फसल नुकसान का मुआवजा जल्द देने के निर्देश, धान खरीदी केंद्रों में कर्मचारियों की सुरक्षा पर भी विशेष जोर
छत्तीसगढ़/कोरबा :- जिले में मानव-हाथी द्वंद्व की बढ़ती चुनौती के बीच प्रशासन ने ग्रामीणों और वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर सतर्कता बढ़ा दी है। कलेक्टर कुणाल दुदावत की अध्यक्षता में कलेक्टोरेट सभाकक्ष में मानव-हाथी द्वंद्व प्रबंधन के लिए गठित समिति की बैठक हुई। बैठक में हाथियों से फसल नुकसान, प्रभावित परिवारों को मुआवजा, विद्युत करंट से हाथियों की सुरक्षा, संवेदनशील धान खरीदी केंद्रों में सुरक्षा व्यवस्था और जंगलों में अवैध शराब निर्माण सहित कई मुद्दों पर चर्चा की गई।
कलेक्टर ने निर्देश दिए कि हाथियों द्वारा फसल नुकसान की स्थिति में पटवारियों से समय-सीमा के भीतर रिपोर्ट तैयार कराई जाए, ताकि प्रभावित किसानों को क्षतिपूर्ति राशि जल्द उपलब्ध कराई जा सके। उन्होंने ग्राम सभाओं के माध्यम से ग्रामीणों को मुआवजा प्रक्रिया की जानकारी देने के निर्देश भी दिए।
हाथियों को करंट से बचाने अवैध हुकिंग पर कार्रवाई
हाथी विचरण क्षेत्रों में विद्युत तारों से की जाने वाली अवैध हुकिंग को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने विद्युत विभाग को कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हाथियों को करंट की चपेट में आने से बचाने के लिए विद्युत तारों को सुरक्षित ऊंचाई पर रखा जाए। अवैध हुकिंग की सूचना मिलने पर लाइनमैन को तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए।
धान खरीदी केंद्रों में सुरक्षा व्यवस्था होगी मजबूत
हाथी प्रभावित क्षेत्रों में संचालित धान खरीदी केंद्रों को संवेदनशील केंद्र के रूप में चिन्हित कर वहां सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने पर भी चर्चा हुई। कलेक्टर ने उप-पंजीयक सहकारिता और खाद्य विभाग को निर्देशित किया कि खरीदी केंद्रों में कार्यरत कर्मचारियों को खुले में सोने से रोका जाए और उनके लिए सुरक्षित स्थान की व्यवस्था की जाए। केंद्रों में जरूरी अधोसंरचना और अन्य सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।
हाथी हमले के मृतकों और घायलों को समय पर मिले मुआवजा
कलेक्टर ने हाथी हमले में मृत व्यक्तियों के परिजनों और घायलों को मिलने वाली मुआवजा सहायता की प्रक्रिया समय पर पूरी करने के निर्देश पुलिस और वन विभाग को दिए। उनका जोर इस बात पर रहा कि प्रभावित परिवारों को सहायता राशि के लिए अनावश्यक इंतजार न करना पड़े।
अवैध शराब निर्माण पर भी होगी कार्रवाई
बैठक में जंगलों में अवैध शराब निर्माण की शिकायतों पर भी चर्चा हुई। कलेक्टर ने आबकारी विभाग को पुलिस और वन विभाग के साथ समन्वय कर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
सांपों के रेस्क्यू के लिए 10 से 15 मिनट में पहुंच सकती है टीम
वन मंडलाधिकारी जितेंद्र उपाध्याय ने बैठक के एजेंडे प्रस्तुत करते हुए बताया कि सर्पदंश तथा किंग कोबरा सहित जहरीले सांपों के रेस्क्यू के लिए वन विभाग के साथ नोवा नेचर की टीम उपलब्ध रहती है। सूचना मिलने पर टीम सामान्यतः 10 से 15 मिनट में मौके पर पहुंच सकती है। आवश्यकता पड़ने पर किसी भी विभाग द्वारा टीम को सूचना दी जा सकती है।
फसल और बाड़ियों की सुरक्षा पर भी चर्चा
किसानों द्वारा जंगली हाथियों और जंगली सूअरों से फसलों एवं सब्जियों को बचाने के लिए खेतों और बाड़ियों की घेराबंदी के मुद्दे पर भी चर्चा हुई। बाजार में तार फेंसिंग के लिए उपयोग होने वाले तारों की बिक्री संबंधी सूची वन परिक्षेत्र कार्यालय में उपलब्ध कराने का सुझाव दिया गया, ताकि आवश्यकता पड़ने पर निगरानी एवं कार्रवाई की जा सके।
बैठक में नगर निगम आयुक्त आशुतोष पांडे सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। प्रशासन ने मानव-हाथी द्वंद्व की घटनाओं को कम करने के लिए विभागों के बीच बेहतर समन्वय और संवेदनशील क्षेत्रों में सतत निगरानी पर जोर दिया।












