सेवा संकल्प अभियान में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों ने मानव सेवा के लिए बढ़ाया कदम
छत्तीसगढ़/कोरबा :- सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित वृहद स्वास्थ्य एवं महारक्तदान शिविर में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने नेत्रदान एवं देहदान का संकल्प लेकर मानव सेवा की प्रेरक मिसाल प्रस्तुत की। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग की काउंसलर श्रीमती वीणा मिस्त्री ने देहदान तथा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एस.एन. केशरी ने नेत्रदान का संकल्प लिया।
अंगदान का निर्णय किसी जरूरतमंद के जीवन में नई उम्मीद ला सकता है। वहीं नेत्रदान के माध्यम से किसी व्यक्ति के जीवन में दृष्टि का उजाला लौटाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया जा सकता है। देहदान चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान के लिए भी महत्वपूर्ण आधार प्रदान करता है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एस.एन. केशरी ने नेत्रदान तथा काउंसलर श्रीमती वीणा मिस्त्री ने देहदान के लिए सहमति व्यक्त करते हुए घोषणा पत्र भरा। उनके इस संकल्प के लिए कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत ने उन्हें प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। यह पहल अन्य नागरिकों को भी नेत्रदान एवं देहदान के लिए प्रेरित करने वाली रही।
वीणा मिस्त्री ने कहा कि वह लंबे समय से देहदान के बारे में सोच रही थीं। सेवा संकल्प अभियान के इस अवसर पर अपना संकल्प पूरा कर उन्हें संतुष्टि मिली। उन्होंने कहा कि उनकी देह चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान अथवा किसी जरूरतमंद के जीवन को बेहतर बनाने में काम आए, इससे बड़ी संतुष्टि उनके लिए कुछ नहीं है। उन्होंने अधिक से अधिक लोगों से देहदान के महत्व को समझकर इस मानवीय कार्य के लिए आगे आने की अपील की।
सीएमएचओ डॉ. एस.एन. केशरी ने कहा कि नेत्रदान किसी व्यक्ति के जीवन में रोशनी लौटाने का माध्यम बन सकता है। हमारे बाद भी हमारी आंखें किसी जरूरतमंद की दुनिया को रोशन कर सकें, यह मानव सेवा का अत्यंत भावपूर्ण संकल्प है। उन्होंने समाज के अधिक से अधिक लोगों से आगे आकर नेत्रदान का संकल्प लेने की अपील की।
सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत लिए गए ये संकल्प इस भावना को मजबूत करते हैं कि मानव सेवा का प्रभाव जीवन की सीमाओं से आगे भी पहुंच सकता है। एक व्यक्ति का निर्णय किसी दूसरे के जीवन में नई रोशनी, नई उम्मीद और चिकित्सा क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान का माध्यम बन सकता है।












