उरगा के भैंसमुड़ा गांव की वारदात, बांस के डंडे से किया था जानलेवा हमला; पुलिस ने हथियार भी बरामद किया
छत्तीसगढ़/कोरबा :- घरेलू कलह और शराब की लत ने एक और परिवार उजाड़ दिया। उरगा थाना क्षेत्र के ग्राम भैंसमुड़ा कुदरीपारा में शराब के नशे में पति ने अपनी पत्नी की बांस के डंडे से पीट-पीटकर हत्या कर दी। घटना के बाद पुलिस ने तेजी दिखाते हुए कुछ ही घंटों में आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया। उसकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त बांस का डंडा भी बरामद कर लिया गया। आरोपी को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
पुलिस के अनुसार 20 जुलाई को ग्राम भैंसमुड़ा कुदरीपारा से महिला की मौत की सूचना मिलने पर उरगा थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। घटनास्थल का निरीक्षण तथा परिजनों एवं ग्रामीणों से पूछताछ में पता चला कि मृतका अग्घन बाई धनवार और उसके पति परदेशी राम धनवार (41 वर्ष) के बीच लंबे समय से विवाद होता रहता था। ग्रामीणों ने पुलिस को बताया कि आरोपी शराब के नशे में अक्सर पत्नी के साथ मारपीट करता था।
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि 19 और 20 जुलाई की दरमियानी रात आरोपी शराब के नशे में घर पहुंचा और पत्नी से विवाद करने लगा। विवाद बढ़ने पर उसने घर में रखा बांस का डंडा उठाकर पत्नी के सिर और शरीर पर ताबड़तोड़ वार कर दिए। गंभीर चोटों के कारण महिला की मौके पर ही मौत हो गई।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एवं नगर पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में संचालित “सजग कोरबा, सतर्क कोरबा” अभियान के तहत उरगा पुलिस ने तत्काल हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की। संदेह के आधार पर आरोपी पति को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जहां उसने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। आरोपी के मेमोरेंडम के आधार पर हत्या में प्रयुक्त बांस का डंडा बरामद किया गया।
पुलिस ने अपराध क्रमांक 428/2026 के तहत धारा 103(1) भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) में मामला दर्ज कर आरोपी परदेशी राम धनवार, निवासी मड़वारानी एवं वर्तमान निवासी ग्राम भैंसमुड़ा कुदरीपारा, थाना उरगा, को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
कोरबा पुलिस ने आम नागरिकों से घरेलू हिंसा, मारपीट या किसी भी प्रकार की आपराधिक घटना की जानकारी तत्काल पुलिस को देने की अपील की है, ताकि समय रहते प्रभावी कार्रवाई कर गंभीर अपराधों की रोकथाम की जा सके।











