारत विभाजन के दौरान घटित घटनाओं, विस्थापन की पीड़ा और उस दौर की परिस्थितियों को छायाचित्रों के माध्यम से प्रभावी ढंग से प्रदर्शित किया गया। साथ ही वंदेमातरम् की 150 वर्षों की गौरवपूर्ण यात्रा से जुड़े महत्वपूर्ण प्रसंगों को भी चित्रों के माध्यम से दर्शाया गया।   

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उद्योग, वाणिज्य, श्रम, आबकारी एवं सार्वजनिक उपक्रम मंत्रीलखनलाल देवांगन ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इस अवसर पर महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत, कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत, निगमायुक्त श्री आशुतोष पांडेय, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री प्रतीक जैन, श्री गोपाल मोदी, डॉ. राजीव सिंह, पार्षद श्री नरेंद्र देवांगन, श्रीमती धनकुमारी गर्ग, श्रीमती रूबी सागर, श्री लक्ष्मण श्रीवास सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।

विभाजन की पीड़ा को बयां करते रहे छायाचित्र

प्रदर्शनी में लगाए गए छायाचित्रों में भारत विभाजन के दौरान लोगों के विस्थापन, अपने घर-परिवार और मातृभूमि से बिछड़ने की पीड़ा तथा उस समय की विषम परिस्थितियों को प्रदर्शित किया गया। मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि छायाचित्रों के माध्यम से विभाजन की विभीषिका की कहानी स्पष्ट रूप से सामने आती है। ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को इतिहास के इस दुखद अध्याय से परिचित कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इससे युवा पीढ़ी विभाजन की पीड़ा को समझने के साथ देश की एकता और अखंडता के महत्व को भी महसूस कर सकती है।

वंदेमातरम् की गौरवपूर्ण यात्रा भी प्रदर्शित

वंदेमातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर लगाई गई प्रदर्शनी में राष्ट्रगीत के ऐतिहासिक महत्व, स्वतंत्रता आंदोलन में इसकी भूमिका तथा इससे जुड़ी गौरवपूर्ण स्मृतियों को भी चित्रों के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। प्रदर्शनी में देश की स्वतंत्रता, राष्ट्रीय चेतना और राष्ट्रभक्ति की भावना से जुड़े महत्वपूर्ण प्रसंगों को आकर्षक ढंग से दर्शाया गया।

प्रदर्शनी का उद्देश्य इतिहास की महत्वपूर्ण घटनाओं और राष्ट्रीय चेतना से जुड़े प्रसंगों को आम नागरिकों, विशेषकर युवा पीढ़ी तक पहुंचाना रहा। बड़ी संख्या में नागरिकों ने प्रदर्शनी का अवलोकन कर भारत के इतिहास से जुड़े महत्वपूर्ण प्रसंगों की जानकारी प्राप्त की। इस अवसर पर जनमन पत्रिका एवं अन्य प्रचार सामग्री का भी वितरण किया गया।

 

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