इकलौते पुत्र चंद्रमणि रात्रे को नम आंखों से विदाई, अपने ही अधिकारी के बेटे के कातिलों का इंतजार करती रही पुलिस; एसपी बोले- कितने भी ताकतवर हों, कानून से नहीं बचेंगे

बुधवारी बायपास कांड में मौत के बाद हत्या में तब्दील हुआ मामला, डीजल चोरी गिरोह से जुड़ रहे तार

छत्तीसगढ़/कोरबा :-  बुधवारी बायपास मार्ग पर 6-7 जून की दरम्यानी रात हुए सनसनीखेज घटनाक्रम में गंभीर रूप से घायल पुलिस विभाग कोरबा में पदस्थ सहायक उप निरीक्षक (एएसआई) रामनारायण रात्रे के इकलौते पुत्र चंद्रमणि उर्फ दादू रात्रे ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। रायपुर स्थित रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल में 12 जून को उनकी मृत्यु के बाद अब यह मामला हत्या में तब्दील हो गया है। शनिवार 13 जून को उनके गृह ग्राम पंतोरा से लगे गांव बकसरा (जिला जांजगीर-चांपा) में गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार किया गया, जहां पुलिस विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।

जानकारी के अनुसार घटना की रात बोलेरो वाहन की टक्कर से चंद्रमणि गंभीर रूप से घायल हुए थे। हादसे के बाद मौके पर मौजूद युवा पत्रकार अरविंद राठौर और साथी साहिल निर्मलकर स्कूटी से बोलेरो का पीछा करते हुए बलगी मार्ग तक पहुंचे। आरोप है कि इसके बाद वेन्यू कार और मोटरसाइकिल सवार लोगों ने उनका पीछा किया तथा पत्रकार अरविंद राठौर का अपहरण कर बलगी मोड़ के पास ले जाकर 25 से 30 लोगों ने मारपीट की। पिस्टलनुमा हथियार दिखाकर हवाई फायर करने तथा नकदी, आईफोन और सोने के आभूषण लूट लेने का भी आरोप लगाया गया है।

घटना के तीन दिन बाद संबंधित वेन्यू कार लावारिस हालत में बरामद हुई, जबकि पत्रकार का मोबाइल मिलने के बाद उसे बांकीमोंगरा थाना में जमा कराया गया। घायल चंद्रमणि रात्रे की मौत के बाद पूरा मामला और गंभीर हो गया है। सूत्रों के अनुसार दो संदिग्धों को हिरासत में लिए जाने की चर्चा है, लेकिन इसकी अधिकृत पुष्टि नहीं हुई है।

डीजल चोरी गिरोह से जुड़ रहे तार, कई क्षेत्रों के नाम चर्चा में

सूत्रों के मुताबिक इस पूरे घटनाक्रम में सामने आ रहे कुछ नामों का संबंध बांकीमोंगरा, कुसमुंडा, गेवरा और दीपका क्षेत्र से बताया जा रहा है तथा इनके तार कथित डीजल चोरी गिरोह से जुड़े होने की चर्चा है। घटना के दूसरे दिन ही एक आरोपी की पहचान पुलिस को बताए जाने के बावजूद अब तक किसी गिरफ्तारी की आधिकारिक घोषणा नहीं होने से सवाल खड़े हो रहे हैं।

वहीं पत्रकार के अपहरण, मारपीट और लूट के मामले में कुछ संदेहियों के साथ कथित मेलजोल को लेकर बांकीमोंगरा थाना के कुछ पुलिसकर्मियों की भूमिका पर भी चर्चाएं तेज हैं। हालांकि इन दावों की अब तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

अपने ही अधिकारी के बेटे के कातिलों की तलाश में पुलिस, उठ रहे कई सवाल

घटना के छह दिन बाद भी पुलिस अधिकारियों की ओर से स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आने से लोगों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं हैं। आमजन का कहना है कि जब एक पुलिस अधिकारी का इकलौता पुत्र इस घटना का शिकार हुआ है, तब भी आरोपियों तक पहुंचने में हो रही देरी कई सवाल खड़े कर रही है।

इस बीच जिला पुलिस अधीक्षक ने सूत्रों के हवाले से स्पष्ट संदेश दिया है कि आरोपी कितने भी प्रभावशाली या ताकतवर क्यों न हों, वे कानून की प्रक्रिया से बच नहीं पाएंगे। फिलहाल पूरे मामले में पुलिस की अगली कार्रवाई और आरोपियों की गिरफ्तारी पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।