दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों का किया औचक निरीक्षण, अधूरे कार्य समय-सीमा में गुणवत्ता के साथ पूरा करने के दिए निर्देश
छत्तीसगढ़/कोरबा :- जिले के दूरस्थ एवं वनांचल क्षेत्रों में विकास कार्यों की सुस्त रफ्तार पर कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत ने सख्त रुख अपनाया है। बुधवार को पोड़ी उपरोड़ा विकासखंड के विभिन्न निर्माणाधीन कार्यों के औचक निरीक्षण के दौरान उन्होंने गुणवत्ता और प्रगति की समीक्षा करते हुए स्पष्ट कहा कि अधूरे निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूरे किए जाएं, अन्यथा जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी। 
निरीक्षण के दौरान सबसे बड़ी कार्रवाई तब सामने आई जब पोड़ी उपरोड़ा में निर्माणाधीन 100 सीटर बालक आश्रम की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताते हुए कलेक्टर ने संबंधित एसडीओ एवं सब इंजीनियर के विरुद्ध नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कार्यदायी एजेंसी को अतिरिक्त श्रमिक लगाकर आगामी तीन माह के भीतर निर्माण पूरा करने के निर्देश भी दिए।
कलेक्टर ने आदिवासी विकास विभाग के अंतर्गत निर्माणाधीन एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय का भी निरीक्षण किया। विद्यालय भवन, छात्रावास, किचन एवं डाइनिंग ब्लॉक सहित पूरे परिसर का जायजा लेते हुए साइट लेवलिंग, सुरक्षित प्लिंथ लेवल, बाउंड्री वॉल निर्माण तथा लाइन शिफ्टिंग के कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। साथ ही निर्माण एजेंसी को मैनपावर बढ़ाकर गुणवत्ता के साथ कार्य पूर्ण करने को कहा।
लमना में निर्माणाधीन हायर सेकेंडरी स्कूल एवं माध्यमिक शाला भवन का निरीक्षण करते हुए कलेक्टर ने अपूर्ण कार्यों को प्राथमिकता से पूरा करने, स्वीकृत तकनीकी मानकों के अनुरूप सामग्री उपयोग करने तथा प्रयोगशाला एवं पुस्तकालय भवन के लिए शीघ्र प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए। पुराने भवन में लीकेज और सीपेज की मरम्मत तत्काल कराने को भी कहा।
समेलीभांठा के प्राथमिक शाला एवं आंगनबाड़ी भवन में निरीक्षण के दौरान उन्होंने भवन की मरम्मत, रंग-रोगन, फर्श पर टाइल्स लगाने सहित आवश्यक सुधार कार्यों का प्रस्ताव तत्काल तैयार करने के निर्देश दिए।
इसके अलावा पोड़ी उपरोड़ा में निर्माणाधीन चिकित्सक आवास, कोनकोना के ट्रेनिंग सेंटर तथा तानाखार के उचित मूल्य दुकान भवन का निरीक्षण कर सभी अधूरे कार्यों में तेजी लाने और समय पर पूरा करने के निर्देश दिए।
तानाखार पंचायत के मांझीपारा स्थित आंगनबाड़ी केंद्र में कलेक्टर ने बच्चों की उपस्थिति, ग्रोथ चार्ट, पोषण व्यवस्था एवं रेडी-टू-ईट खाद्यान्न वितरण की समीक्षा की। उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को बच्चों की आयु के अनुरूप शैक्षणिक एवं रचनात्मक गतिविधियां बढ़ाने तथा उनके सर्वांगीण विकास के लिए अधिक सक्रियता से कार्य करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रतीक जैन, एसडीएम पोड़ी उपरोड़ा मनोज बंजारे सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। कलेक्टर ने दोहराया कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और गुणवत्ता से समझौता करने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।












