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त्योहारों से पहले अलर्ट मोड में कोरबा प्रशासन, कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वालों पर रहेगी पैनी नजर

कलेक्टर-एसपी की संयुक्त बैठक में सख्त निर्देश, अफवाहों से लेकर अवैध गतिविधियों तक पर निगरानी; राजस्व और पुलिस विभाग को समन्वय के साथ त्वरित कार्रवाई की हिदायत

छत्तीसगढ़/कोरबा :-  त्योहारों के बीच जिले में शांति और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने के लिए कोरबा प्रशासन ने कानून-व्यवस्था को लेकर सतर्कता बढ़ाने के संकेत दिए हैं। कलेक्टर कुणाल दुदावत और पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी ने राजस्व एवं पुलिस अधिकारियों की संयुक्त बैठक लेकर स्पष्ट किया कि संवेदनशील मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने, संभावित विवादों की पहचान करने और परिस्थितियां बिगड़ने से पहले प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।

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कलेक्टोरेट सभाकक्ष में हुई बैठक केवल त्योहारों की तैयारियों तक सीमित नहीं रही। इसमें धान खरीदी सीजन, यातायात व्यवस्था, औद्योगिक क्षेत्रों की समस्याओं, सामाजिक तनाव की आशंका और आम नागरिकों की शिकायतों के निराकरण जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी चर्चा हुई। प्रशासन का जोर इस बात पर रहा कि छोटी समस्याओं को समय रहते सुलझाया जाए, ताकि वे आगे चलकर गंभीर विवाद या कानून-व्यवस्था की चुनौती न बनें।

संवेदनशील मामलों और सोशल मीडिया पर रहेगी नजर

कलेक्टर कुणाल दुदावत ने अधिकारियों को धार्मिक एवं संवेदनशील विषयों से जुड़े घटनाक्रमों पर विशेष सतर्कता बरतने और प्रत्येक मामले में निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। असामाजिक एवं अवैध गतिविधियों में संलिप्त व्यक्तियों की पहचान करने के साथ संवेदनशील क्षेत्रों और विवाद की आशंका वाले बिंदुओं को चिह्नित करने के निर्देश दिए गए।

सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाली पोस्ट और संदेशों की नियमित निगरानी पर भी जोर दिया गया। भ्रामक जानकारी, अफवाह या कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने वाली सामग्री सामने आने पर नियमानुसार कार्रवाई करने को कहा गया। प्रशासन की प्राथमिकता यह है कि किसी भी घटना को लेकर भ्रम या तनाव फैलने से पहले स्थिति को नियंत्रित किया जा सके।

बाजारों में जाम और पटाखों की अवैध बिक्री पर सख्ती

त्योहारी सीजन में बाजारों में बढ़ने वाली भीड़ और यातायात के दबाव को देखते हुए कलेक्टर ने नगर निगम, नगर पालिका, पुलिस, परिवहन विभाग और व्यापारी संगठनों के बीच समन्वय बनाने के निर्देश दिए। दुकानों के बाहर सड़क पर सामान रखकर बिक्री करने तथा अस्थायी बाजारों के कारण जाम की स्थिति बनने पर रोक लगाने को कहा गया है। नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

पटाखों की बिक्री निर्धारित स्थलों पर लाइसेंसधारी विक्रेताओं के माध्यम से कराने और अवैध बिक्री पर रोक लगाने के निर्देश भी दिए गए। संबंधित अधिकारियों को पटाखा दुकानों एवं भंडारण स्थलों का निरीक्षण कर अग्नि सुरक्षा के इंतजाम और अग्निशमन संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया।

मिलावट, तेज आवाज और सार्वजनिक स्थानों पर शराब सेवन पर भी नजर

त्योहारों में मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ने के साथ उनकी गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग को मिठाई दुकानों, होटलों और रेस्टोरेंट में औचक जांच करने के निर्देश दिए गए। मिलावट की आशंका होने पर नमूने लेने और अनियमितता पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई करने को कहा गया।

वहीं, निर्धारित समय के बाद डीजे और लाउडस्पीकर बजाने, ध्वनि संबंधी नियमों का उल्लंघन करने तथा सार्वजनिक स्थानों पर शराब सेवन जैसी गतिविधियों पर नियंत्रण के लिए संबंधित विभागों की संयुक्त टीम बनाकर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।

एसईसीएल से जुड़े लंबित मामलों का भी होगा फॉलोअप

औद्योगिक क्षेत्रों और एसईसीएल से जुड़े स्थानीय मुद्दों को लेकर भी प्रशासन ने गंभीरता दिखाई। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को अनुविभागीय अधिकारियों के साथ बैठक कर लंबित प्रकरणों की सूची तैयार करने को कहा। इनमें किसानों और प्रभावित परिवारों के आवेदन, रोजगार से जुड़े मामले तथा धरना-प्रदर्शन एवं कानून-व्यवस्था से संबंधित विषय शामिल होंगे।

इन मामलों की नियमित समीक्षा करने और प्रत्येक पखवाड़े होने वाली बैठक में निराकरण की प्रगति देखने के निर्देश दिए गए। पुराने लंबित प्रकरणों को प्राथमिकता देकर निर्धारित समय-सीमा में समाधान करने पर जोर दिया गया, ताकि समस्याओं के लंबे समय तक लंबित रहने से असंतोष की स्थिति न बने।

एसपी का संदेश—घटना के समय संयम और त्वरित कार्रवाई जरूरी

पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी ने कहा कि सामाजिक, राजनीतिक और धार्मिक गतिविधियों सहित कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने वाले घटनाक्रमों पर सतर्कता से नजर रखना जरूरी है। उन्होंने सूचना तंत्र को मजबूत बनाए रखने और असामाजिक गतिविधियों में संलिप्त व्यक्तियों के संबंध में आवश्यक जानकारी जुटाने के निर्देश दिए।

एसपी ने अधिकारियों को यह भी स्पष्ट किया कि किसी घटना के दौरान आम नागरिकों के साथ व्यवहार संयमित, संवेदनशील और सहयोगपूर्ण होना चाहिए। एसडीएम, एसडीओपी, तहसीलदार और थाना प्रभारियों को आपसी समन्वय के साथ काम करने तथा किसी भी चुनौतीपूर्ण परिस्थिति में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।

जनता की शिकायतों को नजरअंदाज न करें अधिकारी

कलेक्टर ने आम नागरिकों की शिकायतों को गंभीरता से सुनने और उनका समयबद्ध निराकरण करने पर जोर दिया। सड़क दुर्घटनाओं में प्रभावित लोगों को तत्काल राहत उपलब्ध कराने और नियमानुसार सहायता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। साथ ही अनुविभाग और विकासखंड स्तर पर शांति समिति की बैठकें आयोजित कर जनप्रतिनिधियों, व्यापारियों एवं स्थानीय नागरिकों से संवाद बनाए रखने को कहा गया।

जिलेवासियों से अपील करते हुए कलेक्टर कुणाल दुदावत ने कहा कि त्योहारों और सार्वजनिक आयोजनों के दौरान शांति, सद्भाव एवं कानून का पालन करें। किसी भी अफवाह या अपुष्ट जानकारी को सोशल मीडिया पर साझा न करें और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तत्काल प्रशासन या पुलिस को दें।

बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रतीक जैन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लखन पटले, अपर कलेक्टर देवेंद्र पटेल एवं ओंकार यादव सहित राजस्व, पुलिस और सार्वजनिक उपक्रमों के अधिकारी उपस्थित रहे। सभी तहसीलदार और थाना प्रभारी ऑनलाइन माध्यम से बैठक में शामिल हुए।

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