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कोरबा के प्रवेशद्वार अब बताएंगे शहर की पहचान

मंत्री लखन लाल देवांगन और महापौर संजू देवी राजपूत के प्रयासों से कोरबा के प्रवेशद्वारों को मिलेगी नई पहचान

थीम आधारित स्वागत द्वारों से संवरेगी ऊर्जाधानी की तस्वीर, शहर की संस्कृति, उद्योग, हसदेव और भविष्य की झलक दिखेगीआम नागरिकों और कलाकारों से मांगे गए प्रस्ताव, चयनित कलाकार होंगे सम्मानित और पुरस्कृत

छत्तीसगढ़/कोरबा :- ऊर्जाधानी और औद्योगिक नगरी कोरबा के सौंदर्यीकरण को नई ऊंचाई देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल शुरू की गई है। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन तथा नगर पालिक निगम कोरबा की महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत के प्रयासों से शहर के प्रमुख प्रवेश मार्गों को आकर्षक और विशिष्ट पहचान देने की योजना को गति मिली है। नगर पालिक निगम द्वारा अब कोरबा में थीम आधारित भव्य प्रवेशद्वारों का निर्माण कराया जाएगा, जो शहर की ऊर्जा, कोयला, हसदेव, आदिवासी संस्कृति, हरियाली, औद्योगिक विरासत और भविष्य की विकास यात्रा को प्रदर्शित करेंगे।

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यह पहल केवल शहर के सौंदर्यीकरण तक सीमित नहीं है, बल्कि कोरबा की पहचान, संस्कृति और विकास गाथा को प्रवेशद्वारों के माध्यम से देश-दुनिया के सामने प्रस्तुत करने की अभिनव कोशिश मानी जा रही है। इस दिशा में मंत्री लखन लाल देवांगन और महापौर संजू देवी राजपूत व निगम प्रशासन की पहल को शहर के सौंदर्यीकरण और नई पहचान के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

पांच प्रमुख स्थानों पर बनेंगे थीम आधारित प्रवेशद्वार

नगर पालिक निगम कोरबा द्वारा शहर के मुख्य स्थानों पर प्रारंभिक रूप से पांच विभिन्न थीम आधारित प्रवेशद्वारों के निर्माण की योजना बनाई गई है। इसके लिए आम नागरिकों और कलाकारों से आठ अलग-अलग थीमों पर आधारित प्रवेशद्वारों की डिजाइन और अन्य तथ्यों से जुड़े प्रस्ताव आमंत्रित किए गए हैं।

निगम आयुक्त श्री आशुतोष पाण्डेय ने बताया कि प्राप्त प्रस्तावों में से चयनित स्वागत द्वारों के कलाकारों और रचनाकारों को निगम द्वारा विशेष रूप से सम्मानित किया जाएगा तथा उन्हें नकद राशि से पुरस्कृत भी किया जाएगा।

आठ थीम में दिखेगी कोरबा की पूरी पहचान

1. ऊर्जा द्वार

बिजली के टावर, विद्युत किरणों की अत्याधुनिक आकृति, ‘कोरबा-ऊर्जा राजधानी’ का उल्लेख और रात में आकर्षक एलईडी लाइटिंग के माध्यम से कोरबा की ऊर्जा नगरी वाली पहचान को प्रदर्शित किया जाएगा।

2. कोयला द्वार

कोयले की परत और खनन से प्रेरित डिजाइन, माइनिंग उपकरणों की एब्स्ट्रेक्ट आकृति, काला-ग्रे पत्थर और आधुनिक स्टील के उपयोग से कोरबा की खनन विरासत को दर्शाया जाएगा।

3. हसदेव द्वार

बहती हसदेव नदी और उसकी लहरों से प्रेरित आर्क, दोनों तरफ हरियाली और लैंडस्केपिंग के साथ नीली-सफेद लाइटिंग के माध्यम से शहर की जीवनदायिनी हसदेव नदी को प्रमुखता दी जाएगी।

4. आदिवासी संस्कृति द्वार

स्थानीय जनजातीय कला, पारंपरिक ज्योमेट्रिक पैटर्न, ट्राइबल आर्ट म्यूरल्स तथा मिट्टी और पत्थर जैसी प्राकृतिक फिनिशिंग के माध्यम से कोरबा की समृद्ध आदिवासी संस्कृति को प्रदर्शित किया जाएगा।

5. हरित कोरबा द्वार

पेड़-पत्तियों से प्रेरित कर्व्ड स्ट्रक्चर, दोनों तरफ वर्टिकल गार्डन, ग्रीन लैंडस्केपिंग तथा पर्यावरण और विकास का संदेश इस प्रवेशद्वार की खासियत होगी।

