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बरसते पानी में बाइक से पहुंचविहीन गांव पहुंचे जिला पंचायत सीईओ, वनांचल में विकास कार्यों का लिया जायजा

छत्तीसगढ़/कोरबा :-  लगातार बारिश और दुर्गम रास्तों के बीच जिला पंचायत कोरबा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) प्रतीक जैन ने शुक्रवार को जिले के सुदूर वनांचल क्षेत्र नकिया और देवपहरी का मैदानी दौरा कर विकास कार्यों का निरीक्षण किया। ग्राम पंचायत बेला के आश्रित पहुंचविहीन गांव टापरा तक वे मोटरसाइकिल से पहुंचे और निर्माणाधीन कार्यों का स्थल पर निरीक्षण कर अधिकारियों को गुणवत्ता एवं समय-सीमा का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए।   
सीईओ ने टापरा में निर्माणाधीन प्राथमिक शाला भवन का निरीक्षण कर कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। बरसात के कारण प्रभावित नालों और मिट्टी कटाव वाले क्षेत्रों का भी उन्होंने बाइक से पहुंचकर निरीक्षण किया तथा संबंधित अधिकारियों को स्थायी और सुरक्षित समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
दौरे के दौरान देवपहरी और नकिया क्षेत्र में निर्माणाधीन स्कूल भवन, आंगनबाड़ी केंद्र, पीएम जनमन आवास सहित विभिन्न विकास कार्यों का भी जायजा लिया गया। ग्राम पंचायत चुईया के भटगांव, देवपहरी के बरपानी और देवद्वारी में निवासरत पहाड़ी कोरवा परिवारों से आवास निर्माण में आ रही समस्याओं की जानकारी लेते हुए सीईओ ने सरपंच, सचिव और आवास समन्वयकों को हितग्राहियों को हरसंभव सहयोग उपलब्ध कराकर आवास निर्माण शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान लंबे समय से बंद और अधूरे पड़े निर्माण कार्यों को तत्काल पुनः प्रारंभ कर जल्द पूरा करने के निर्देश भी दिए गए। इसके अलावा गोबर गैस प्लांट एवं एफएसटीपी (फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट) का निरीक्षण कर उनके बेहतर संचालन और रखरखाव के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
सीईओ ने आजीविका गतिविधियों से जुड़ी स्व-सहायता समूह की महिलाओं से भी संवाद किया। उन्होंने उत्पादों की गुणवत्ता, विपणन और आय बढ़ाने के उपायों पर चर्चा करते हुए महिलाओं का उत्साहवर्धन किया तथा आजीविका गतिविधियों के विस्तार के लिए प्रेरित किया।
दौरे के अंत में सीईओ प्रतीक जैन ने जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, आरईएस के एसडीओ, कार्यक्रम अधिकारी, आवास समन्वयकों एवं तकनीकी अमले को सभी विकास कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक निर्माण कार्य स्वीकृत प्राक्कलन के अनुरूप गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ पूरा होना चाहिए, ताकि दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों के लोगों को शासन की योजनाओं का लाभ समय पर मिल सके।

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