राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री तक मांग पहुंचाने की पहल, राज्य की संस्कृति और पहचान को राष्ट्रीय मंच देने की अपील
छत्तीसगढ़/कोरबा :- छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना ने छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस को राष्ट्रीय स्तर पर ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना के अनुरूप मनाए जाने की मांग की है। इस संबंध में संगठन के जिला महामंत्री श्री टीकाराम सूर्यवंशी ने 23 अक्टूबर को जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर राज्य की समृद्ध संस्कृति, परंपराओं और छत्तीसगढ़िया अस्मिता को राष्ट्रीय पहचान दिलाने के लिए आवश्यक पहल करने का आग्रह किया।
ज्ञापन में कहा गया है कि छत्तीसगढ़ ऊर्जा की राजधानी और खनिज संपदा से समृद्ध राज्य होने के साथ-साथ अपनी विशिष्ट सांस्कृतिक विरासत के लिए भी जाना जाता है। ‘छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया’ केवल एक नारा नहीं, बल्कि यहां के लोगों की पहचान, स्वाभिमान और सांस्कृतिक एकजुटता का प्रतीक है। राज्य की लोककला, भाषा, परंपराओं और उत्सवों में छत्तीसगढ़ की विशिष्ट पहचान झलकती है।
संगठन ने कहा कि जिस प्रकार देश के विभिन्न राज्यों के प्रमुख सांस्कृतिक आयोजनों को सम्मान और व्यापक पहचान मिलती है, उसी तरह छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस को भी राष्ट्रीय स्तर पर विशेष महत्व दिया जाना चाहिए। इससे राज्य की सांस्कृतिक विरासत को देशभर में पहचान मिलेगी और विभिन्न राज्यों के बीच आपसी सद्भाव एवं सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा मिलेगा।
छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना ने ज्ञापन के माध्यम से राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन तथा छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री, राज्यपाल और संबंधित विभागों तक इस मांग को पहुंचाने का आग्रह किया है। संगठन ने कहा कि छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस को राष्ट्रीय स्तर पर मनाने की पहल राज्य के नागरिकों में अपनी संस्कृति के प्रति गर्व और नई पीढ़ी में अपनी परंपराओं को जानने की प्रेरणा पैदा करेगी।
ज्ञापन की प्रतिलिपि राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री, राज्यपाल, गृह मंत्रालय के प्रमुख सचिव, संस्कृति मंत्री तथा भाजपा की प्रदेश प्रभारी स्मृति ईरानी को भी आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजी गई है।
संगठन ने प्रशासन से मांग की है कि छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए सकारात्मक पहल की जाए, ताकि प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को देश के व्यापक मंच पर सम्मान मिल सके।












