छत्तीसगढ़/कोरबा :- जिला अस्पताल में सोमवार को उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब एक विषैला कोबरा डॉक्टर के कंप्यूटर टेबल के नीचे बैठा दिखाई दिया। अस्पताल के कर्मचारियों ने सूझबूझ दिखाते हुए सांप को छेड़ने के बजाय तत्काल रेप्टाइल केयर एंड रेस्क्यूअर सोसाइटी (RCRS) के अध्यक्ष अविनाश यादव को इसकी सूचना दी।
सूचना मिलते ही अविनाश यादव अपनी रेस्क्यू टीम और आवश्यक उपकरणों के साथ जिला अस्पताल पहुंचे। अस्पताल में डॉक्टरों, कर्मचारियों और मरीजों की मौजूदगी के बीच उन्होंने बेहद सावधानी और पेशेवर तरीके से कोबरा का सफल रेस्क्यू किया। समय रहते सांप को सुरक्षित नहीं निकाला जाता या किसी ने उसे पकड़ने अथवा मारने का प्रयास किया होता तो बड़ी दुर्घटना हो सकती थी।
रेस्क्यू के बाद कोबरा को सुरक्षित रूप से उसके प्राकृतिक वन क्षेत्र में छोड़ दिया गया, जिससे मानव और वन्यजीव दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सकी।
RCRS अध्यक्ष अविनाश यादव ने बताया कि बरसात के मौसम में सांप ठंडी और सुरक्षित जगह की तलाश में घरों, कार्यालयों, अस्पतालों तथा अन्य भवनों में पहुंच जाते हैं। ऐसे में घबराने या स्वयं पकड़ने का प्रयास करने के बजाय सुरक्षित दूरी बनाए रखें और प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम को सूचना दें।
वन विभाग एवं RCRS ने नागरिकों से अपील की है कि यदि घर, खेत, कार्यालय, अस्पताल या आसपास किसी भी प्रकार का सांप या वन्यजीव दिखाई दे तो उसे मारने या छेड़छाड़ करने का प्रयास न करें। तत्काल वन विभाग या RCRS को सूचना दें, ताकि प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंचकर वन्यजीव को सुरक्षित बचा सके। उन्होंने कहा कि वन्यजीव संरक्षण और मानव सुरक्षा, दोनों की जिम्मेदारी समाज की साझा भागीदारी से ही संभव है।
RCRS हेल्पलाइन: 9827917948, 9009996789, 7987957958।











