शैलपुत्री स्वरूप में मां का महाशृंगार, छप्पन भोग और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच शारदीय नवरात्रि का शुभारंभ; तेल और घी के हजारों ज्योति कलशों से आलोकित हुआ मंदिर परिसर
छत्तीसगढ़/कोरबा :- हजारों दीपों की लालिमा, माता के जयकारों की गूंज और श्रद्धालुओं की अटूट आस्था… शारदीय नवरात्रि के प्रथम दिन कोरबा की आराध्य देवी मां श्री सर्वमंगला देवी का दरबार दिव्य प्रकाश से जगमगा उठा। हसदेव नदी के पावन तट पर स्थित मां सर्वमंगला मंदिर में 11 हजार से ज्यादा मनोकामना ज्योति कलश प्रज्वलित किए गए। दीपों की आभा, वैदिक मंत्रोच्चार और भक्तिमय वातावरण के बीच मंदिर परिसर में आस्था का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। सुबह से ही मां के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी और मंदिर परिसर से सड़क तक लंबी कतारें नजर आईं। 
हजारों ज्योतियों से रोशन हुआ मां का दरबार
शारदीय नवरात्रि के प्रथम दिन मंदिर के प्रबंधक एवं राजपुरोहित नमन पाण्डेय (नन्हा महाराज) ने विद्वान आचार्यों और पंडितों के सानिध्य में सपत्नीक शुभ मुहूर्त में ज्योति कलश प्रज्वलित किए। मंदिर में लगभग 10,900 तेल ज्योति कलश और करीब 1,100 घी ज्योति कलश प्रज्वलित किए गए। हजारों दीपों की रोशनी से मंदिर परिसर जगमगा उठा। आकर्षक सजावट और माता के जयकारों ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। 
शैलपुत्री स्वरूप में मां का महाशृंगार, छप्पन भोग अर्पित
रविवार, 11 अक्टूबर को क्वांर शुक्ल प्रतिपदा, विक्रम संवत 2083 के शुभ अवसर पर घट स्थापना के साथ शारदीय नवरात्रि का शुभारंभ हुआ। सुबह पांच बजे मां सर्वमंगला का मां शैलपुत्री स्वरूप में महाशृंगार कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई। दोपहर 12 बजे मां को छप्पन भोग अर्पित किया गया। विद्वान आचार्यों और पंडितों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विश्व कल्याण, सुख-समृद्धि और शांति की कामना की।
मंदिर के प्रबंधक एवं राजपुरोहित नमन पाण्डेय ने बताया कि मां शैलपुत्री की आराधना परिवार में सुख-समृद्धि और मंगल की कामना के साथ की जाती है। नवरात्रि के प्रथम दिन मां के चरणों में श्रद्धालुओं, कोरबा, छत्तीसगढ़ और समस्त विश्व के कल्याण की प्रार्थना की गई। 
दर्शन के लिए उमड़ा श्रद्धा का सैलाब
मां सर्वमंगला के दर्शन के लिए कोरबा सहित दूर-दराज के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। मंदिर परिसर से सड़क तक भक्तों की लंबी कतारें दिखाई दीं। श्रद्धालु शांतिपूर्वक अपनी बारी का इंतजार करते हुए माता के दर्शन करते रहे। जगमगाते ज्योति कलशों और माता के जयकारों के बीच पूरा मंदिर परिसर भक्तिरस में सराबोर रहा। 
पुलिस प्रशासन ने संभाली सुरक्षा व्यवस्था
नवरात्रि के दौरान श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए पुलिस प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था की गई। कुसमुंडा थाना और सर्वमंगला पुलिस चौकी के जवान मंदिर परिसर में तैनात रहे। चौकी प्रभारी विभव तिवारी अपनी टीम के साथ सुबह से ही परिसर में निगरानी करते नजर आए, ताकि श्रद्धालुओं को दर्शन के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न हो। 
दीप ज्योति का संदेश—सद्बुद्धि, शांति और समृद्धि की कामना
नमन पाण्डेय ने कहा कि घर, मंदिर और देवस्थानों में दीप प्रज्वलित करना प्रकाश, ज्ञान, सकारात्मकता और सद्गुणों का प्रतीक है। मनोकामना ज्योति कलशों के प्रज्वलन के माध्यम से क्षेत्र में सुख-शांति, सद्भाव और विश्व कल्याण की कामना की गई है। उन्होंने प्रार्थना की कि सभी के मन में सद्बुद्धि और मानवीय गुणों का संचार हो, परिवारों में कलह दूर हो तथा प्रत्येक घर में प्रेम, शांति और समृद्धि का वास हो।
मां सर्वमंगला के दरबार में प्रज्वलित 11 हजार से ज्यादा ज्योति कलश श्रद्धालुओं की आस्था, विश्वास और मंगलकामनाओं के प्रतीक बने। शारदीय नवरात्रि के प्रथम दिन शक्तिपीठ का दिव्य स्वरूप और भक्तिमय वातावरण कोरबा में श्रद्धा और आध्यात्मिक चेतना का संदेश देता नजर आया।












