छत्तीसगढ़/कोरबा :- पुलिस अधीक्षक श्री सिद्धार्थ तिवारी के निर्देशन में पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सभागार में नवीन आपराधिक कानूनों पर आधारित प्रदर्शनी एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य आमजन, विशेषकर छात्राओं को नए कानूनों, महिलाओं एवं बच्चों के अधिकारों तथा कानूनी संरक्षण के प्रति जागरूक करना था।
कार्यक्रम में भारतीय न्याय संहिता (BNS), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) एवं भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA) के प्रमुख प्रावधानों पर आधारित प्रदर्शनी लगाई गई। इसमें महिलाओं एवं बच्चों की सुरक्षा, अपराधों से जुड़े नए कानूनी प्रावधान और पीड़ितों को मिलने वाले अधिकारों की जानकारी सरल भाषा और चित्रों के माध्यम से दी गई। साडा कन्या शाला सहित विभिन्न विद्यालयों की छात्राओं ने प्रदर्शनी का अवलोकन कर नए कानूनों की जानकारी प्राप्त की।
डीएसपी श्रीमती प्रतिभा मरकाम ने छात्राओं को संबोधित करते हुए बताया कि नए आपराधिक कानूनों में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। उन्होंने त्वरित न्याय, प्रभावी कानूनी संरक्षण और किसी भी प्रकार की आपराधिक घटना या उत्पीड़न की स्थिति में बिना संकोच पुलिस से संपर्क करने की अपील की।
कार्यक्रम में “गुड टच–बैड टच” विषय पर विशेष जागरूकता सत्र भी आयोजित किया गया। प्रोजेक्टर के माध्यम से वीडियो दिखाकर सुरक्षित एवं असुरक्षित स्पर्श की पहचान, अनुचित व्यवहार होने पर अभिभावकों, शिक्षकों, विश्वसनीय वयस्कों या पुलिस को तुरंत जानकारी देने के बारे में बताया गया। साथ ही साइबर सुरक्षा, सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग और ऑनलाइन अपराधों से बचाव की जानकारी भी दी गई।
अंत में छात्राओं ने पुलिस अधिकारियों से नए कानूनों और सुरक्षा संबंधी विषयों पर प्रश्न पूछे, जिनका विस्तार से समाधान किया गया। कार्यक्रम में रक्षित निरीक्षक श्री अनथ राम पैकरा सहित पुलिस विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने विद्यार्थियों से कानूनों की जानकारी प्राप्त कर जागरूक नागरिक बनने और समाज में कानूनी जागरूकता फैलाने की अपील की।
कोरबा में नवीन आपराधिक कानूनों पर जागरूकता कार्यक्रम, छात्राओं को बताए अधिकार और सुरक्षा के उपाय












