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कोरबा की 9 प्रमुख जनसमस्याओं को लेकर ‘जनहित अभियान’, आप ने उठाए सड़क और एनएच की गुणवत्ता पर सवाल

जिलाध्यक्ष बोले- हर साल बनने और एक साल में उखड़ने वाली सड़कें नहीं चाहिए, एनएच पर पशुओं की मौजूदगी से हादसों का खतरा; जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की मांग

छत्तीसगढ़/कोरबा :-  जिले की विभिन्न जनसमस्याओं को लेकर आम आदमी पार्टी (आप) जिला इकाई कोरबा ने ‘जनहित अभियान’ शुरू किया है। अभियान के तहत पार्टी ने सड़क, रेल, बिजली, स्वास्थ्य, शिक्षा, ग्रामीण विकास और किसानों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाते हुए शासन-प्रशासन से समयबद्ध समाधान की मांग की है। बुधवार को कोरबा प्रेस क्लब के तिलक भवन में आयोजित प्रेस वार्ता में पार्टी नेताओं ने जिले की नौ प्रमुख जनसमस्याओं को सामने रखा और मांगें पूरी नहीं होने पर चरणबद्ध लोकतांत्रिक आंदोलन की चेतावनी दी।

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प्रेस वार्ता को आप के प्रदेश प्रवक्ता आनंद सिंह, प्रदेश संगठन मंत्री जगलाल राठिया और जिलाध्यक्ष रिचर्ड डेबिट लोगन ने संबोधित किया। इस दौरान जिला संगठन मंत्री लहना सिंह, सोमराज, यूथ विंग जिलाध्यक्ष आजाद बक्स, जिला उपाध्यक्ष धर्मदास गांधी, लोकसभा उपाध्यक्ष भूषण कुर्रे, महिला जिलाध्यक्ष/उपाध्यक्ष सरोज यादव सहित पार्टी के अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

‘एक साल चलने वाली सड़क नहीं, वर्षों तक टिकने वाली सड़क चाहिए’

प्रेस वार्ता में सड़कों की गुणवत्ता को लेकर आप के जिला अध्यक्ष रिचर्ड डेबिट लोगन ने गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जिले में ऐसी सड़कें नहीं चाहिए जो बनने के बाद मुश्किल से एक वर्ष चलें और अगले वर्ष फिर से उनके निर्माण या मरम्मत की जरूरत पड़ जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि कई स्थानों पर सड़क निर्माण की गुणवत्ता को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं और एक वर्ष के भीतर ही सड़कें उखड़ने लगती हैं।

उन्होंने कहा कि जनता के पैसे से बार-बार सड़क बनाना और फिर उसके खराब होने पर दोबारा निर्माण या मरम्मत कराना किसी स्थायी समाधान का विकल्प नहीं हो सकता। सड़क निर्माण में गुणवत्ता, निर्धारित मानकों और जवाबदेही को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। यदि कोई सड़क निर्माण के कुछ समय बाद ही खराब हो जाती है तो इसकी तकनीकी जांच कराकर संबंधित ठेकेदार और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जानी चाहिए।

आप ने मांग की कि सड़क निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की नियमित जांच हो, घटिया निर्माण पाए जाने पर संबंधित ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाए तथा निर्धारित अवधि में सड़क खराब होने पर जिम्मेदारी तय कर आवश्यक मरम्मत कराई जाए।

एनएच की सड़कों पर भी उठे सवाल, ‘नियमों का पालन कौन करवाएगा?’

आप जिलाध्यक्ष ने राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) की सड़कों पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्गों पर सड़क के दोनों ओर सुरक्षा के लिए बैरिकेडिंग और अन्य व्यवस्थाएं की जाती हैं, ताकि जंगली जानवर या पशु अचानक मुख्य सड़क पर न पहुंच सकें। लेकिन इसके बावजूद कई स्थानों पर एनएच की सड़कों पर आवारा पशु बैठे या घूमते हुए दिखाई देते हैं।

उन्होंने कहा कि यदि एनएच के निर्धारित सुरक्षा नियमों का पालन नहीं हो रहा है तो इसकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। एनएच से जुड़े अधिकारी और संबंधित ठेकेदार यदि अपनी जिम्मेदारी ठीक से निभा रहे हैं तो फिर सड़क पर आवारा पशु और अन्य जानवर पहुंच कैसे रहे हैं? यह सवाल दुर्घटनाओं की बढ़ती घटनाओं के बीच गंभीरता से लिया जाना चाहिए।

आप जिलाध्यक्ष ने आरोप लगाया कि नियमों के पालन और सड़क सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी में लापरवाही के कारण दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि पशुओं और जंगली जानवरों के सड़क पर आने से न केवल उनकी जान खतरे में पड़ती है, बल्कि वाहन चालकों और यात्रियों के लिए भी गंभीर दुर्घटना की स्थिति बन जाती है।

‘क्या सिर्फ टोल वसूली के लिए बनाई गई हैं सड़कें?’

