नशा मुक्ति अभियान में लापरवाही पर समाज कल्याण उप संचालक का वेतन रोकने के आदेश, टीएल बैठक में कलेक्टर कुणाल दुदावत का सख्त रुख
छत्तीसगढ़/कोरबा :- समय-सीमा (टीएल) की समीक्षा बैठक में कलेक्टर कुणाल दुदावत ने प्रशासनिक लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाते हुए कई अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। लंबित प्रकरणों के निराकरण में उदासीनता और शासन की प्राथमिकता वाले कार्यक्रमों में अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखाने पर कलेक्टर ने नोटिस जारी करने से लेकर वेतन रोकने तक की कार्रवाई के निर्देश दिए।
बैठक में कलेक्टर ने पाली नगर पंचायत के सीएमओ और छुरी नगर पंचायत के सीएमओ को टीएल प्रकरणों के समय पर निराकरण नहीं करने पर कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
इसी प्रकार जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) तथा पाली के विकासखंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) के विरुद्ध भी टीएल प्रकरणों के निराकरण में लापरवाही पाए जाने पर नोटिस जारी करने के साथ उनका वेतन रोकने के निर्देश दिए गए।
वहीं नशा मुक्ति अभियान में अपेक्षित रुचि और सक्रियता नहीं दिखाने पर समाज कल्याण विभाग के उप संचालक का वेतन रोकने के भी निर्देश कलेक्टर ने दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि शासन की प्राथमिकता वाले अभियानों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
बैठक के दौरान कलेक्टर ने सभी विभागीय अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि टीएल, मुख्यमंत्री जनदर्शन, प्रधानमंत्री कार्यालय और सीएम हेल्पलाइन से संबंधित प्रकरणों का समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित किया जाए। यदि किसी भी विभाग में अनावश्यक लंबित प्रकरण पाए गए तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध व्यक्तिगत जवाबदेही तय कर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
इसके अलावा कलेक्टर ने बारिश से क्षतिग्रस्त सड़कों, पुल-पुलियों और अन्य शासकीय संरचनाओं की तत्काल जानकारी उपलब्ध कराने, शासकीय भूमि पर प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत हो रहे निर्माण पर रोक लगाने, मौसमी बीमारियों की रोकथाम, दूरस्थ क्षेत्रों में विद्युतीकरण, अपार आईडी एवं जन्म प्रमाण-पत्र निर्माण, कृमिनाशक दवा अभियान तथा लंबित राजस्व प्रकरणों के शीघ्र निराकरण के भी निर्देश दिए।
कलेक्टर के इस सख्त रुख को प्रशासनिक व्यवस्था में जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में बड़ा संदेश माना जा रहा है। स्पष्ट संकेत है कि अब शासन की योजनाओं और जनहित से जुड़े कार्यों में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के विरुद्ध सीधे कार्रवाई की जाएगी।












