स्व. विशाहू दास महंत की 48वीं पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि, युवाओं से सेवा और संस्कार अपनाने का आह्वान
छत्तीसगढ़/कोरबा :- छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ जननेता एवं समाजसेवी स्वर्गीय विशाहू दास महंत की 48वीं पुण्यतिथि गुरुवार को मेडिकल कॉलेज परिसर में श्रद्धा, सम्मान और भावपूर्ण वातावरण में मनाई गई। इस अवसर पर महंत परिवार, जनप्रतिनिधियों, कांग्रेस पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और बड़ी संख्या में नागरिकों ने उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उनके व्यक्तित्व एवं जनसेवा के योगदान को नमन किया। 
श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए कोरबा सांसद श्रीमती ज्योत्सना चरणदास महंत ने कहा कि महंत परिवार पिछले 80 वर्षों से निरंतर जनसेवा के कार्यों में समर्पित है और स्वर्गीय विशाहू दास महंत द्वारा स्थापित सेवा, समर्पण और सामाजिक सरोकारों की परंपरा को आगे बढ़ाने का कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति, स्वाभिमान और पहचान को मजबूत करने वाले स्वर्गीय विशाहू दास महंत का योगदान सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा। 
सांसद ज्योत्सना महंत ने कहा कि “छत्तीसगढ़िया सबसे बढ़िया” की भावना को सबसे पहले स्वर्गीय विशाहू दास महंत ने समाज के सामने स्थापित किया था। उनका जीवन केवल राजनीति तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उन्होंने समाज के हर वर्ग के उत्थान, मानव सेवा और जनकल्याण को अपना लक्ष्य बनाया। 
उन्होंने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि आज की पीढ़ी को अपने बुजुर्गों से सहनशीलता, मानव सेवा, धैर्य, सामाजिक जिम्मेदारी और संस्कार सीखने चाहिए। यदि युवा इन मूल्यों को अपनाकर आगे बढ़ेंगे तो समाज और प्रदेश दोनों का समग्र विकास संभव होगा। 
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने स्वर्गीय विशाहू दास महंत के सामाजिक, राजनीतिक और जनसेवा से जुड़े योगदानों को स्मरण करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। वक्ताओं ने कहा कि उनका आदर्श जीवन आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा।
श्रद्धांजलि कार्यक्रम में महंत परिवार के सदस्य, जनप्रतिनिधि, कांग्रेस पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने दो मिनट का मौन रखकर स्वर्गीय विशाहू दास महंत के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की।












