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“जिला पंचायत कोरबा में अफसरशाही हावी, यह बहुत गंभीर विषय” की अध्यक्ष की सीईओ नहीं सुन रहा— जनप्रतिनिधियों के विरोध के बाद बोले मंत्री – “बात नहीं बनी तो जिला पंचायत CEO को हटाने की होगी कार्रवाई”

गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के पालीतानाखार विधायक तुलेश्वर सिंह मरकाम ने भी कोरबा जिला पंचायत सीईओ के व्यवहार पर नाराजगी जाहिर की

छत्तीसगढ़/कोरबा :- जिला पंचायत कोरबा में आज सोमवार को बड़ा प्रशासनिक विवाद सामने आया, जब जिला पंचायत अध्यक्ष, एवं सदस्यों ने जिला पंचायत CEO दिनेश नाग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। जनप्रतिनिधियों ने जिला पंचायत परिसर के मुख्य द्वार पर सांकेतिक धरना देते हुए जमकर नारेबाजी की और CEO पर महिला जनप्रतिनिधियों से अभद्र व्यवहार तथा “5 प्रतिशत कमीशनखोरी” जैसे गंभीर आरोप लगाते हुए भ्रष्टाचार के आरोप लगाए ।     

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धरना प्रदर्शन के दौरान जनप्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि जिला पंचायत में अफसरशाही हावी हो गई है और निर्वाचित जनप्रतिनिधियों की लगातार अनदेखी की जा रही है। इसी नाराजगी के चलते जिला पंचायत अध्यक्ष पवन सिंह ने जिला खनिज न्यास (DMF) समिति की बैठक का बहिष्कार कर दिया। उल्लेखनीय है कि वे समिति के सदस्य हैं, लेकिन CEO के रवैये से नाराज होकर बैठक में शामिल नहीं हुए।       

इसी दौरान जिला खनिज न्यास समिति की बैठक में शामिल होने पहुंचे प्रदेश के उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने बैठक समाप्त होने के बाद जिला पंचायत कार्यालय पहुंचकर अध्यक्ष पवन सिंह एवं अन्य सदस्यों से चर्चा की। मंत्री ने पूरे घटनाक्रम की जानकारी लेने के बाद मीडिया से बातचीत में जिला पंचायत CEO के कार्य व्यवहार पर कड़ी नाराजगी जाहिर की।     

मंत्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि किसी भी जिला पंचायत, नगर पंचायत, अथवा नगर परिषद का CEO सीएमओ संबंधित अध्यक्ष का सचिव होता है और उसे जनप्रतिनिधियों के साथ समन्वय बनाकर कार्य करना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह बेहद गंभीर विषय है कि जिला पंचायत अध्यक्ष के अनुसार डेढ़-दो साल के कार्यकाल में CEO कभी अध्यक्ष के चेंबर तक नहीं पहुंचे और बैठक में बुलाने पर भी उपस्थित नहीं हुए। मंत्री ने कहा कि “जिला पंचायत CEO में अफसरशाही हावी है।”

उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इस पूरे मामले में कोरबा कलेक्टर और वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा की जाएगी। यदि स्थिति नहीं सुधरी तो शासन स्तर पर जिला पंचायत CEO दिनेश नाग को हटाने की कार्रवाई भी की जा सकती है।

वहीं जिला पंचायत अध्यक्ष पवन सिंह सहित अन्य सदस्यों ने भी अपना रुख साफ करते हुए कहा कि वे वर्तमान CEO को कोरबा से हटाने की मांग पर अड़े हुए हैं। उनका आरोप है कि CEO का व्यवहार लगातार जनप्रतिनिधियों के प्रति असहयोगपूर्ण और अपमानजनक रहा है, जिससे पंचायत व्यवस्था प्रभावित हो रही है।   

वही गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के पालीतानाखार विधायक तुलेश्वर सिंह मरकाम ने भी जनप्रतिनिधियों की बातें सुनकर नाराजगी जाहिर करते हुए मीडिया से कहा कि ठेकेदारों के पीछे दरवाजे से काम हो रहे हैं कोरबा जिला औद्योगिक क्षेत्र है अगर अच्छे से कार्य किए जाएं तो एक बेहतर जिला बन सकता है

उद्योग मंत्री के सख्त बयान के बाद जिले के प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में जिला पंचायत CEO दिनेश नाग के खिलाफ शासन स्तर पर कोई बड़ा निर्णय लिया जा सकता है। यह कार्यवाही इसलिए और जल्दी हो सकती है क्योंकि सुशासन तिहार चल रहा है और उसमें व्यवधान न हो ।

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