HomeBreaking Newsआंतरिक शिकायत समितियों को सक्रिय करें सभी विभाग - श्रीमती विजया रहाटकर

आंतरिक शिकायत समितियों को सक्रिय करें सभी विभाग – श्रीमती विजया रहाटकर

राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष ने विभागीय अधिकारियों की बैठक ली, महिलाओं के प्रति होने वाले अपराधों को रोकने की दिशा में दिए आवश्यक निर्देश

छत्तीसगढ़/कोरबा :- राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती विजया रहाटकर ने आज जिले के विभागीय अधिकारियों की बैठक लेकर सभी विभागों को महिलाओं के प्रति होने वाले अपराधों की रोकथाम के लिए सख्त एवं प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी विभागों में आंतरिक शिकायत समिति गठित करने, उन्हें सक्रिय रूप से संचालित करने तथा उनकी वार्षिक रिपोर्ट स्थानीय समिति को प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।     

- Advertisement -

उन्होंने कहा कि पुलिस और प्रशासन के समन्वय से ही महिलाओं के विरुद्ध होने वाले अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण संभव है। उन्होंने कार्यस्थलों पर महिलाओं के लिए सुरक्षित एवं सकारात्मक वातावरण सुनिश्चित करने, महिलाओं से संबंधित शिकायतों की सुनवाई कर उनकी निष्पक्ष जाँच करने तथा दोषियों पर कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कम उम्र की बच्चियों से संबंधित अपराधों में पॉक्सो एक्ट के तहत त्वरित कार्रवाई, छेड़छाड़ एवं घरेलू हिंसा की शिकायतों पर तत्काल एफआईआर दर्ज करने, दहेज उत्पीड़न, लैंगिक शोषण, अंधविश्वास एवं टोना-टोटका से जुड़ी प्रताड़ना के मामलों में कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। साथ ही 10 से अधिक कर्मचारियों वाले गैर-सरकारी संस्थानों, दुकानों एवं अन्य कार्यस्थलों में भी आंतरिक शिकायत समितियाँ गठित कर उन्हें सक्रिय रखने पर बल दिया।

कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित बैठक में उन्होंने विभागीय योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को प्राप्त हो रहे लाभ और सशक्तिकरण की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, सुकन्या समृद्धि योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, महतारी वंदन योजना और रोजगार सृजन से संबंधित कार्यों की विस्तृत जानकारी लेते हुए महिलाओं को इन योजनाओं से अधिकाधिक लाभान्वित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने विभिन्न अपराधों एवं शिकायतों पर पुलिस द्वारा की जा रही कार्रवाइयों की समीक्षा की और कई महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए। आयोग की अध्यक्षा ने सभी विभागों को दो माह के भीतर आंतरिक शिकायत समिति गठित कर सक्रिय रूप से संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने मनरेगा, स्वयं सहायता समूह सहित अन्य प्रमुख कार्यस्थलों में भी समितियाँ स्थापित कर महिलाओं को जागरूक करने हेतु बैनर, पोस्टर एवं अन्य माध्यम उपयोग में लाने को कहा। उन्होंने आने वाली पीढ़ी को बेहतर पारिवारिक वातावरण प्रदान करने, पति-पत्नी, युवा दंपतियों तथा अन्य व्यक्तियों को परामर्श उपलब्ध कराने हेतु आयोग द्वारा संचालित ‘तेरे मेरे सपने’ नामक काउंसिलिंग केंद्र के स्थापना की भी आवश्यकता बताई।

बैठक में पुलिस अधीक्षक श्री सिद्धार्थ तिवारी ने जिले में महिलाओं के प्रति होने वाले अपराधों पर की जा रही कार्रवाइयों और सोशल मीडिया से उत्पन्न हो रहे अपराधों को रोकने के उपायों पर सुझाव दिए। निगमायुक्त श्री आशुतोष पांडेय ने महिला आयोग के सुझावों को अमल में लाने और आंतरिक शिकायत समितियों को सक्रिय रखते हुए वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत करने की बात कही। जिला पंचायत सीईओ द्वारा आभार प्रदर्शन किया गया।

बैठक में महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत, पार्षद नरेंद्र देवांगन,छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की सदस्य श्रीमती सरला कोसरिया, महिला एवं बाल विकास विभाग के कार्यक्रम अधिकारी श्री बसंत मिंज सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

Must Read