पीएम जनमन व पीएमजीएसवाई की सड़कों का निरीक्षण, निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश, पसान स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण कर बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने के दिए निर्देश
छत्तीसगढ़/कोरबा :- कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत ने शुक्रवार को पोड़ी उपरोड़ा विकासखंड के दूरस्थ एवं विशेष पिछड़ी जनजाति (पीवीटीजी) बाहुल्य क्षेत्रों का दौरा कर सड़क निर्माण कार्यों और स्वास्थ्य सुविधाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को सभी निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने तथा ग्रामीणों की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। इस दौरान जिला पंचायत सीईओ श्री प्रतीक जैन एवं एसडीएम श्री मनोज कुमार भी मौजूद रहे।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने ग्राम सरमा से पसान मार्ग की स्थिति का जायजा लिया। सड़क पर जगह-जगह गड्ढे मिलने पर उन्होंने एसईसीएल रानी अटारी के अधिकारियों को तत्काल मरम्मत कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस मार्ग से कोयला परिवहन करने वाले भारी वाहनों की लगातार आवाजाही होती है, इसलिए ग्रामीणों की सुरक्षा और सुगम आवागमन सुनिश्चित करना आवश्यक है।
कलेक्टर ने पीएम जनमन योजना के तहत पीवीटीजी बाहुल्य गांवों को मुख्य मार्गों से जोड़ने के लिए निर्माणाधीन सड़कों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने लैंगा से सेमरा-सैला-जिल्दा तक बन रही 14.30 किलोमीटर लंबी सड़क की प्रगति की समीक्षा कर इसे 15 नवंबर तक हर हाल में पूर्ण करने के निर्देश दिए।
इसके बाद उन्होंने कटोरी नगोई-केशलपुर मार्ग पर 6.90 किलोमीटर लंबी पीएमजीएसवाई सड़क का निरीक्षण किया। रेलवे क्षेत्र में कार्य अधूरा मिलने पर संबंधित अधिकारियों को रेलवे विभाग से समन्वय स्थापित कर शेष निर्माण शीघ्र पूरा कराने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सड़क निर्माण में किसी भी प्रकार की अनावश्यक देरी स्वीकार नहीं की जाएगी। 
पसान स्वास्थ्य केंद्र में व्यवस्थाओं का लिया जायजा
कलेक्टर ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पसान का निरीक्षण कर पंजीयन कक्ष, प्रसव कक्ष, मरीज वार्ड, दवा वितरण कक्ष एवं स्टोर रूम का अवलोकन किया। उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार पर जोर देते हुए कहा कि अधिक से अधिक ग्रामीणों को सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिलना चाहिए।
उन्होंने गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित एवं संस्थागत प्रसव के लिए प्रेरित करने, हाई रिस्क प्रेग्नेंसी (एचआरपी) की नियमित निगरानी करने तथा प्रसव उपरांत माताओं को सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत पौष्टिक एवं प्रोटीनयुक्त भोजन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने भर्ती मरीजों से बातचीत कर उपचार, चिकित्सकों की उपलब्धता, दवाइयों एवं भोजन व्यवस्था की जानकारी भी ली। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि ग्रामीणों को बेहतर इलाज के लिए अनावश्यक रूप से बाहर न जाना पड़े।












