छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना ने उच्चस्तरीय जांच की मांग उठाई, संयुक्त कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन
छत्तीसगढ़/कोरबा :- छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना (गैर राजनीतिक संगठन) के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप मिरी के नेतृत्व में संगठन के पदाधिकारियों ने मंगलवार को भारत के प्रधानमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन संयुक्त कलेक्टर कौशल प्रसाद तेंदुलकर को सौंपा। ज्ञापन में छत्तीसगढ़ में स्थापित की जा रही भारत रत्न श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमाओं के निर्माण में कथित अनियमितताओं एवं भ्रष्टाचार की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की गई है।
ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि अटल परिसर योजना के तहत स्थापित की जा रही प्रतिमाओं के निर्माण में निर्धारित गुणवत्ता मानकों का पालन नहीं किया गया। संगठन का कहना है कि प्रतिमाएं धातु के स्थान पर कथित रूप से सीमेंट एवं कंक्रीट से तैयार की गई हैं। साथ ही कोरबा में स्थापित प्रतिमा पहली ही बारिश के बाद क्षतिग्रस्त होने का भी उल्लेख किया गया है, जिससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हुए हैं।
छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना ने प्रधानमंत्री से पूरे मामले की स्वतंत्र एवं उच्चस्तरीय जांच कराने, सभी प्रतिमाओं की निर्माण सामग्री, गुणवत्ता, तकनीकी मानकों एवं स्वीकृत डिजाइन की जांच कराने की मांग की है। इसके अलावा निविदा प्रक्रिया, अनुबंध, भुगतान और गुणवत्ता परीक्षण से जुड़े दस्तावेजों का स्वतंत्र ऑडिट कराने की भी मांग की गई है।
संगठन ने मांग की है कि यदि जांच में किसी प्रकार की वित्तीय अनियमितता या भ्रष्टाचार सामने आता है तो संबंधित अधिकारियों एवं ठेकेदारों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही भविष्य में इस प्रकार की योजनाओं में पारदर्शिता एवं गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी निगरानी व्यवस्था लागू की जाए।
ज्ञापन की प्रति छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री को भी प्रेषित की गई है। इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष दिलीप मिरी सहित छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता भी उपस्थित रहे।












