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विश्व आर्थराइटिस दिवस पर कोरबा में स्वास्थ्य शिविर, 167 मरीजों को मिला निःशुल्क उपचार व परामर्श

80 प्रकार के वात रोगों को लेकर जागरूकता अभियान, बीएमडी और ब्लड शुगर की जांच के साथ आयुर्वेद, योग व पंचकर्म की सेवाएं उपलब्ध

छत्तीसगढ़/कोरबा :-  जोड़ों का दर्द, हड्डियों की कमजोरी और बदलती जीवनशैली से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से 12 अक्टूबर को विश्व आर्थराइटिस दिवस पर कोरबा में निःशुल्क चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया। स्वस्थ भारत समृद्ध भारत अभियान के अंतर्गत ‘चलो आयुर्वेद की ओर’ मिशन के तहत आयोजित इस शिविर में 167 मरीज लाभान्वित हुए। पतंजलि चिकित्सालय एवं श्री शिव औषधालय, महानदी कॉम्प्लेक्स, निहारिका रोड में आयोजित शिविर में मरीजों को विभिन्न स्वास्थ्य जांचों के साथ विशेषज्ञ चिकित्सकों से परामर्श और उपचार की सुविधा प्रदान की गई। 

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लायंस क्लब कोरबा एवरेस्ट, आरोग्य भारती, भारत विकास परिषद, विश्व हिंदू परिषद एवं आयुष मेडिकल एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित शिविर में वात रोगों से संबंधित समस्याओं पर विशेष ध्यान दिया गया। यहां निःशुल्क अस्थि खनिज घनत्व (बोन मिनरल डेंसिटी) जांच, रक्त शर्करा जांच तथा आयुर्वेद, नेचुरोपैथी, पंचकर्म, षटकर्म, योग एवं ग्रह चिकित्सा संबंधी परामर्श उपलब्ध कराया गया।

अपच, कब्ज और शारीरिक निष्क्रियता को बताया वात रोगों से जुड़ी प्रमुख समस्या

शिविर में छत्तीसगढ़ के सुप्रसिद्ध आयुर्वेद चिकित्सा विशेषज्ञ नाड़ीवैद्य डॉ. नागेंद्र नारायण शर्मा ने अपच, कब्ज, शारीरिक श्रम की कमी तथा कैल्शियम, आयरन और विटामिन की कमी को वात रोगों से जुड़ी प्रमुख समस्याओं के रूप में बताया। उन्होंने लोगों को अपनी दिनचर्या नियमित रखने तथा भोजन में पोषक तत्वों से भरपूर खाद्य पदार्थ शामिल करने की सलाह दी। डॉ. शर्मा ने कहा कि स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही करने के बजाय समय रहते उचित चिकित्सकीय परामर्श लेना चाहिए। नियमित शारीरिक गतिविधियां, संतुलित आहार और नशे से दूरी स्वस्थ जीवनशैली के महत्वपूर्ण पहलू हैं।

बीएमडी मशीन से हड्डियों की जांच, ब्लड शुगर परीक्षण की भी सुविधा

शिविर में बीएमडी मशीन के माध्यम से अस्थि खनिज घनत्व की निःशुल्क जांच की गई। इसके साथ ही रक्त शर्करा की जांच कराई गई तथा आयोजकों के अनुसार शुगर के लिए परीक्षित औषधि उपलब्ध कराई गई। वात रोगों से संबंधित समस्याओं के लिए उपयोगी बताए गए वातशामक काढ़े का निःशुल्क सेवन कराया गया। मरीजों को स्वास्थ्य संबंधी जानकारी देने के उद्देश्य से स्वास्थ्य पुस्तिकाएं भी निःशुल्क वितरित की गईं। आयोजन का उद्देश्य लोगों को स्वास्थ्य जांच, उचित परामर्श और जीवनशैली में सुधार के प्रति जागरूक करना रहा।

अनुभवी नाड़ीवैद्यों ने दी चिकित्सकीय सेवाएं, सहयोगियों ने निभाई अहम भूमिका

शिविर में नाड़ीवैद्य पंडित शिव कुमार शर्मा, नाड़ीवैद्या डॉ. वागेश्वरी शर्मा एवं नाड़ीवैद्य डॉ. नागेंद्र नारायण शर्मा ने अपनी चिकित्सकीय सेवाएं प्रदान कीं। पंचकर्म तकनीशियन पिंकी बरेठ एवं शैल कुमारी निषाद ने भी सहयोग दिया। इस अवसर पर श्री शिव औषधालय की संचालिका श्रीमती प्रतिभा शर्मा, लायंस क्लब कोरबा एवरेस्ट के निदेशक लायन शिव जायसवाल, उपाध्यक्ष लायन गजेंद्र राठौड़, सचिव लायन प्रत्युष सक्सेना, कोषाध्यक्ष लायन सुधीर सक्सेना, चितरंजन गुप्ता, नेत्रनन्दन साहू, कमल धारिया, अश्वनी बुनकर, कुश गुप्ता, मनीष कौशिक, अरुण मानिकपुरी, तोरेन्द्र सिंह, देवबली कुंभकार, सिद्धराम शाहनी, अनुराग कंवर, गुनगुन राठिया, बीएमडी तकनीशियन सुनील मल्होत्रा, वीरेंद्र सोनी, बबलु सोनी एवं हर्ष नारायण शर्मा ने उपस्थित होकर आयोजन में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

जोड़ों के दर्द को नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी, समय पर जांच जरूरी

बदलती जीवनशैली, अनियमित खानपान और शारीरिक गतिविधियों की कमी के बीच जोड़ों एवं हड्डियों के स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता जरूरी हो गई है। जोड़ों में लगातार दर्द, अकड़न या चलने-फिरने में परेशानी होने पर इसे सामान्य समस्या समझकर टालना उचित नहीं है। ऐसे लक्षणों में समय पर जांच और योग्य चिकित्सक से परामर्श लेना महत्वपूर्ण है।

विश्व आर्थराइटिस दिवस पर आयोजित इस शिविर के माध्यम से लोगों को अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने का संदेश दिया गया। हालांकि, जोड़ों के दर्द और वात रोगों के कारण अलग-अलग हो सकते हैं, इसलिए प्रत्येक समस्या का उपचार उसके कारण के अनुसार किया जाना चाहिए। संतुलित आहार, नियमित शारीरिक गतिविधि और चिकित्सकीय सलाह के अनुसार उपचार अपनाकर बेहतर स्वास्थ्य की दिशा में कदम बढ़ाया जा सकता है।

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