कोरबा। बालकों वन परिक्षेत्र के अजगरबहार गांव में एक घर के बाथरूम से किंग कोबरा (पहाड़ चित्ती) के शावक का सुरक्षित रेस्क्यू किया गया। सूचना मिलते ही वन विभाग एवं नोवा नेचर वेलफेयर सोसायटी की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर वैज्ञानिक तरीके से रेस्क्यू कर सर्प को उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया।
वन विभाग के अधिकारियों के निर्देशन में हुए इस रेस्क्यू के दौरान आवश्यक पंचनामा की कार्रवाई भी पूरी की गई। नोवा नेचर के जितेंद्र सारथी ने बताया कि जिले में लगातार किंग कोबरा के शावक मिलना इस बात का संकेत है कि कोरबा के जंगलों में इस दुर्लभ प्रजाति का प्राकृतिक प्रजनन हो रहा है, जो समृद्ध जैव विविधता और स्वस्थ वन पारिस्थितिकी तंत्र का प्रमाण है।
उन्होंने बताया कि किंग कोबरा वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की अनुसूची-1 में संरक्षित प्रजाति है। बालकों वन परिक्षेत्र अधिकारी जयंत सरकार ने लोगों से अपील की है कि किंग कोबरा दिखाई देने पर उसे नुकसान पहुंचाने का प्रयास न करें, बल्कि तत्काल वन विभाग को सूचना दें। वहीं, विशेषज्ञों ने कोरबा में किंग कोबरा संरक्षण के लिए कंजर्वेशन रिजर्व स्थापित करने की आवश्यकता भी जताई है।












