नवमी पर कन्या पूजन और देवी आराधना के बीच मासूम की निर्मम हत्या ने झकझोरा समाज; फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई और नशाखोरी पर पूर्ण प्रतिबंध की उठी मांग
छत्तीसगढ़/कोरबा :- सात साल की मासूम बच्ची के अपहरण और निर्मम हत्या की घटना ने पूरे कोरबा जिले को झकझोर कर रख दिया है। मासूम की मौत से उपजे आक्रोश और गम के बीच शुक्रवार शाम सुभाष चौक पर आम आदमी पार्टी, अधिवक्ताओं तथा आम नागरिकों ने कैंडल मार्च निकालकर बच्ची को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान माहौल गमगीन रहा, वहीं लोगों के भीतर अपराध के प्रति गहरा आक्रोश भी साफ दिखाई दिया। प्रदर्शनकारियों ने मामले की फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई कर दोषी को कठोरतम सजा देने और न्यायालय में अपराध सिद्ध होने पर फांसी की सजा दिलाने की मांग उठाई।
मासूम की हत्या ने हर संवेदनशील व्यक्ति को भीतर तक झकझोर दिया है। जिस उम्र में बच्चियां अपने परिवार के स्नेह और सुरक्षा के बीच दुनिया को समझना शुरू करती हैं, उस उम्र में उनके साथ हुई ऐसी जघन्य घटना ने समाज की संवेदनशीलता और बच्चियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कैंडल मार्च में शामिल लोगों ने बच्ची की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और शोकाकुल परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए न्याय की आवाज बुलंद की।
नवमी पर कन्या पूजन, फिर मासूम के साथ ऐसी दरिंदगी!
प्रदर्शन के दौरान एक महिला अधिवक्ता ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि नवमी के दिन एक ओर कन्या भोज कर बच्चियों को देवी स्वरूप मानकर पूजा जाता है, वहीं दूसरी ओर एक मासूम के साथ ऐसी जघन्य वारदात होना समाज को आत्ममंथन करने के लिए मजबूर करता है। यह केवल एक परिवार का दर्द नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए चेतावनी है। आखिर बच्चियां अपने ही समाज में सुरक्षित क्यों नहीं हैं? ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कानून के सख्त पालन के साथ सामाजिक स्तर पर भी ठोस पहल जरूरी है।
नशाखोरी पर उठे सवाल, पूर्ण प्रतिबंध की मांग
कैंडल मार्च में शामिल आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं, अधिवक्ताओं और नागरिकों ने बढ़ती नशाखोरी को भी गंभीर चिंता का विषय बताया। उनका कहना था कि नशे का बढ़ता चलन सामाजिक अपराधों की रोकथाम के लिए बड़ी चुनौती बन रहा है। प्रदर्शनकारियों ने छत्तीसगढ़ में नशे के अवैध कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाने और नशाखोरी के खिलाफ कठोर कदम उठाने की मांग की। उनका कहना था कि बच्चियों और महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए केवल घटना के बाद कार्रवाई पर्याप्त नहीं, बल्कि अपराध की रोकथाम के लिए भी ठोस कदम उठाने होंगे।
आरोपी गिरफ्तार, अब न्यायिक प्रक्रिया पर टिकी निगाहें
मासूम की हत्या के मामले में आरोपी की गिरफ्तारी हो चुकी है, लेकिन लोगों का आक्रोश कम नहीं हुआ है। अब सबकी निगाहें जांच, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और न्यायिक प्रक्रिया पर टिकी हैं। नागरिकों की मांग है कि मामले की जांच तेजी से और निष्पक्ष तरीके से पूरी की जाए, साक्ष्यों को मजबूती से न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जाए और सुनवाई में अनावश्यक देरी न हो।
कुछ आक्रोशित लोगों ने यहां तक कहा कि यदि सरकार ऐसे जघन्य अपराधों पर कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित नहीं कर पाती, तो आरोपी को उनके हवाले कर दिया जाए, ताकि वे अपने तरीके से न्याय दिला सकें। यह बयान लोगों के गहरे आक्रोश को दर्शाता है, हालांकि न्याय कानून के दायरे में ही सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
आनंद सिंह ने की नागरिकों से एकजुट होने की अपील
आम आदमी पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता आनंद सिंह ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए नागरिकों से बच्चियों की सुरक्षा और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए एकजुट रहने की अपील की। पार्टी की ओर से दोषी को कठोरतम सजा दिलाने, फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई कराने और ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की गई।
सुभाष चौक पर निकला कैंडल मार्च केवल श्रद्धांजलि का कार्यक्रम नहीं, बल्कि उस व्यवस्था से जवाब मांगने की आवाज भी बना, जिससे हर परिवार अपनी बच्चियों की सुरक्षा की उम्मीद करता है। मासूम अब इस दुनिया में नहीं है, लेकिन उसके लिए उठी न्याय की आवाज यही सवाल छोड़ गई है—क्या समाज और व्यवस्था मिलकर यह सुनिश्चित कर पाएंगे कि किसी और घर की खुशियां इस तरह न उजड़ें?












