45 जिला अध्यक्षों, वरिष्ठ पदाधिकारियों और प्रांतीय पर्यवेक्षकों की सर्वसम्मति से हुआ चयन, शिक्षक संघों सहित विभिन्न संगठनों ने दी बधाई
छत्तीसगढ़/कोरबा :- शिक्षक एवं कर्मचारी हितों के लिए पिछले 20 वर्षों से निरंतर सक्रिय विपिन यादव को छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन, जिला कोरबा का जिला उप संयोजक नियुक्त किया गया है। फेडरेशन की बैठक में जिले के 45 जिला अध्यक्षों, वरिष्ठ पदाधिकारियों तथा प्रदेश से पहुंचे प्रांतीय पर्यवेक्षकों की सर्वसम्मति से उन्हें यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई।
विपिन यादव लंबे समय से शिक्षक एवं कर्मचारी हितों से जुड़े मुद्दों को उठाने, कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा करने तथा उनकी समस्याओं के निराकरण के लिए प्रयासरत रहे हैं। संगठनात्मक गतिविधियों में उनकी सक्रियता, दो दशक का अनुभव और कर्मचारी हितों के प्रति समर्पण को देखते हुए उन्हें यह दायित्व सौंपा गया है।
जिला उप संयोजक के रूप में विपिन यादव जिले के विभिन्न विभागों के कर्मचारी-अधिकारियों के बीच समन्वय स्थापित करने, उनकी जायज मांगों को उचित मंच तक पहुंचाने और समस्याओं के समाधान के लिए संगठनात्मक स्तर पर प्रयास करेंगे। उनकी नियुक्ति से जिले में कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन की गतिविधियों को और गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
संगठन के विश्वास पर खरा उतरने का दिया भरोसा
नई जिम्मेदारी मिलने पर विपिन यादव ने फेडरेशन के वरिष्ठ पदाधिकारियों, 45 जिला अध्यक्षों, प्रांतीय पर्यवेक्षकों और सहयोगी साथियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि संगठन ने उन पर जो विश्वास जताया है, उस पर खरा उतरने के लिए वे पूरी निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ कार्य करेंगे। कर्मचारी-अधिकारी हितों की रक्षा, उनकी समस्याओं के समाधान और संगठन की एकता को मजबूत बनाना उनकी प्राथमिकता रहेगी।
उन्होंने कहा कि किसी भी संगठन की असली ताकत उसकी एकता, आपसी विश्वास और सामूहिक प्रयासों में होती है। वे सभी कर्मचारी-अधिकारी साथियों को साथ लेकर चलने और उनके हितों के लिए निरंतर प्रयास करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
शिक्षक संघों सहित विभिन्न संगठनों ने दी बधाई
विपिन यादव को जिला उप संयोजक की जिम्मेदारी मिलने पर जिले के शिक्षक जय कुमार राठौर, विनय शुक्ला, डॉ. अजय प्रताप सिंह सहित विभिन्न शिक्षक संघों एवं विभागीय संगठनों के पदाधिकारियों ने उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। पदाधिकारियों ने उम्मीद जताई कि उनके अनुभव और सक्रियता से कर्मचारी-अधिकारी हितों से जुड़े मुद्दों को मजबूती मिलेगी तथा संगठनात्मक एकता और मजबूत होगी।












