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कचरा फैलाने पर जुर्माना लगाते ही बोला— “लखन लाल देवांगन से लेकर जय सिंह अग्रवाल, महापौर तक मुझे जानते हैं… आधा शहर निगम में घुसवा दूंगा”— सफाई का जायजा लेने पहुंचे IAS निगम आयुक्त को खुलेआम धमकी

स्वच्छता अभियान के दौरान अभद्रता का वीडियो वायरल, सभापति व पार्षद पहुंचे अपर कलेक्टर; बोले— अधिकारियों को धमकाने वालों पर हो सख्त कार्रवाई

छत्तीसगढ़/कोरबा :-  नगर निगम के स्वच्छता अभियान के दौरान आईएएस अधिकारी एवं नगर निगम आयुक्त आशुतोष पांडेय के साथ कथित अभद्रता और राजनीतिक रसूख का हवाला देकर उन्हें खुलेआम धमकी देने का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के बाद यह विवाद प्रशासनिक कार्रवाई से आगे बढ़कर राजनीतिक और जनचर्चा का विषय बन गया है। घटना के विरोध में नगर निगम के सभापति नूतन सिंह ठाकुर के नेतृत्व में पार्षदों का प्रतिनिधिमंडल अपर कलेक्टर देवेंद्र पटेल से मिला और दोषी के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की।
जानकारी के अनुसार पावर हाउस रोड स्थित ‘राहुल बैग’ प्रतिष्ठान के बाहर फैले कचरे पर नगर निगम की टीम ने स्वच्छता अभियान के तहत एक हजार रुपये का जुर्माना लगाया था। इसी दौरान दुकानदार और निगम कर्मचारियों के बीच विवाद हो गया। सूचना मिलने पर नगर निगम आयुक्त आशुतोष पांडेय स्वयं मौके पर पहुंचे और दुकानदार को स्वच्छता नियमों का पालन करने तथा जुर्माना जमा करने की समझाइश दी।
आरोप है कि समझाइश के दौरान दुकानदार ने अपनी गलती स्वीकार करने के बजाय राजनीतिक पहुंच का हवाला देते हुए निगम आयुक्त से अभद्र व्यवहार किया।

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“फाइन नहीं दूंगा… आधा शहर निगम में घुसवा दूंगा”
वायरल वीडियो में दुकानदार कथित तौर पर कहता सुनाई देता है—

“यहाँ कौन नहीं जानता मुझे, मैं यहीं पैदा हुआ हूं। लखन लाल देवांगन से लेकर जय सिंह अग्रवाल मुझे जानते हैं। महापौर संजू देवी राजपूत से लेकर सभापति मुझे जानते हैं। फाइन नहीं दूंगा। ऐसा बोलोगे तो मैं आधा शहर निगम में घुसवा दूंगा। इतना पावर रखता हूँ… कौन हूं, मेरा नाम पता कर लेना आप।”

वीडियो के वायरल होने के बाद शहर में यह सवाल उठने लगा है कि यदि एक आईएएस अधिकारी, जो अपने वैधानिक अधिकारों के तहत स्वच्छता अभियान का निरीक्षण कर रहे हों, उन्हें भी राजनीतिक पहुंच दिखाकर इस तरह चुनौती दी जाए, तो अन्य अधिकारी और मैदानी अमला किस माहौल में निष्पक्ष होकर कार्य कर पाएंगे।

अपर कलेक्टर से मिले सभापति व पार्षद
घटना के विरोध में नगर निगम के सभापति नूतन सिंह ठाकुर के नेतृत्व में पार्षदों का प्रतिनिधिमंडल अपर कलेक्टर देवेंद्र पटेल से मिला। प्रतिनिधिमंडल ने ज्ञापन सौंपकर कहा कि यह केवल निगम आयुक्त से अभद्रता का मामला नहीं, बल्कि पूरे प्रशासनिक तंत्र की गरिमा और कानून के शासन से जुड़ा विषय है।
पार्षदों ने मांग की कि शासकीय कार्य में बाधा डालने, अधिकारियों को धमकाने और राजनीतिक दबाव बनाने की कोशिश करने वालों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति इस प्रकार का दुस्साहस न कर सके।
स्वच्छ शहर केवल निगम नहीं, हर नागरिक की भी जिम्मेदारी
नगर निगम लगातार शहर को स्वच्छ और व्यवस्थित बनाने के लिए अभियान चला रहा है। सार्वजनिक स्थानों पर कचरा फैलाने वालों पर नियमानुसार जुर्माना भी लगाया जा रहा है। स्वच्छ शहर बनाना केवल नगर निगम या प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का भी समान दायित्व है।
यदि नियमों का उल्लंघन करने के बाद जिम्मेदारी स्वीकार करने के बजाय राजनीतिक प्रभाव का हवाला देकर अधिकारियों पर दबाव बनाया जाए या उन्हें धमकाया जाए, तो इससे न केवल स्वच्छता अभियान प्रभावित होगा, बल्कि कानून के समान अनुपालन और प्रशासनिक व्यवस्था पर भी प्रतिकूल असर पड़ेगा।
दोनों पक्षों की शिकायत, पुलिस जांच जारी
घटना के बाद नगर निगम की ओर से संबंधित दुकानदार के खिलाफ कोतवाली थाना में शासकीय कार्य में बाधा सहित अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज कराया गया है। वहीं दुकानदार ने भी निगम आयुक्त और निगम अमले के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस दोनों पक्षों की शिकायतों की जांच कर रही है।
यह मामला अब केवल एक हजार रुपये के जुर्माने का नहीं रह गया है। यह प्रशासनिक गरिमा, कानून के सम्मान, नागरिक जिम्मेदारी और राजनीतिक प्रभाव के कथित इस्तेमाल से जुड़े गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। अब पूरे शहर की नजर इस बात पर है कि जांच के बाद प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है।

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