जम्मू इंटरचेंज बना कश्मीर घाटी का नया गेटवे, पर्यटन-व्यापार को मिलेगी रफ्तार
जम्मू/श्रीनगर :- देश के रेल इतिहास में एक नई इबारत लिखते हुए पहली बार जम्मू सीधे पैसेंजर ट्रेन के माध्यम से कश्मीर घाटी से जुड़ गया है। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने श्रीनगर-श्री माता वैष्णो देवी कटरा वंदे भारत एक्सप्रेस सेवा का विस्तार जम्मू तवी तक कर हरी झंडी दिखाई। इस ऐतिहासिक पहल से अब जम्मू और कश्मीर के बीच सीधी और निर्बाध रेल कनेक्टिविटी स्थापित हो गई है।
रेल मंत्री ने बताया कि यह उपलब्धि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पिछले वर्ष जून में जम्मू-श्रीनगर रेल लिंक के उद्घाटन के बाद तेजी से संभव हो सकी है। बढ़ती मांग को देखते हुए वंदे भारत ट्रेन के कोचों की संख्या 8 से बढ़ाकर 20 कर दी गई है।
जम्मू तवी स्टेशन अब कश्मीर घाटी के लिए एक प्रमुख इंटरचेंज के रूप में उभरा है, जिससे देश के विभिन्न हिस्सों से यात्री सीधे कश्मीर तक पहुंच सकेंगे। इससे श्री माता वैष्णो देवी और अमरनाथ जैसे प्रमुख तीर्थ स्थलों की यात्रा भी अधिक सुगम हो जाएगी।
रेल मंत्री ने बताया कि वंदे भारत एक्सप्रेस को विशेष रूप से कश्मीर के कठिन मौसम और शून्य से नीचे तापमान को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है। इसमें आधुनिक सेमीकंडक्टर आधारित तकनीक और उन्नत सुविधाएं दी गई हैं, जो हर मौसम में सुरक्षित और आरामदायक यात्रा सुनिश्चित करती हैं।
पर्यटन और अर्थव्यवस्था को मिलेगा बढ़ावा
बेहतर रेल कनेक्टिविटी से कश्मीर घाटी में पर्यटन को नई गति मिलने की उम्मीद है। इसके साथ ही स्थानीय उत्पादों जैसे सेब, पश्मीना शॉल और ड्राई फ्रूट्स की देशभर में आपूर्ति तेज होगी। रेल मंत्री के अनुसार अब तक करीब 2 करोड़ किलोग्राम सेब रेलवे के माध्यम से देश के विभिन्न हिस्सों में भेजे जा चुके हैं।
रेल नेटवर्क के विस्तार से आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति भी मजबूत हुई है। अनाज, खाद, नमक, दूध जैसी जरूरी चीजों की निर्बाध सप्लाई हो रही है। वहीं, बाहर से सीमेंट की आपूर्ति शुरू होने से घाटी में सीमेंट की कीमतों में प्रति बैग लगभग 50 रुपये की कमी आई है।
इंफ्रास्ट्रक्चर में ऐतिहासिक उपलब्धियां
उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लिंक परियोजना के तहत बने चिनाब रेल ब्रिज और अंजी खड्ड पुल जैसे विश्वस्तरीय निर्माण कार्यों ने इस कनेक्टिविटी को मजबूती दी है। रेल मंत्री ने इन परियोजनाओं का निरीक्षण कर कार्यों की प्रगति की समीक्षा भी की।
भविष्य की योजनाएं
रेलवे द्वारा कश्मीर घाटी में लाइन क्षमता बढ़ाने, काजीगुंड-बारामूला सेक्शन के दोहरीकरण और अंबाला-जम्मू रेल मार्ग पर मल्टीट्रैकिंग का कार्य जारी है। इसके अलावा पुंछ-राजौरी और उरी-बारामूला रेल लाइन जैसी नई परियोजनाएं भी प्रस्तावित हैं, जिससे क्षेत्रीय संपर्क और मजबूत होगा।
कुल मिलाकर, जम्मू तक वंदे भारत एक्सप्रेस का विस्तार न केवल कश्मीर को देश की मुख्यधारा से जोड़ने का काम करेगा, बल्कि पर्यटन, व्यापार और रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगा।












