छत्तीसगढ़/कोरबा :- नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत से पहले जिला प्रशासन ने शिक्षा व्यवस्था को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण बनाने की दिशा में बड़ी पहल शुरू कर दी है। कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत ने शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में स्पष्ट कर दिया कि जिले का कोई भी विद्यालय भवन, पेयजल, बिजली और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाओं से वंचित नहीं रहेगा। साथ ही शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए अतिथि शिक्षकों की भर्ती पूर्ण पारदर्शिता और मेरिट के आधार पर की जाएगी। 
कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित बैठक में कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए मिशन मोड में काम किया जाए और नए सत्र को शिक्षा सुधार के अवसर के रूप में लिया जाए।
16 जून को पूरे जिले में मनेगा शाला प्रवेश उत्सव
बैठक में शाला प्रवेश उत्सव की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि 16 जून को जिले के सभी विद्यालयों में उत्साहपूर्ण वातावरण में शाला प्रवेश उत्सव आयोजित किया जाए। नवप्रवेशी बच्चों का स्वागत विशेष रूप से किया जाए तथा पालकों से संपर्क कर उनकी उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। 
विद्यालय परिसरों की साफ-सफाई पंचायतों के सहयोग से कराने, नए विद्यार्थियों से पौधरोपण कराने तथा एक सप्ताह के भीतर गणवेश एवं पाठ्यपुस्तकों के वितरण का लक्ष्य भी तय किया गया है।
मेरिट के आधार पर होगी अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति
जिले में शिक्षकविहीन और एकल शिक्षकीय विद्यालयों की स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कलेक्टर ने विषयवार अतिथि शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया शीघ्र शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि योग्य अभ्यर्थियों से आवेदन आमंत्रित कर पूरी पारदर्शिता के साथ मेरिट आधारित चयन किया जाए, ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो।
जर्जर स्कूल भवनों और पेयजल समस्या पर प्रशासन सख्त
बैठक में विद्यालय भवनों की स्थिति की समीक्षा करते हुए जर्जर और अति जर्जर भवनों की अद्यतन सूची तत्काल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। वहीं जिन स्कूलों में पेयजल और रनिंग टैप वाटर की सुविधा नहीं है, उनकी जानकारी जुटाकर जल्द आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश भी दिए गए।
कलेक्टर ने कहा कि अधोसंरचना विकास के ऐसे स्थायी कार्य किए जाएं जिससे भविष्य में जिले का कोई भी स्कूल बुनियादी सुविधाओं के अभाव का सामना न करे।
अपार आईडी और आधार अपडेट पर विशेष जोर
विद्यार्थियों की अपार आईडी निर्माण की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने निर्देश दिए कि कोई भी बच्चा इस प्रक्रिया से वंचित न रहे। जिन बच्चों की आईडी नाम या जन्मतिथि संबंधी त्रुटियों के कारण नहीं बन पाई है, उनका आधार अपडेट कराने के लिए विशेष शिविर लगाए जाएंगे।
साथ ही यू-डाइस पोर्टल में त्रुटियों के सुधार और बायोमेट्रिक अपडेट कार्य को भी प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए।
ड्रॉपआउट बच्चों को स्कूल से जोड़ने का अभियान
कलेक्टर ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जिले में ड्रॉपआउट और शाला त्यागी बच्चों की संख्या शून्य करने के लक्ष्य के साथ कार्य किया जाए। कक्षा 5वीं से 6वीं, 8वीं से 9वीं तथा 10वीं से 11वीं में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों पर विशेष निगरानी रखने और पालकों की काउंसलिंग करने की बात कही गई।
नशामुक्ति और सड़क सुरक्षा बनेगी स्कूल शिक्षा का हिस्सा
बैठक में विद्यालयों में नियमित रूप से सड़क सुरक्षा एवं नशामुक्ति जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए गए। पेंटिंग, क्विज, निबंध, रंगोली और अन्य रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को जागरूक किया जाएगा। इसके लिए वार्षिक कैलेंडर भी तैयार किया जाएगा।
साक्षरता अभियान को भी मिलेगी नई गति
उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने शत-प्रतिशत उपलब्धि का लक्ष्य तय किया। उन्होंने बोर्ड परीक्षार्थियों को अपने आसपास के असाक्षरों को साक्षरता अभियान से जोड़ने के लिए प्रेरित करने की बात कही, जिससे सामाजिक योगदान के साथ विद्यार्थियों को अतिरिक्त अंक प्राप्त करने का अवसर भी मिलेगा।
कोरबा की शिक्षा व्यवस्था में बड़े बदलाव की तैयारी, कलेक्टर कुणाल दुदावत ने खींचा रोडमैप, मेरिट से होगी शिक्षकों की भर्ती, हर स्कूल में होंगी मूलभूत सुविधाएं













