महासमुंद के नितेश सिंह बैस, कांकेर की रानू मरकाम और मधुकर श्याम हरित पर कार्रवाई; दो अधिकारियों से मांगा गया जवाब
छत्तीसगढ़/रायपुर :- प्रदेश में निर्धारित दर से अधिक कीमत पर शराब की बिक्री और अवैध शराब निर्माण के मामलों में आबकारी विभाग ने सख्त कार्रवाई की है। महासमुंद में 190 रुपये की शराब 200 रुपये में बेचे जाने के मामले में आबकारी उप निरीक्षक नितेश सिंह बैस को निलंबित किया गया है। वहीं कांकेर के भानुप्रतापपुर क्षेत्र में अवैध शराब निर्माण से जुड़ी बड़ी मात्रा में सामग्री बरामद होने के मामले में आबकारी उप निरीक्षक रानू मरकाम और प्रभारी सहायक जिला आबकारी अधिकारी मधुकर श्याम हरित को भी निलंबित किया गया है। इसके अलावा महासमुंद के दो सहायक जिला आबकारी अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
नितेश सिंह बैस निलंबित, 190 की शराब 200 रुपये में बिक रही थी
राज्य स्तरीय उड़नदस्ता टीम ने 7 सितंबर 2026 को महासमुंद जिले की कम्पोजिट मदिरा दुकान तुमा डबरी (बेमचा) में आकस्मिक निरीक्षण किया। छद्म ग्राहक के माध्यम से कराए गए सत्यापन में विक्रयकर्ता दिनेश्वर ध्रुव द्वारा बैगपाइपर व्हिस्की का एक पाव निर्धारित दर 190 रुपये के बजाय 200 रुपये में बेचना पाया गया। पुनः खरीद परीक्षण में विक्रयकर्ता गुलाब डहरिया द्वारा भी यही शराब 190 रुपये के स्थान पर 200 रुपये में बेची गई।
दो पाव की खरीद में निर्धारित 380 रुपये के बजाय 400 रुपये वसूल किए गए। दोनों विक्रयकर्ताओं द्वारा कुल 20 रुपये अधिक लिए गए। दोनों के खिलाफ छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम की धारा 39 (ग) के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।
मामले में संबंधित प्रभार क्षेत्र में प्रभावी निगरानी के अभाव और शिथिल नियंत्रण को गंभीरता से लेते हुए मदिरा दुकान प्रभारी एवं वृत्त प्रभारी महासमुंद आबकारी उप निरीक्षक नितेश सिंह बैस को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम 9 (1) के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। उनका निलंबन मुख्यालय कार्यालय उपायुक्त आबकारी, संभागीय उड़नदस्ता दुर्ग संभाग, दुर्ग निर्धारित किया गया है।
रानू मरकाम और मधुकर श्याम हरित भी निलंबित
कांकेर जिले के भानुप्रतापपुर थाना क्षेत्र के ग्राम बसंत नगर (नारायणपुर) में पुलिस की छापामार कार्रवाई के दौरान एक सूने एवं बंद किराए के मकान से अवैध मदिरा निर्माण से संबंधित बड़ी मात्रा में सामग्री बरामद की गई। कार्रवाई में 4409 नग खाली शराब की बोतल/पौवा, 105 पत्ता स्टीकर एवं होलोग्राम तथा 3380 ढक्कन बरामद किए गए।
इसके अलावा 30 नग पौवा जम्मू स्पेशल व्हिस्की, कुल 5.400 लीटर शराब, जिसकी कीमत 3600 रुपये बताई गई है, भी जब्त की गई। विभिन्न ब्रांडों के स्टीकर एवं होलोग्राम की कीमत 59,645 रुपये तथा खाली बोतल/पौवा की कीमत 22,045 रुपये बताई गई है।
यह प्रकरण आबकारी उप निरीक्षक एवं वृत्त प्रभारी भानुप्रतापपुर रानू मरकाम के प्रभार क्षेत्र का था। गंभीर अनियमितता को कर्तव्य के प्रति घोर लापरवाही, उदासीनता एवं शिथिल नियंत्रण मानते हुए रानू मरकाम को नियम 9 (1) के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। उनका निलंबन मुख्यालय जिला आबकारी अधिकारी कार्यालय, कांकेर निर्धारित किया गया है।
इसी मामले में सहायक जिला आबकारी अधिकारी एवं प्रभारी, जिला आबकारी अधिकारी कार्यालय कांकेर मधुकर श्याम हरित को भी प्रथम दृष्टया गंभीर लापरवाही, कर्तव्य के प्रति उदासीनता तथा प्रभावी पर्यवेक्षण एवं सतत निगरानी के अभाव के चलते निलंबित किया गया है। उनका निलंबन मुख्यालय कार्यालय आबकारी आयुक्त, छत्तीसगढ़, नवा रायपुर अटल नगर निर्धारित किया गया है।
दो सहायक जिला आबकारी अधिकारियों से मांगा जवाब
महासमुंद में अधिक दर पर शराब बिक्री के मामले में सहायक जिला आबकारी अधिकारी दीपक ठाकुर और सहायक जिला आबकारी अधिकारी अजय कुमार पाण्डेय को कारण बताओ सूचना जारी की गई है। दोनों अधिकारियों को सात दिवस के भीतर समाधानकारक जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। निर्धारित अवधि में जवाब नहीं मिलने पर नियमानुसार एकपक्षीय कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
निर्धारित दर से अधिक वसूली पर सख्ती
आबकारी विभाग ने स्पष्ट किया है कि शराब की निर्धारित विक्रय दर से अधिक वसूली, अवैध शराब निर्माण तथा निगरानी में लापरवाही को किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। राज्य स्तरीय उड़नदस्ता और मैदानी अमले के माध्यम से मदिरा दुकानों की जांच एवं निगरानी को और प्रभावी बनाने पर जोर दिया जा रहा है।












