17 प्रमुख जनहित के मुद्दों पर पूछे सवाल, 15 दिनों में लिखित जानकारी देने का आग्रह
छत्तीसगढ़/कोरबा :- जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी (JCP) के कोरबा जिलाध्यक्ष जैनेन्द्र कुर्रे ने छत्तीसगढ़ के सभी 11 लोकसभा सांसदों को पत्र प्रेषित कर प्रदेश और स्थानीय जनहित से जुड़े 17 प्रमुख विषयों पर उनकी संसदीय भूमिका, अब तक के परिणाम और आगामी कार्ययोजना की जानकारी मांगी है।
जैनेन्द्र कुर्रे ने कहा कि यह पहल राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप अथवा व्यक्तिगत आलोचना के उद्देश्य से नहीं, बल्कि जनता और उसके निर्वाचित प्रतिनिधियों के बीच पारदर्शी संवाद तथा संसदीय जवाबदेही को मजबूत करने के उद्देश्य से की गई है। पत्र में सांसदों से उनके कार्यकाल के दौरान संसद में पूछे गए प्रश्नों, मंत्रालयों से प्राप्त जवाबों तथा धरातल पर हुए परिणामों का पत्र प्राप्ति के 15 दिनों के भीतर लिखित ब्यौरा उपलब्ध कराने का आग्रह किया गया है।
इन प्रमुख मुद्दों पर मांगी जानकारी
पत्र में छत्तीसगढ़ी भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने तथा शिक्षा व्यवस्था में इसके विस्तार, जल-जंगल-जमीन, विस्थापन और आदिवासी अधिकारों से जुड़े विषयों पर सांसदों की भूमिका के संबंध में जानकारी मांगी गई है। इसके अलावा वनाधिकार अधिनियम और पेसा कानून के पालन, ग्राम सभाओं की भूमिका तथा प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और मुआवजे के मुद्दे को भी शामिल किया गया है।
खनन एवं औद्योगिक क्षेत्रों में स्थानीय युवाओं को रोजगार, अप्रेंटिसशिप और कौशल प्रशिक्षण में प्राथमिकता, DMF एवं CSR की राशि के पारदर्शी उपयोग, सामाजिक ऑडिट, स्वास्थ्य, शिक्षा और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े विषय भी पत्र में उठाए गए हैं।
कोरबा सहित औद्योगिक क्षेत्रों में फ्लाई ऐश के सुरक्षित निपटान, औद्योगिक प्रदूषण की निगरानी, विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं तथा व्यावसायिक रोगों की पहचान के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं के विकास पर भी सांसदों से जानकारी मांगी गई है।
यात्री ट्रेनों के लगातार रद्द होने, कोरबा-गेवरा क्षेत्र में रेल सुविधाओं के विस्तार, नई यात्री ट्रेनों के संचालन, सीधी रेल कनेक्टिविटी और ग्रामीण सड़क संपर्क से जुड़ी परियोजनाओं की स्थिति पर भी सवाल उठाए गए हैं।
इसके साथ ही खनिज आधारित अर्थव्यवस्था में स्थानीय स्तर पर मूल्य संवर्धन, डाउनस्ट्रीम उद्योगों एवं MSME को बढ़ावा देकर रोजगार सृजन की नीति तथा छोटे व्यापारियों के लिए UPI भुगतान से जुड़े MDR की पुनर्समीक्षा का विषय भी पत्र में शामिल है।
संसद में सांसदों की भूमिका का मांगा तथ्यात्मक रिकॉर्ड
जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी ने सांसदों से उनके द्वारा पूछे गए तारांकित और अतारांकित प्रश्नों, शून्यकाल तथा नियम 377 के तहत उठाए गए विषयों, लंबित मामलों और आगामी संसदीय सत्र के लिए निर्धारित प्राथमिकताओं का तथ्यात्मक ब्यौरा भी मांगा है।
जैनेन्द्र कुर्रे ने कहा, “लोकतंत्र में जनता केवल चुनाव के समय वोट देने वाली शक्ति नहीं है, बल्कि चुनाव के बाद प्रश्न पूछने वाली लोकतांत्रिक शक्ति भी है।” उन्होंने कहा कि प्राप्त जानकारियों को एक ‘नागरिक जनहित दस्तावेज’ के रूप में संकलित कर आम जनता के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।
उन्होंने सभी सांसदों से आग्रह किया कि वे पत्र का जवाब निर्धारित 15 दिवस की अवधि में उपलब्ध कराएं, ताकि जनता को अपने निर्वाचित प्रतिनिधियों की संसदीय गतिविधियों और जनहित के मुद्दों पर किए गए प्रयासों की तथ्यात्मक जानकारी मिल सके।
“विकास जनता के लिए होना चाहिए, जनता की कीमत पर नहीं।”












