180 से अधिक ग्राम पंचायतों में चल रहा निर्माण, ‘मोर गांव, मोर पानी’ अभियान के तहत जल संरक्षण के साथ ग्रामीणों को मिल रहा रोजगार
छत्तीसगढ़/कोरबा :- जिले में गिरते भूजल स्तर को सुधारने और वर्षा जल का संरक्षण कर उसे जमीन के भीतर पहुंचाने के उद्देश्य से 234 बोरवेल रिचार्ज सैंड फिल्टर पिट का निर्माण कराया जा रहा है। विकसित भारत-जी राम जी के तहत इन कार्यों के लिए 1 करोड़ 32 लाख 97 हजार रुपये स्वीकृत किए गए हैं। जिले की 180 से अधिक ग्राम पंचायतों में चल रहे इन निर्माण कार्यों से जहां ग्रामीणों को रोजगार के अवसर मिल रहे हैं, वहीं भूजल पुनर्भरण को बढ़ावा देकर भविष्य में जल संकट की चुनौती से निपटने की दिशा में भी प्रयास किए जा रहे हैं।
कलेक्टर कुणाल दुदावत के निर्देशन तथा जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रतीक जैन के मार्गदर्शन में जिले में जल संरक्षण और संवर्धन से संबंधित कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है। ‘मोर गांव, मोर पानी’ अभियान के तहत वर्षा जल संचयन, भूजल पुनर्भरण और प्राकृतिक जल स्रोतों के संरक्षण के लिए विभिन्न संरचनाओं का निर्माण कराया जा रहा है।
बारिश का पानी जमीन के भीतर पहुंचाने की व्यवस्था
बोरवेल रिचार्ज सैंड फिल्टर पिट ऐसी संरचना है, जिसके माध्यम से वर्षा जल को रेत और अन्य फिल्टर सामग्री से छानकर जमीन के भीतर पहुंचाया जाता है। इससे भूजल पुनर्भरण में मदद मिलती है और आसपास के जलस्रोतों के जलस्तर को बनाए रखने में सहायता मिल सकती है। ग्राम पंचायतों, शासकीय भवनों, स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों और सामुदायिक भवनों में ऐसी संरचनाएं वर्षा जल के बेहतर उपयोग में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।
कोरबा विकासखंड में सबसे अधिक 66 रिचार्ज पिट
जिले के पांचों विकासखंडों में आवश्यकता के अनुसार रिचार्ज पिट का निर्माण कराया जा रहा है। विकासखंडवार आंकड़ों के अनुसार कोरबा में 66, करतला में 64, पोड़ी उपरोड़ा में 61, कटघोरा में 30 और पाली में 13 रिचार्ज पिट बनाए जा रहे हैं। इस तरह जिले में कुल 234 संरचनाओं का निर्माण प्रस्तावित है।
इन संरचनाओं से विशेष रूप से उन ग्रामीण क्षेत्रों को लाभ मिलने की उम्मीद है, जहां भूजल स्तर में गिरावट की समस्या बनी हुई है। वर्षा जल का संचयन और पुनर्भरण होने से उपलब्ध जल संसाधनों का बेहतर उपयोग करने तथा पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने में भी मदद मिल सकती है।
जल संरक्षण के साथ रोजगार सृजन पर जोर
विकसित भारत-जी राम जी के तहत संचालित इन कार्यों के माध्यम से जल संरक्षण और ग्रामीण रोजगार को एक साथ बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है। वर्षा जल को व्यर्थ बहने से रोककर उसका भूजल पुनर्भरण में उपयोग करना अभियान का प्रमुख उद्देश्य है। इन प्रयासों से जिले में जल सुरक्षा को मजबूत करने और आने वाले वर्षों के लिए जल संसाधनों को संरक्षित रखने की दिशा में काम किया जा रहा है।