6. औद्योगिक कोरबा द्वार

कोरबा के औद्योगिक विकास पर आधारित आधुनिक डिजाइन, स्टील स्ट्रक्चर, फैक्ट्री और इंडस्ट्री से प्रेरित ज्योमेट्रिक फॉर्म, ऊपर ‘कोरबा’ तथा साइड पैनल्स पर उद्योग और विकास से जुड़ा एब्स्ट्रेक्ट आर्ट वर्क होगा। रात में आर्किटेक्चुरल एलईडी लाइटिंग इसे और आकर्षक बनाएगी।

7. जनजातीय एवं ग्रामीण विरासत द्वार

छत्तीसगढ़ की जनजातीय कला और ग्रामीण जीवन से प्रेरित स्थानीय लोककला के पैटर्न, पारंपरिक वाद्य, नृत्य और कृषि से जुड़े कलात्मक तत्वों के साथ पत्थर, ब्रिक और अर्थ-टोन फिनिशिंग का उपयोग किया जाएगा। यह प्रवेशद्वार स्थानीय संस्कृति को प्रमुखता देगा।

8. भविष्य का कोरबा द्वार

ऊर्जा, टेक्नोलॉजी और स्मार्ट सिटी की अवधारणा का संयोजन करते हुए बड़ा फ्यूचरिस्टिक आर्क तैयार किया जाएगा। बीच में बिजली की चमक का ऊर्जा प्रतीक, सोलर पैनल और एनर्जी एफिशिएंट एलईडी लाइटिंग के कॉन्सेप्ट के माध्यम से आधुनिक और विकसित कोरबा की तस्वीर प्रस्तुत की जाएगी।

20 सितंबर तक दे सकते हैं प्रस्ताव

प्रपोजल देने के इच्छुक नागरिक और कलाकार 20 सितंबर 2026 तक अपने प्रस्ताव नगर पालिक निगम के मुख्य प्रशासनिक भवन साकेत स्थित मुख्य कार्यालय में प्रस्तुत कर सकते हैं। निगम ने शहरवासियों से इस रचनात्मक पहल में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की है।

‘आपकी सोच से सजेगा आपके शहर का द्वार’

निगम आयुक्त श्री आशुतोष पाण्डेय ने आम नागरिकों से अपील करते हुए कहा है कि “आप सबकी सोच से आपके शहर का द्वार सजेगा।” उन्होंने नागरिकों और कलाकारों से स्वागत द्वारों की थीम और डिजाइन निगम को उपलब्ध कराने का आग्रह किया, ताकि उनकी उत्कृष्ट सोच और रचनात्मकता के माध्यम से शहर को और अधिक सुंदर एवं आकर्षक बनाया जा सके।

आयुक्त ने कहा कि निगम ऊर्जाधानी कोरबा को उसकी गरिमा के अनुरूप सजाने और संवारने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके लिए आम नागरिकों की सक्रिय सहभागिता और सहयोग अपेक्षित है।

सौंदर्यीकरण से आगे बढ़कर बनेगी शहर की पहचान

मंत्री लखन लाल देवांगन, महापौर संजू देवी राजपूत और निगम प्रशासन की यह पहल कोरबा के लिए इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि प्रस्तावित प्रवेशद्वार महज स्वागत के लिए बनाए गए ढांचे नहीं होंगे, बल्कि शहर की पहचान और गौरव के स्थायी प्रतीक बन सकते हैं। ऊर्जा से लेकर कोयला, हसदेव से लेकर आदिवासी संस्कृति और औद्योगिक विरासत से लेकर भविष्य के स्मार्ट कोरबा तक—इन प्रवेशद्वारों में शहर की पूरी कहानी को कलात्मक और आकर्षक रूप में समेटने की कल्पना की गई है।

यदि यह परिकल्पना अपने प्रस्तावित स्वरूप में साकार होती है, तो कोरबा में प्रवेश करने वाले लोगों को शहर के प्रमुख मार्गों पर उसकी संस्कृति, विरासत, ऊर्जा, औद्योगिक विकास और भविष्य की सोच की अलग-अलग झलक देखने को मिलेगी। इससे न केवल शहर का सौंदर्य निखरेगा, बल्कि कोरबा की एक ऐसी विशिष्ट पहचान भी विकसित होगी, जो उसे छत्तीसगढ़ के अन्य शहरों से अलग और विशेष बनाएगी।

कोरबा के ये थीम आधारित प्रवेशद्वार आने वाले समय में शहर की पहचान के नए प्रतीक बन सकते हैं—जहां हर द्वार कोरबा की एक कहानी कहेगा और हर कहानी ऊर्जाधानी के गौरव को नई पहचान देगी।

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