HomeBreaking Newsदशहरा विवाद में अनिल चौरसिया का पलटवार, बोले—सीसीटीवी फुटेज और गवाहों से...

दशहरा विवाद में अनिल चौरसिया का पलटवार, बोले—सीसीटीवी फुटेज और गवाहों से सामने आएगा सच

एसपी को सौंपा आवेदन, अपने खिलाफ लगाए गए आरोपों को बताया निराधार; निष्पक्ष जांच और साक्ष्य सुरक्षित रखने की मांग

छत्तीसगढ़/कोरबा :-  दशहरा पर्व के दौरान ओमपुर में हुए विवाद के बाद मारपीट और नाबालिग से कथित छेड़छाड़ को लेकर सामने आई शिकायतों के बीच अधिवक्ता अनिल चौरसिया ने अपना पक्ष रखते हुए पुलिस अधीक्षक कोरबा से निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने अपने और अपने परिजनों के विरुद्ध लगाए गए आरोपों को निराधार बताते हुए संबंधित स्थानों के सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने, स्वतंत्र गवाहों के बयान दर्ज कराने और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर वास्तविकता सामने लाने का आग्रह किया है।

- Advertisement -

जिला एवं सत्र न्यायालय कोरबा में पंजीकृत अधिवक्ता अनिल चौरसिया ने अपने आवेदन में आरोप लगाया है कि पूर्व में दर्ज शिकायतों के बाद उनके और उनके परिजनों के विरुद्ध भी शिकायतें की गई हैं। उन्होंने आशंका जताई है कि उन्हें दबाव में लाने के उद्देश्य से झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि निष्पक्ष जांच के बाद ही हो सकेगी।

पहले एफआईआर, फिर सामने आईं नई शिकायतें

अनिल चौरसिया के अनुसार, उनके बड़े भाई कौशल चौरसिया ने गजेन्द्र भार्गव, शिवशंकर और उमाशंकर के विरुद्ध गाली-गलौज एवं मारपीट के मामले में एफआईआर दर्ज कराई है, जिसका अपराध क्रमांक 627/2026 बताया गया है। वहीं, अर्चना चौहान की ओर से भी गजेन्द्र भार्गव एवं अन्य संबंधित लोगों के विरुद्ध मारपीट, गाली-गलौज, जातिगत टिप्पणी और मोटरसाइकिल चढ़ाकर हमला करने से संबंधित शिकायत दर्ज कराए जाने का उल्लेख किया गया है। इस मामले का अपराध क्रमांक 624/2026 बताया गया है।

अनिल चौरसिया का कहना है कि इन घटनाओं के बाद उनके और उनके परिजनों के नाम भी शिकायतों में शामिल किए गए हैं। उन्होंने पुलिस से सभी शिकायतों की अलग-अलग जांच करने और प्रत्येक आरोप का परीक्षण उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर करने की मांग की है।

दशहरा मैदान की घटना को लेकर रखा अपना पक्ष

20 अक्टूबर 2026 को ओमपुर दशहरा मैदान में हुई घटना के संबंध में अनिल चौरसिया ने बताया कि वे अपने बेटे दक्ष चौरसिया सहित राम, लक्ष्मण और हनुमान की भूमिका निभा रहे बच्चों के साथ पिकअप वाहन में मौजूद थे। उनके अनुसार, रात करीब 9:55 बजे वाहन दशहरा मैदान पहुंचा। इसी दौरान कथित रूप से गजेन्द्र भार्गव पिकअप पर चढ़ गए और बच्चों के पास पटाखा जलाने लगे। अनिल का आरोप है कि बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए उनके बड़े भाई कौशल चौरसिया ने बच्चों को वाहन से नीचे उतारा, जिसके बाद विवाद और मारपीट की स्थिति बनी।

अनिल चौरसिया ने दावा किया है कि घटनास्थल पर पुलिसकर्मी और आयोजन समिति के सदस्य मौजूद थे। उन्होंने कहा कि संबंधित पुलिसकर्मियों, सार्वजनिक युवा दुर्गा एवं दशहरा उत्सव समिति ओमपुर के सदस्यों तथा अन्य प्रत्यक्षदर्शियों के बयान लेकर घटनाक्रम की पुष्टि की जा सकती है।

सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने पर जोर

अनिल चौरसिया ने पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि दशहरा मैदान और संबंधित स्थानों पर उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज को नियमानुसार सुरक्षित रखा जाए, ताकि घटना के समय वहां मौजूद लोगों और वास्तविक घटनाक्रम की जांच की जा सके। उन्होंने स्वतंत्र गवाहों के बयान दर्ज करने तथा अन्य प्रासंगिक दस्तावेजों को जांच में शामिल करने का भी आग्रह किया है।

उन्होंने नाबालिग से कथित छेड़छाड़ की शिकायत का उल्लेख करते हुए कहा कि इस गंभीर मामले की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। किसी भी पक्ष के आरोपों को बिना साक्ष्य के अंतिम निष्कर्ष नहीं माना जाना चाहिए। उन्होंने जांच में पूरा सहयोग देने की बात कही है।

जांच के बाद ही स्पष्ट होगी वास्तविकता

अनिल चौरसिया ने मांग की है कि यदि जांच में जानबूझकर झूठे आरोप लगाने या आपराधिक षड्यंत्र के पर्याप्त साक्ष्य मिलते हैं, तो संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि निष्पक्ष जांच से ही आरोपों की सच्चाई सामने आएगी और किसी निर्दोष के साथ अन्याय होने की आशंका दूर होगी।

फिलहाल, दोनों पक्षों के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है। ऐसे में सीसीटीवी फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य उपलब्ध साक्ष्य इस विवाद की वास्तविकता स्पष्ट करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

Must Read