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पोड़ीबहार में एक्टिवा के वाइजर में छिपा मिला जहरीला करैत, समय रहते नजर पड़ने से टली अनहोनी

शहर में फिर सामने आया वाहन में सांप के छिपने का मामला, वन विभाग और RCRS टीम ने किया सुरक्षित रेस्क्यू; लापरवाही पड़ सकती थी भारी

कोरबा। घर के बाहर खड़ी एक्टिवा और उसके सामने लगे वाइजर के भीतर छिपा बैठा मौत का जहरीला खतरा! कोरबा शहर के पोड़ीबहार क्षेत्र में सामने आई इस घटना ने एक बार फिर लोगों को सतर्क रहने की जरूरत का एहसास करा दिया है। अंजलि यादव के घर के बाहर खड़ी एक्टिवा के वाइजर में अत्यंत विषैला कॉमन करैत, जिसे स्थानीय स्तर पर घोड़ा करैत भी कहा जाता है, छिपा मिला। समय रहते सांप पर नजर पड़ गई और तत्काल वन विभाग तथा RCRS (Reptile Care and Rescuer Society) की टीम को सूचना दी गई। टीम की तत्परता से सांप को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया और संभावित दुर्घटना टल गई।     

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वाहन के भीतर छिपा था खतरनाक सांप, एक छोटी सी चूक बन सकती थी बड़ी मुसीबत

जानकारी के अनुसार, पोड़ीबहार निवासी अंजलि यादव की एक्टिवा घर के बाहर खड़ी थी। इसी दौरान वाहन के सामने लगे वाइजर में सांप दिखाई दिया। नजदीक से देखने पर उसकी पहचान कॉमन करैत के रूप में हुई। यह भारत के अत्यंत विषैले सांपों में शामिल है। ऐसे में परिवार के सदस्यों और आसपास मौजूद लोगों के लिए स्थिति चिंताजनक हो गई।

वाहन के भीतर सांप छिपा होने की जानकारी मिलते ही लोगों ने समझदारी दिखाई और उसे खुद निकालने या पकड़ने की कोशिश नहीं की। तत्काल वन विभाग एवं RCRS टीम से संपर्क किया गया। यदि सांप पर नजर पड़े बिना एक्टिवा स्टार्ट कर दी जाती या उसे चलाने का प्रयास किया जाता, तो स्थिति खतरनाक हो सकती थी। हालांकि, समय पर सतर्कता और रेस्क्यू टीम की तत्परता से मामले को सुरक्षित ढंग से संभाल लिया गया।

अविनाश यादव के नेतृत्व में सुरक्षित रेस्क्यू

सूचना मिलने के बाद RCRS अध्यक्ष अविनाश यादव मौके पर पहुंचे। उन्होंने टीम सदस्य मानस की मदद से सावधानीपूर्वक रेस्क्यू अभियान चलाया। एक्टिवा के सामने लगे वाइजर के भीतर छिपे कॉमन करैत को सुरक्षित बाहर निकाला गया।

वाहनों के वाइजर, बॉडी पैनल और अन्य संकरे हिस्से सांपों के छिपने की जगह बन सकते हैं। ऐसे स्थानों पर छिपे सांप को बिना सावधानी के निकालने का प्रयास करने पर रेस्क्यू करने वाले व्यक्ति के साथ-साथ आसपास मौजूद लोगों की जान भी जोखिम में पड़ सकती है। इस मामले में प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम को सूचना देना ही सबसे सुरक्षित कदम साबित हुआ।

आखिर वाहनों में क्यों छिप जाते हैं सांप?

सांप अक्सर ऐसी जगहों की तलाश में रहते हैं, जहां उन्हें अंधेरा, शांति और सुरक्षित आश्रय मिल सके। घरों के आसपास जमा सामान, लकड़ी के ढेर, जूते-चप्पल, गैराज और वाहनों के कुछ हिस्से उनके छिपने के संभावित स्थान हो सकते हैं। आसपास चूहों की मौजूदगी भी सांपों को किसी स्थान की ओर आकर्षित कर सकती है।

विशेष रूप से लंबे समय तक खड़े रहने वाले दोपहिया वाहनों के आसपास अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए। हालांकि, हर वाहन में सांप मिलने की आशंका नहीं होती, लेकिन यदि वाहन के आसपास सांप दिखाई दे या उसके भीतर होने का संदेह हो, तो बिना जांच किए उसे स्टार्ट करना उचित नहीं है।

कॉमन करैत का जहर क्यों है खतरनाक?

कॉमन करैत भारत के अत्यंत विषैले सांपों में से एक है। यह मुख्य रूप से रात में सक्रिय रहता है और दिन के समय अंधेरी, शांत जगहों पर छिपा रह सकता है। इसके काटने पर शुरुआती दर्द या सूजन बहुत कम हो सकती है, लेकिन इसका विष तंत्रिका तंत्र को प्रभावित कर सकता है। यही कारण है कि इसके काटने को सामान्य चोट समझकर नजरअंदाज करना जानलेवा साबित हो सकता है।

यदि किसी व्यक्ति को सांप के काटने का संदेह हो, तो लक्षणों का इंतजार किए बिना तत्काल अस्पताल पहुंचाना चाहिए। झाड़-फूंक, घरेलू उपचार, घाव को काटने या विष चूसने जैसे तरीकों में समय गंवाना खतरनाक है। मरीज को यथासंभव शांत रखें और प्रभावित अंग को कम से कम हिलाएं।

सांप दिखे तो खुद न बनें रेस्क्यूअर, विशेषज्ञों को दें सूचना

इस घटना के बाद वन विभाग एवं RCRS टीम ने नागरिकों से अपील की है कि घर, आंगन, दुकान, गैराज या वाहन में सांप दिखाई देने पर घबराहट में कोई कदम न उठाएं। सांप को मारने, डंडे से छेड़ने या खुद पकड़ने की कोशिश न करें। यदि सांप वाहन के भीतर दिखाई दे, तो वाहन स्टार्ट न करें और न ही उसे चलाएं। सुरक्षित दूरी बनाकर प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम को सूचना दें।

सांप पर्यावरण के महत्वपूर्ण जीव हैं। वे चूहों जैसे जीवों की आबादी नियंत्रित करने में अहम भूमिका निभाते हैं। इसलिए सांप दिखाई देने पर उसे मार देना समाधान नहीं है। उचित सावधानी और विशेषज्ञों की मदद से इंसानों तथा वन्यजीवों, दोनों की सुरक्षा की जा सकती है।

RCRS हेल्पलाइन: सांप दिखे तो डंडा नहीं, फोन उठाएं

पोड़ीबहार की यह घटना एक बार फिर बताती है कि सतर्कता और समय पर सूचना किसी बड़ी दुर्घटना को टाल सकती है। वन विभाग एवं RCRS टीम ने नागरिकों से अपील की है कि वन्यजीवों से जुड़ी ऐसी परिस्थितियों में स्वयं जोखिम उठाने के बजाय विशेषज्ञों की सहायता लें।

सांप के रेस्क्यू के लिए RCRS, कोरबा से संपर्क करें:

  • अविनाश यादव: 98279 17848
  • हेल्पलाइन: 90099 96789
  • हेल्पलाइन: 79879 57958

RCRS (Reptile Care and Rescuer Society), Korba

SAVE ANIMALS, SAVE NATURE — वन्यजीवों की सुरक्षा, हम सबकी जिम्मेदारी।

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