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शरद पूर्णिमा पर चित्रकूट की औषधि का निःशुल्क वितरण, सैकड़ों लोगों ने लिया आयुर्वेद चिकित्सा शिविर का लाभ

लायंस क्लब कोरबा एवरेस्ट एवं आयुष मेडिकल एसोसिएशन की संयुक्त पहल, कई जिलों से पहुंचे मरीजों को मिला आयुर्वेद-योग चिकित्सा परामर्श

छत्तीसगढ़/कोरबा :-  शरद पूर्णिमा के अवसर पर 25 अक्टूबर 2026 को निहारिका स्थित महानदी कॉम्प्लेक्स के पतंजलि चिकित्सालय एवं श्री शिव औषधालय में निःशुल्क आयुर्वेद-योग चिकित्सा परामर्श एवं उपचार शिविर का आयोजन किया गया। स्वस्थ भारत, समृद्ध भारत अभियान के अंतर्गत ‘चलो आयुर्वेद की ओर’ मिशन के तहत आयोजित इस शिविर में चित्रकूट की प्रसिद्ध बताई जाने वाली श्वास एवं दमा रोग संबंधी औषधि का निःशुल्क वितरण किया गया। शिविर में सैकड़ों लोगों ने भाग लेकर औषधि प्राप्त की तथा चिकित्सकों से उसके सेवन के नियमों और खानपान संबंधी सावधानियों की जानकारी ली।

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लायंस क्लब कोरबा एवरेस्ट एवं आयुष मेडिकल एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित शिविर में कोरबा के अलावा बिलासपुर, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, मुंगेली, कवर्धा, अंबिकापुर, कोरिया, रायपुर, दुर्ग और जशपुर सहित विभिन्न जिलों से मरीज पहुंचे।

औषधि सेवन के नियमों और सावधानियों की दी जानकारी

श्री शिव औषधालय के संस्थापक नाड़ी वैद्य पंडित शिवकुमार शर्मा तथा संस्थान के चिकित्सक नाड़ी वैद्य डॉ. नागेंद्र नारायण शर्मा ने मरीजों को औषधि सेवन की विधि, खानपान और परहेज से संबंधित जानकारी दी। शिविर में पहुंचे लोगों ने निःशुल्क औषधि वितरण और परामर्श की व्यवस्था के लिए संस्थान के चिकित्सकों एवं संचालिका श्रीमती प्रतिभा शर्मा के प्रति आभार व्यक्त किया।

डॉ. नागेंद्र नारायण शर्मा ने कहा कि श्वसन संबंधी बीमारियों के पीछे वंशानुगत कारणों के साथ प्रदूषण भी एक प्रमुख कारक है। उन्होंने बताया कि श्वास एवं दमा से पीड़ित लोगों को उपचार के साथ चिकित्सकीय निर्देशों, नियमित दिनचर्या और खानपान संबंधी सावधानियों का पालन करना चाहिए। उन्होंने चित्रकूट के एक महात्मा द्वारा वर्षों के अनुसंधान के बाद तैयार की गई औषधि का उल्लेख करते हुए शरद पूर्णिमा पर इसके सेवन की परंपरा की जानकारी दी।

उन्होंने दमा को लाइलाज मानने की धारणा पर भी अपनी बात रखी और कहा कि उचित उपचार, नियम-संयम तथा चिकित्सकीय परामर्श का पालन करना जरूरी है। हालांकि, दमा के उपचार और किसी औषधि की प्रभावशीलता के संबंध में चिकित्सकीय दावों की पुष्टि वैज्ञानिक प्रमाणों के आधार पर ही की जानी चाहिए। मरीजों को निर्धारित उपचार जारी रखने तथा किसी भी दवा में बदलाव करने से पहले योग्य चिकित्सक से परामर्श लेने की सलाह दी गई।

लायंस क्लब के सदस्यों ने निभाई सहभागिता

शिविर के आयोजन में लायंस क्लब कोरबा एवरेस्ट के निदेशक लायन शिव जायसवाल, उपाध्यक्ष लायन गजेंद्र राठौड़, सचिव लायन प्रत्युष सक्सेना, कोषाध्यक्ष लायन सुधीर सक्सेना, कार्यकारिणी सदस्य लायन नेत्रनंदन साहू, लायन कमल धारिया, लायन अश्वनी बुनकर, अरुण मानिकपुरी, कुश गुप्ता, मनीष कौशिक, तोरेंद्र सिंह, महेंद्र साहू, देवबली कुंभकार, राजेश प्रजापति, सिद्धराम शाहनी, अनुराग कंवर, पिंकी बरेठ, शैल कुमारी निषाद, गुनगुन राठिया, वीरेंद्र सोनी एवं बबलू सोनी ने उपस्थित रहकर योगदान दिया।

आयोजकों के अनुसार, शिविर का उद्देश्य आयुर्वेद एवं योग के प्रति जागरूकता बढ़ाना और जरूरतमंद लोगों तक चिकित्सा परामर्श पहुंचाना था। शिविर में औषधि वितरण के साथ मरीजों को उसके सेवन संबंधी निर्देश एवं आवश्यक सावधानियों की जानकारी भी दी गई।

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