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जहां अपनों ने छोड़ा, वहां प्रशांति ने थामा हाथ, 28 बुजुर्गों का सम्मान

छत्तीसगढ़/कोरबा :-  अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के अवसर पर नवदृष्टि समाजसेवी संस्था द्वारा संचालित प्रशांति वृद्धाश्रम में वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान आश्रम में निवासरत 28 बुजुर्गों की आरती उतारकर तिलक लगाया गया तथा माल्यार्पण और श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया गया।     

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प्रशांति वृद्धाश्रम पिछले 23 वर्षों से ऐसे बुजुर्गों के लिए सहारा बना हुआ है, जिन्हें जीवन के इस पड़ाव पर देखभाल, सम्मान और अपनत्व की जरूरत है। वृद्धाश्रम की नींव कोरबा के प्रथम कलेक्टर पीसी दलेई की पहल पर रखी गई थी। नगर पालिक निगम द्वारा निर्मित भवन का 19 सितंबर 1998 को तत्कालीन सांसद चरणदास महंत ने लोकार्पण किया था। 23 अप्रैल 2003 को तत्कालीन मुख्यमंत्री अजीत जोगी के मुख्य आतिथ्य में इसका संचालन शुरू हुआ। वर्तमान में नवदृष्टि समाजसेवी संस्था वर्ष 2005 से इसका संचालन कर रही है। 

आश्रम में रहने वाले बुजुर्गों को भोजन, चिकित्सा सहित आवश्यक सुविधाएं निःशुल्क उपलब्ध कराई जाती हैं। संस्था के अनुसार वृद्धाश्रम के संचालन के लिए किसी सरकारी अथवा गैर सरकारी अनुदान का नियमित रूप से उपयोग नहीं किया जाता, बल्कि संस्था के स्वयं के प्रयासों और जनसहयोग से व्यवस्थाएं संचालित की जाती हैं। 

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि राष्ट्रपति शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित शिक्षाविद् श्रीमती कल्पना मिश्रा ने बुजुर्गों का सम्मान करते हुए कहा कि उनका आशीर्वाद जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। उन्होंने नवदृष्टि संस्था द्वारा बुजुर्गों की सेवा के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। कार्यक्रम में भारत स्काउट्स एवं गाइड्स के स्काउट्स, गाइड्स, रोवर्स और रेंजर्स ने भी सहभागिता की। संचालन वीणा मिस्त्री ने किया।

 

इस अवसर पर नवदृष्टि समाजसेवी संस्था के अध्यक्ष मोहम्मद सादिक शेख, केयरटेकर बीरू यादव, उर्वशी यादव, लता यादव, अंजू, विक्की यादव, सुरेंद्र सोनी, शशिकला सोनी सहित अन्य उपस्थित रहे।

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