छत्तीसगढ़/कोरबा:- साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) की कुसमुंडा खदान क्षेत्र में मंगलवार, 4 अगस्त 2026 को सतर्कता चौक के पास तेज रफ्तार भारी वाहन की चपेट में आने से जपेली निवासी बहारता (उर्फ दीवान दास), उम्र 48 वर्ष की दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद क्षेत्र में भारी आक्रोश फैल गया और स्थानीय ग्रामीणों, श्रमिक संगठनों एवं जनप्रतिनिधियों ने मृतक परिवार को न्याय दिलाने की मांग को लेकर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया।
प्रदर्शन के दौरान लगातार नारेबाजी हुई और लोगों ने आरोप लगाया कि पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था के अभाव तथा सुरक्षा अधिकारियों की लापरवाही के कारण खदान क्षेत्र में लगातार सड़क हादसे हो रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यदि समय रहते प्रभावी सुरक्षा उपाय किए गए होते, तो यह दुखद घटना टाली जा सकती थी।
आंदोलन के दौरान SECL अधिकारियों और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई चर्चा के बाद मृतक के परिवार को पांच सदस्यों को रोजगार तथा ₹5 लाख की तत्काल आर्थिक सहायता प्रदान किए जाने की घोषणा की गई। साथ ही अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि दुर्घटना बीमा एवं अन्य सभी लागू प्रावधानों के अनुसार मिलने वाले मुआवजे और लाभों का भी नियमानुसार भुगतान किया जाएगा। अधिकारियों के लिखित एवं मौखिक आश्वासन के बाद प्रदर्शनकारियों ने आंदोलन को स्थगित कर दिया।
धरना-प्रदर्शन में छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना गैर राजनीतिक संगठन के प्रदेश संगठन मंत्री उमागोपाल, जिला संयोजक अतुल दास महंत, श्रम सेवा भू-स्थापित कामगार संगठन के संस्थापक अशोक पटेल,कुसमुंडा खदान अध्यक्ष कैलाश साहू और पीड़ित परिवार के पवन दास महंत सहित आसपास के गांवों के बड़ी संख्या में ग्रामीण और श्रमिक मौजूद रहे।
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि भविष्य में खदान क्षेत्र में भारी वाहनों की आवाजाही के लिए सुरक्षा के ठोस उपाय नहीं किए गए और दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण नहीं हुआ, तो इससे भी बड़ा जनआंदोलन किया जाएगा।












