छत्तीसगढ़/कोरबा :- सड़क किनारे अतिक्रमण कर सार्वजनिक मार्ग को बाधित करने वालों के खिलाफ दीपका नगर पालिका ने विशेष अभियान चलाया। नगर पालिका परिषद दीपका की टीम ने कटघोरा रोड से बजरंग चौक तक सड़क किनारे किए गए अतिक्रमण हटाए और संबंधित लोगों के खिलाफ चालानी कार्रवाई करते हुए कुल 62 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया।
अभियान के दौरान सड़क और सार्वजनिक मार्ग पर यातायात में बाधा बन रहे अतिक्रमण हटाए गए। कार्रवाई में तहसीलदार दीपका, मुख्य नगर पालिका अधिकारी, थाना प्रभारी, उप अभियंता, राजस्व प्रभारी, नगर पालिका कर्मचारी और पुलिस बल शामिल रहे। नगर पालिका ने नागरिकों एवं व्यापारियों से सार्वजनिक मार्ग पर अतिक्रमण नहीं करने और यातायात व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग की अपील की है।
आज सड़क किनारे सामान, कल स्थायी निर्माण… समय रहते रोकना जरूरी
दीपका शहर में अतिक्रमण हटाने की यह कार्रवाई निश्चित रूप से यातायात व्यवस्था के लिहाज से महत्वपूर्ण है, लेकिन इसके साथ एक बड़ा सवाल भी सामने है। पाली-दीपका मार्ग पर सड़क की सीमा की ओर लगातार निर्माण बढ़ने की स्थिति पर नगर पालिका को अभी से गंभीरता से ध्यान देने की जरूरत है।
सड़क किनारे कई स्थानों पर लोग धीरे-धीरे आगे बढ़कर मकान अथवा अन्य निर्माण करते नजर आते हैं। यदि सड़क की ओर बढ़कर किए जा रहे ऐसे निर्माणों को समय रहते नहीं रोका गया तो भविष्य में सड़क की चौड़ाई प्रभावित होने के साथ यातायात दबाव, ट्रैफिक जाम और दुर्घटनाओं की स्थिति भी पैदा हो सकती है।
एक निर्माण देखकर दूसरे भी बढ़ा रहे कदम
अतिक्रमण की सबसे बड़ी समस्या यह है कि एक व्यक्ति द्वारा सड़क की ओर बढ़कर निर्माण किए जाने के बाद दूसरे लोग भी उसी को उदाहरण मानकर आगे बढ़ने लगते हैं। धीरे-धीरे यह व्यक्तिगत कब्जे से बढ़कर सामूहिक अतिक्रमण का रूप ले सकता है। इसका सीधा असर भविष्य में सड़क की उपयोगिता और यातायात व्यवस्था पर पड़ सकता है।
इसलिए नगर पालिका और संबंधित राजस्व अमले को पाली-दीपका मार्ग का सीमांकन कर सड़क की वास्तविक सीमा स्पष्ट करने, नए अवैध निर्माण पर तत्काल रोक लगाने और जहां नियम विरुद्ध निर्माण हो चुका है, वहां नियमानुसार सख्त बेदखली/तोड़ू कार्रवाई करने की जरूरत है।
अतिक्रमण हटाने के साथ भविष्य की सड़क भी बचानी होगी
सिर्फ चालानी कार्रवाई या वर्तमान अतिक्रमण हटाना पर्याप्त नहीं होगा। जरूरत इस बात की है कि सड़क किनारे नए अतिक्रमण को शुरू होने से पहले ही रोका जाए। नगर पालिका यदि नियमित निगरानी और समयबद्ध कार्रवाई करे तो भविष्य में सड़क चौड़ीकरण, यातायात जाम और दुर्घटनाओं जैसी समस्याओं से काफी हद तक बचा जा सकता है।
नगर पालिका प्रशासन ने अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रखने की बात कही है। अब देखना होगा कि कटघोरा रोड से बजरंग चौक तक की कार्रवाई के बाद पाली-दीपका मार्ग पर बढ़ रहे सड़क किनारे निर्माण को लेकर भी प्रशासन कितनी गंभीरता से कदम उठाता है।












