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एसईसीएल में अब ‘सत्यनिष्ठा’ बनेगी कार्यसंस्कृति की पहचान, तीन माह तक चलेगा सतर्कता अभियान

सीएमडी हरीश दुहन ने दिलाई सत्यनिष्ठा की शपथ, कोल इंडिया के सीवीओ ब्रजेश कुमार त्रिपाठी ने कहा—दैनिक कार्यव्यवहार का हिस्सा बने ईमानदारी

छत्तीसगढ़/बिलासपुर :-  साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) में पारदर्शिता, जवाबदेही और ईमानदार कार्यप्रणाली को मजबूत करने के उद्देश्य से तीन माह के निवारक सतर्कता अभियान की शुरुआत हुई। केंद्रीय सतर्कता आयोग, नई दिल्ली के निर्देशानुसार यह अभियान 17 अगस्त से 16 नवंबर 2026 तक चलेगा। इस वर्ष अभियान की थीम “सत्यनिष्ठा से समृद्धि” रखी गई है।

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एसईसीएल मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक हरीश दुहन ने किया। कार्यक्रम में कोल इंडिया लिमिटेड के मुख्य सतर्कता अधिकारी ब्रजेश कुमार त्रिपाठी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए।

कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन एवं सरदार वल्लभभाई पटेल के चित्र पर माल्यार्पण के साथ हुई। इसके बाद वंदे मातरम्, कोल इंडिया कॉर्पोरेट गीत एवं राष्ट्रगान की प्रस्तुति हुई। सीएमडी हरीश दुहन ने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सत्यनिष्ठा की शपथ दिलाई।

सिर्फ कार्रवाई नहीं, व्यवस्था में सुधार पर जोर

अपने संबोधन में सीएमडी हरीश दुहन ने कहा कि सत्यनिष्ठा, पारदर्शिता और जवाबदेही किसी भी संगठन की सफलता की आधारशिला हैं। उन्होंने कहा कि निवारक सतर्कता का उद्देश्य केवल अनियमितताओं की रोकथाम तक सीमित नहीं है, बल्कि ऐसी कार्यप्रणालियां विकसित करना है, जिनसे निर्णय प्रक्रिया पारदर्शी, निष्पक्ष और जवाबदेह बने।

उन्होंने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों से केंद्रीय सतर्कता आयोग के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए ईमानदारी और निष्पक्षता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने का आह्वान किया।

दैनिक कामकाज में दिखेगी सत्यनिष्ठा

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबोधित करते हुए कोल इंडिया के मुख्य सतर्कता अधिकारी ब्रजेश कुमार त्रिपाठी ने कहा कि निवारक सतर्कता का उद्देश्य प्रक्रियाओं एवं प्रणालियों को मजबूत करना और संभावित जोखिमों की समय रहते पहचान करना है। उन्होंने कहा कि सत्यनिष्ठा से समृद्धि” तभी सार्थक होगी, जब ईमानदारी केवल शपथ तक सीमित न रहकर दैनिक कार्यव्यवहार और निर्णय प्रक्रिया का हिस्सा बने।

एसईसीएल के मुख्य सतर्कता अधिकारी हिमांशु जैन ने निवारक सतर्कता को सुशासन, पारदर्शिता और उत्तरदायित्वपूर्ण कार्यसंस्कृति की आधारशिला बताया। उन्होंने अभियान की सफलता के लिए अधिकारियों एवं कर्मचारियों की सक्रिय भागीदारी को आवश्यक बताया।

प्रश्नोत्तरी से लेकर कार्यशालाओं तक होंगे आयोजन

तीन माह के अभियान के दौरान एसईसीएल मुख्यालय एवं सभी क्षेत्रों में सतर्कता जागरूकता कार्यक्रम, क्षमता निर्माण कार्यशालाएं, संवाद सत्र, प्रश्नोत्तरी, निबंध एवं वाद-विवाद प्रतियोगिताएं सहित विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इनका उद्देश्य संगठन में सत्यनिष्ठा, पारदर्शिता और जवाबदेही की संस्कृति को मजबूत करने के साथ प्रक्रियागत सुधारों को बढ़ावा देना है।

कार्यक्रम में निदेशक (तकनीकी/संचालन) एन. फ्रैंकलिन जयकुमार, निदेशक (मानव संसाधन) बिरंची दास, निदेशक (तकनीकी/योजना एवं परियोजना) रमेश चन्द्र महापात्र सहित विभागाध्यक्ष, वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। एसईसीएल के विभिन्न क्षेत्रों के क्षेत्रीय महाप्रबंधक एवं अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यक्रम से जुड़े।

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