छत्तीसगढ़/बिलासपुर-कोरबा :- भारतीय जनाधिकार पार्टी (छत्तीसगढ़) ने 23 सितंबर को साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) के बिलासपुर मुख्यालय के समक्ष धरना-प्रदर्शन कर ACB समूह की विभिन्न कोल वाशरियों, कोयला परिवहन, रेलवे साइडिंग एवं संबद्ध ताप विद्युत परियोजनाओं में वर्ष 1999 से अब तक कथित वित्तीय एवं प्रशासनिक अनियमितताओं की CBI तथा उच्चस्तरीय SIT से जांच कराने की मांग की। प्रदर्शन के बाद SECL प्रबंधन को ज्ञापन भी सौंपा गया।
पार्टी ने मांग की कि वर्ष 1999 से वर्तमान तक के अभिलेखों के आधार पर वित्तीय एवं डिजिटल फोरेंसिक ऑडिट के साथ भौतिक सत्यापन कराया जाए। स्वीकृत क्षमता और वास्तविक उत्पादन व प्रसंस्करण का वर्षवार मिलान करते हुए कच्चे तथा रिजेक्ट कोयले के परिवहन, वाशरी में प्रसंस्करण और अंतिम उपयोग का वैज्ञानिक हिसाब निकाला जाए।
प्रदर्शनकारियों ने दीपका क्षेत्र में पर्यावरणीय प्रभावों की स्वतंत्र जांच, वायु, जल, भूजल, कृषि एवं जनस्वास्थ्य पर वैज्ञानिक सर्वे तथा ग्रामसभा की सहमति एवं वनाधिकारों से जुड़े मामलों की जांच की मांग भी रखी। इसके अलावा वर्ष 2015 से औद्योगिक डीजल/बायोडीजल की खरीद, कंपनियों को मिली कर छूट एवं सरकारी प्रोत्साहनों का वर्षवार परीक्षण कराने की मांग की गई।
पार्टी ने तौल कांटा सर्वर, GPS, FASTag, ANPR, CCTV, RFID, CEMS और ERP/SAP से जुड़े डिजिटल डेटा को सुरक्षित रखने के निर्देश जारी करने की मांग की। श्रमिकों के न्यूनतम वेतन, EPF, ESIC और सुरक्षा मानकों की जांच के साथ निरीक्षण में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की बात भी कही गई।
प्रदेश संयोजक दीपक दुबे ने आरोप लगाया कि रिजेक्ट कोल और उच्च गुणवत्ता वाले कोयले की कथित अफरा-तफरी का मामला गंभीर है। उन्होंने 6.5 लाख टन अवैध कोयला पकड़े जाने का उल्लेख करते हुए संबंधित वाशरी संचालक पर कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कोल लेवी से जुड़े मामलों और SECL के जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की मांग की।
युवा मोर्चा के प्रदेश संयोजक संजय रत्नाकर ने कोरबा में PESA कानून और जंगल की जमीन से जुड़े मामलों की पारदर्शी जांच की मांग की। पार्टी पदाधिकारी कमल किशोर साव ने वर्ष 2015 से कंपनियों को मिली टैक्स छूट तथा बायोडीजल के कथित संदिग्ध उपयोग की जांच की मांग रखी।
धरना-प्रदर्शन को INTUC के राष्ट्रीय अध्यक्ष रजनीश सेठ तथा आम आदमी पार्टी के प्रदेश सचिव डॉ. सुनील राज किरण ने भी समर्थन दिया। उन्होंने भूविस्थापित किसानों को मुआवजा एवं रोजगार, कागजों पर संचालित विकास कार्यों तथा SECL के CSR मद की जांच की मांग की।
चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा
पार्टी ने कहा कि यदि CBI और SIT जांच को लेकर त्वरित कार्रवाई नहीं होती है तो आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा। इसके तहत 2 अक्टूबर 2026 को कलेक्टर कार्यालय कोरबा के समक्ष 24 घंटे की गांधीवादी न्याय भूख हड़ताल, 22 अक्टूबर को SECL मुख्यालय बिलासपुर के समक्ष अनिश्चितकालीन धरना तथा 1 नवंबर को केंद्रीय कोयला मंत्री के आवास, हैदराबाद (तेलंगाना) के समक्ष प्रदर्शन करने की घोषणा की गई।
प्रदर्शन में शैलेंद्र कुमार, गोपाल विन्देश सिंह राठौर, कमल किशोर साव, दिनेश यादव, संजय रत्नाकर, हेमंत पैगवार, मो. असद खान, अशफाक खान, होरी दास महंत, कृष्णा टंडन, संजय सिंह, संतोष अनंत, संतोष यादव, हेमंत पटेल, जितेंद्र कुमार, आशीष तिवारी, मारुति कुमार, पप्पू सरदार, देवेंद्र सिंह, सत्य प्रकाश किरारी, ताम्रध्वज सूर्यवंशी, जमीर कुरैशी, संजू टंडन, सुनील टंडन, बजरंग रत्नाकर, कलाराम साहू, संतोष कुर्रे, अखिलेश सिंग, किशन कुमार सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।












