सीढ़ी मंगवाकर कलेक्टर ने खुद नपवाया सरिया, 8 एमएम की जगह मिला 6 एमएम; सब इंजीनियर को निलंबित करने के निर्देश — पंचनामा के साथ एफआईआर के भी आदेश
छत्तीसगढ़/कोरबा :- जिला खनिज न्यास (डीएमएफ) की राशि से खनन प्रभावित क्षेत्रों में कराए जा रहे निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से खिलवाड़ अब जिम्मेदार अधिकारियों और निर्माण एजेंसियों पर भारी पड़ेगा। रविवार को खनन प्रभावित क्षेत्रों के दौरे पर निकले कलेक्टर कुणाल दुदावत ने निर्माणाधीन आंगनबाड़ी, स्कूल और पीडीएस भवनों का मौके पर निरीक्षण किया। इस दौरान निर्माण कार्यों में गंभीर खामियां सामने आने पर उन्होंने अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई और तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।
सबसे गंभीर मामला जनपद पंचायत कटघोरा के ग्राम जेन्जरा में सामने आया। यहां डीएमएफ मद से निर्माणाधीन आंगनबाड़ी भवन में लगाए जा रहे सरिया को लेकर कलेक्टर को संदेह हुआ। उन्होंने तत्काल सीढ़ी मंगवाई और मौके पर ही स्लैब के पास लगे सरिया की माप कराने के निर्देश दिए। संबंधित सब इंजीनियर द्वारा 8 एमएम सरिया लगाए जाने की जानकारी दी गई थी, लेकिन जांच में कई स्थानों पर 8 एमएम के बजाय 6 एमएम सरिया पाया गया।
निर्माण कार्य में इस गंभीर अनियमितता पर कलेक्टर ने कड़ी नाराजगी जताते हुए पंचनामा तैयार कर संबंधित के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए। साथ ही जिम्मेदारी तय करते हुए जनपद पंचायत कटघोरा के सब इंजीनियर रामकुमार पोर्ते को निलंबित करने के निर्देश दिए। 
स्कूल भवन में भी मानकों की अनदेखी
जेन्जरा में ही निर्माणाधीन स्कूल भवन का निरीक्षण करते हुए कलेक्टर ने फर्श में लगाए गए टाइल्स की गुणवत्ता और निर्धारित मापदंडों की जांच कराई। टाइल्स मानकों के अनुरूप नहीं मिलने पर उन्होंने नाराजगी जताई और संबंधित अधिकारियों को निर्माण कार्य में निर्धारित गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि डीएमएफ की राशि खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास के लिए है और इसके एक-एक रुपये का सदुपयोग होना चाहिए। निर्माण कार्यों में घटिया सामग्री, मापदंडों की अनदेखी या किसी भी तरह की वित्तीय अथवा तकनीकी अनियमितता सामने आने पर जिम्मेदार अधिकारियों और निर्माण एजेंसियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। 
पीडीएस भवन की नीची प्लिंथ पर भी जताई नाराजगी
ग्राम पंचायत सलोरा में निर्माणाधीन पीडीएस भवन के निरीक्षण के दौरान भवन की प्लिंथ जमीन के स्तर से काफी नीचे पाए जाने पर भी कलेक्टर ने नाराजगी जताई। उन्होंने निर्माण की तकनीकी गुणवत्ता की जांच कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
अक्टूबर तक पूरा होगा कटघोरा स्कूल भवन
कलेक्टर ने शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कटघोरा में सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास विभाग की निर्माण एजेंसी द्वारा कराए जा रहे भवन निर्माण कार्य का भी जायजा लिया। निर्माण में हो रही देरी पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने अक्टूबर माह तक स्कूल भवन का निर्माण पूर्ण करने की समयसीमा तय की। इसके अलावा उन्होंने ग्राम जेन्जरा स्थित जर्जर आंगनबाड़ी भवन का भी निरीक्षण कर उसकी स्थिति की जानकारी ली।
फाइलें रोकने वाले कर्मचारियों पर भी कार्रवाई
दौरे के दौरान कलेक्टर ने जनपद पंचायत कटघोरा में लंबित फाइलों और उपयोगिता प्रमाण पत्रों की स्थिति की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों में पूर्ण हो चुके कार्यों के उपयोगिता प्रमाण पत्र अनावश्यक रूप से लंबित रखने से भुगतान अटकता है और नए विकास कार्यों की गति प्रभावित होती है।
उन्होंने जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को कर्मचारियों के कार्यों की जांच कर अनावश्यक रूप से फाइलें लंबित रखने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए। ग्राम पंचायत जेन्जरा के उपयोगिता प्रमाण पत्र पर समय पर कार्रवाई नहीं होने के मामले में संबंधित बाबू का वेतन रोकने के निर्देश भी दिए गए।
डीएमएफ कार्यों में अब गुणवत्ता पर सीधी नजर
कलेक्टर ने अधिकारियों को साफ संदेश दिया कि खनन प्रभावित क्षेत्रों में डीएमएफ से होने वाले विकास कार्यों में पारदर्शिता, गुणवत्ता और समयबद्धता से कोई समझौता नहीं होगा। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य निर्धारित तकनीकी मापदंडों के अनुरूप ही किए जाएं और शासकीय राशि के दुरुपयोग या लापरवाही पर जिम्मेदारी तय कर कठोर कार्रवाई की जाए।
निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत सीईओ प्रतीक जैन, एसडीएम कटघोरा विपिन दुबे, अपर कलेक्टर माधुरी सोम ठाकुर, जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, तहसीलदार सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।












