HomeBreaking Newsघाट और ब्लैक स्पॉट पर हादसे रोकने कलेक्टर सख्त, क्रैश बैरियर से...

घाट और ब्लैक स्पॉट पर हादसे रोकने कलेक्टर सख्त, क्रैश बैरियर से लेकर रोशनी तक के इंतजाम होंगे मजबूत

कटघोरा-अंबिकापुर NH के संवेदनशील हिस्सों में सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता; ओवरस्पीड, नशे में ड्राइविंग और यातायात नियम तोड़ने वालों पर एसपी ने कार्रवाई के दिए निर्देश

छत्तीसगढ़/कोरबा :-  जिले में लगातार सामने आ रही सड़क दुर्घटनाओं को लेकर प्रशासन और पुलिस ने अब सड़क सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में कदम तेज कर दिए हैं। कलेक्टर कुणाल दुदावत एवं पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी की अध्यक्षता में आयोजित जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में दुर्घटना संभावित क्षेत्रों, ब्लैक स्पॉट और राष्ट्रीय राजमार्गों की सुरक्षा व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की गई।   

- Advertisement -

बैठक में सबसे ज्यादा जोर कटघोरा-अंबिकापुर राष्ट्रीय राजमार्ग के घाट क्षेत्रों और अन्य संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा इंतजामों को मजबूत करने पर रहा। कलेक्टर ने एनएचएआई को घाट क्षेत्रों के पूरे हिस्से में क्रैश बैरियर लगाने तथा पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही ब्लैक स्पॉट और तीखे मोड़ों पर सड़क सुरक्षा से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने को कहा गया है।

हादसे वाले स्थानों पर अब नजर, सुरक्षा उपकरण लगाने में तेजी

कलेक्टर ने चिन्हांकित स्थानों पर रंबल स्ट्रिप, रोड शोल्डर, क्रैश बैरियर और स्पीडोमीटर लगाने की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि केवल सड़क निर्माण पर्याप्त नहीं है, बल्कि सड़क की संरचनात्मक सुरक्षा भी मजबूत होनी चाहिए।

इसके लिए आवश्यक स्थानों पर रोड मार्किंग, कर्व वाले क्षेत्रों में कैटआई, क्षतिग्रस्त अथवा निम्न स्तर के रोड शोल्डर की मरम्मत, रेडियमयुक्त चेतावनी एवं संकेतक बोर्ड, स्पीड ब्रेकर, रंबल स्ट्रिप और डेलिनेटर की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया।

सवाल सिर्फ सड़क का नहीं, सड़क पर चलने वालों की सुरक्षा का भी

बैठक में सड़क सुरक्षा को लेकर प्रशासन का फोकस केवल इंफ्रास्ट्रक्चर तक सीमित नहीं रहा। कलेक्टर ने यातायात नियमों का कड़ाई से पालन कराने और संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

वहीं, एसपी सिद्धार्थ तिवारी ने ओवरस्पीड और शराब के नशे में वाहन चलाने वालों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। बिना हेलमेट वाहन चलाने, तीन सवारी बैठाने, बिना नंबर प्लेट वाहन चलाने और नो-पार्किंग क्षेत्र में वाहन खड़ा करने वालों के खिलाफ नियमित अभियान चलाने को कहा गया।

नाबालिगों की ड्राइविंग पर भी रहेगी विशेष नजर

पुलिस अधीक्षक ने नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने की स्थिति पर विशेष निगरानी रखने के साथ जागरूकता और कार्रवाई का अभियान चलाने के निर्देश दिए। ऐसे मामलों में केवल वाहन चालक ही नहीं, बल्कि अभिभावकों की जिम्मेदारी को लेकर भी जागरूकता बढ़ाने की जरूरत बताई गई।

हादसा होने के बाद जिंदगी बचाने पर भी प्रशासन का जोर

बैठक में दुर्घटना के बाद घायलों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने पर भी विशेष चर्चा हुई। कलेक्टर ने सड़क दुर्घटनाओं में घायल व्यक्तियों को पीएम राहत योजना के अंतर्गत समय पर उपचार की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए प्रकरण दर्ज करने के निर्देश दिए।

स्वास्थ्य विभाग को जिले के सभी शासकीय एवं निजी अस्पतालों में पात्र घायलों को योजना का लाभ दिलाने के लिए आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य केंद्रों, पंचायत भवनों और प्रमुख स्थानों पर बैनर-पोस्टर के माध्यम से योजना का प्रचार-प्रसार करने के निर्देश भी दिए गए।

राहवीर योजना को लेकर भी जागरूकता बढ़ाने के निर्देश

सड़क दुर्घटना के समय घायल व्यक्ति के लिए शुरुआती कुछ मिनट बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। इसी को देखते हुए कलेक्टर ने राहवीर योजना के प्रति आम लोगों में जागरूकता बढ़ाने के निर्देश दिए, ताकि दुर्घटना के समय लोग बिना झिझक घायलों की तत्काल मदद के लिए आगे आ सकें।

अब देखना होगा निर्देश जमीन पर कितने उतरते हैं

कटघोरा-अंबिकापुर मार्ग सहित जिले के दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में क्रैश बैरियर, पर्याप्त रोशनी, रोड मार्किंग, संकेतक और अन्य सुरक्षा उपकरण लगाने के निर्देश निश्चित रूप से महत्वपूर्ण हैं। लेकिन सड़क हादसों पर वास्तविक अंकुश तभी संभव होगा, जब इन निर्देशों का समय-सीमा में धरातल पर क्रियान्वयन हो और यातायात नियमों के उल्लंघन पर लगातार प्रभावी कार्रवाई जारी रहे।

बैठक में वनमंडलाधिकारी कटघोरा जितेंद्र उपाध्याय, जिला पंचायत सीईओ प्रतीक जैन, नगर निगम आयुक्त आशुतोष पाण्डेय, ओएसडी तरुण कुमार किरण, सहायक कलेक्टर ईशांत जायसवाल, अपर कलेक्टर देवेंद्र पटेल, जिला परिवहन अधिकारी अतुल कुमार असैय्या सहित लोक निर्माण विभाग, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, एसईसीएल, बालको एवं विभिन्न औद्योगिक प्रतिष्ठानों के अधिकारी उपस्थित रहे।

Must Read