आप नेताओं ने एनएच की व्यवस्था को लेकर यह भी सवाल उठाया कि यदि सड़क निर्माण के साथ सुरक्षा मानकों और निर्धारित नियमों का पालन नहीं कराया जाता तो इसकी जवाबदेही किसकी होगी। पार्टी ने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग केवल आवागमन और टोल वसूली तक सीमित व्यवस्था नहीं हैं, बल्कि वहां सुरक्षित यातायात सुनिश्चित करना भी संबंधित एजेंसियों की जिम्मेदारी है।

जिलाध्यक्ष ने कहा कि एनएच से संबंधित अधिकारियों और ठेकेदारों को सड़क सुरक्षा के सभी निर्धारित नियमों का पालन सुनिश्चित करना चाहिए। यदि लापरवाही के कारण पशु या जंगली जानवर दुर्घटना का शिकार होते हैं अथवा सड़क दुर्घटनाओं में लोगों की जान जाती है तो मामले की जांच कर जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जानी चाहिए।

उन्होंने एनएच के संबंधित अधिकारियों और सड़क निर्माण एवं रखरखाव करने वाले ठेकेदारों की भूमिका की जांच कराने की मांग करते हुए कहा कि सड़क निर्माण की गुणवत्ता, सुरक्षा मानकों और रखरखाव में किसी भी तरह की लापरवाही को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।

हर साल मरम्मत नहीं, गुणवत्ता की स्थायी व्यवस्था हो

आप ने कहा कि सड़क निर्माण में केवल तत्काल मरम्मत या पैचवर्क से समस्या का समाधान नहीं होगा। सड़क की गुणवत्ता, निर्माण सामग्री, तकनीकी मानकों और निर्माण की निगरानी की व्यवस्था को मजबूत करना जरूरी है। पार्टी ने मांग की कि जिन सड़कों की हालत निर्माण के एक वर्ष के भीतर खराब हो जाती है, उनकी गुणवत्ता की जांच कर जिम्मेदार एजेंसी या ठेकेदार के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए और सड़क का समय पर स्थायी सुधार कराया जाए।

रेल, बिजली, स्वास्थ्य और शिक्षा सहित नौ मुद्दे उठाए

प्रेस वार्ता में पार्टी ने कोरबा जिले के लिए नई ट्रेनों के परिचालन, प्रमुख ट्रेनों के ठहराव और यात्री सुविधाओं में सुधार की मांग की। सड़कों पर आवारा मवेशियों के स्थायी प्रबंधन, बिजली बिलों में राहत, जर्जर सड़कों के पुनर्निर्माण, सरकारी अस्पतालों में डॉक्टर एवं पैरामेडिकल स्टाफ की उपलब्धता, आवश्यक दवाइयों और जांच सुविधाओं की व्यवस्था की मांग भी रखी गई।

इसके अलावा सरकारी स्कूलों के जर्जर भवनों के जीर्णोद्धार, पर्याप्त शिक्षकों की पदस्थापना, पेयजल एवं शौचालय की व्यवस्था, ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क-नाली-पेयजल एवं स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार तथा किसानों की सिंचाई, कृषि लागत, फसल मूल्य और कृषि बिजली से जुड़ी समस्याओं के समाधान की मांग की गई।

सुनालिया पुल से सीतामढ़ी मार्ग की खराब स्थिति को लेकर भी पार्टी ने तत्काल मरम्मत की मांग की।

‘जनता के पैसे का हिसाब और काम की गुणवत्ता दोनों जरूरी’

आप नेताओं ने कहा कि जनता विकास कार्यों के लिए सरकार को कर और अन्य माध्यमों से धन देती है। ऐसे में उस धन से बनने वाली सड़कें लंबे समय तक टिकाऊ हों और उनका निर्माण निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुसार हो, यह सुनिश्चित करना जरूरी है। पार्टी ने कहा कि बार-बार सड़क बनाने की स्थिति पैदा होने के बजाय निर्माण की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर ध्यान दिया जाना चाहिए।

पार्टी पदाधिकारियों ने बताया कि आने वाले दिनों में इन सभी मुद्दों को लेकर संबंधित अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा जाएगा। यदि समस्याओं पर समयबद्ध और ठोस कार्रवाई नहीं होती है तो आम आदमी पार्टी द्वारा लोकतांत्रिक तरीके से चरणबद्ध जनआंदोलन किया जाएगा।

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