162 किलोमीटर की 55 सड़कों के निर्माण में लगेगा 61 टन प्लास्टिक, 644 महिलाओं को मिलेगा आय बढ़ाने का अवसर
छत्तीसगढ़/कोरबा :- घरों से एकत्र होने वाला प्लास्टिक कचरा अब कोरबा के दूरस्थ गांवों की सड़कों के निर्माण में उपयोग किया जाएगा। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के चौथे चरण में जिले के लिए लगभग 162 किलोमीटर लंबी 55 सड़कें स्वीकृत हुई हैं। इन सड़कों के निर्माण में डामर के साथ उपयुक्त अपशिष्ट प्लास्टिक का उपयोग प्रस्तावित है। इसके लिए करीब 61 टन प्लास्टिक की आवश्यकता होगी।
स्वीकृत सड़कें कोरबा, करतला, पोड़ी-उपरोड़ा और पाली विकासखंड के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों में बनाई जाएंगी। निर्माण प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और वर्तमान में मिट्टी संबंधी कार्य किए जा रहे हैं। सड़कों के निर्माण से ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन सुगम होने के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य आवश्यक सेवाओं तक लोगों की पहुंच बेहतर होने की उम्मीद है।
कलेक्टर कुणाल दुदावत ने कहा कि प्लास्टिक कचरे का उचित उपयोग ग्रामीण विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण का भी अवसर है। नगर निगम क्षेत्र में घर-घर कचरा संग्रहण से जुड़ी स्व-सहायता समूह की महिलाएं इस पहल की महत्वपूर्ण कड़ी बन सकती हैं। उन्होंने संबंधित विभागों को सड़क निर्माण के लिए निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुरूप प्लास्टिक की छंटाई, तैयारी और आपूर्ति में समन्वय के निर्देश दिए हैं।
62 हजार घरों से कचरा जुटाती हैं 644 महिलाएं
नगर पालिक निगम कोरबा क्षेत्र में लगभग 62 हजार घरों से प्रतिदिन कचरा एकत्र किया जाता है। इस कार्य से स्व-सहायता समूहों की 644 महिला सदस्य जुड़ी हैं। एकत्रित कचरा 16 एमआरएफ केंद्रों में पहुंचता है, जहां प्लास्टिक सहित विभिन्न प्रकार के कचरे को अलग किया जाता है।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार प्रतिदिन करीब 155 टन कचरा एकत्र होता है। इसमें लगभग 40 प्रतिशत सूखा और 60 प्रतिशत गीला कचरा होता है। प्रतिदिन करीब 4 से 5 टन प्लास्टिक भी निकलता है। सड़क निर्माण के लिए उपयुक्त प्लास्टिक की छंटाई और आपूर्ति से कचरा संग्रहण एवं पृथक्करण से जुड़ी महिलाओं की आय बढ़ाने का अवसर बन सकता है।
डामर के साथ होगा प्लास्टिक का उपयोग
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के कार्यपालन अभियंता सी.एस. तंवर ने बताया कि स्वीकृत सड़कों के निर्माण के लिए लगभग 61 टन अपशिष्ट प्लास्टिक की आवश्यकता होगी। निर्धारित तकनीकी प्रक्रिया के अनुसार उपयुक्त प्लास्टिक को तैयार कर डामर के साथ उपयोग किया जाएगा। इसके लिए कलेक्टर को मांग भेजी गई है।
प्लास्टिक कचरे को अन्य कचरे से अलग कर उपयोगी सामग्री के रूप में तैयार करने से खुले में बिखरने वाले कचरे को कम करने में भी मदद मिलेगी। इस तरह घर-घर से कचरा जुटाने वाली महिलाओं के श्रम को आर्थिक अवसर से जोड़ने के साथ ग्रामीण सड़कों के निर्माण और पर्यावरण संरक्षण को भी एक साथ बढ़ावा मिलेगा।












