छत्तीसगढ़/कोरबा :- जिला पंचायत कोरबा में इन दिनों जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अमले के बीच टकराव खुलकर सामने आ गया है। जिला पंचायत कोरबा अध्यक्ष पवन सिंह, समेत सदस्यों द्वारा जिला पंचायत CEO दिनेश नाग के खिलाफ मोर्चा खोलने के बाद सोमवार को उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन स्वयं जिला पंचायत पहुंचे और नाराज जनप्रतिनिधियों से चर्चा की।
लेकिन पूरे घटनाक्रम में सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की रही कि मंत्री के जिला पंचायत पहुंचने के बावजूद CEO दिनेश नाग मौके पर नहीं पहुंचे। इसे लेकर जनप्रतिनिधियों में भारी नाराजगी देखने को मिली। सदस्यों का कहना है कि यह केवल जनप्रतिनिधियों का ही नहीं बल्कि मंत्री पद और शासन के प्रोटोकॉल का भी खुला अपमान है।
जनप्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि जब मंत्री स्वयं विवाद और नाराजगी का कारण जानने जिला पंचायत पहुंचे थे, तब CEO को वहां उपस्थित रहकर अपनी बात रखनी चाहिए थी और जनप्रतिनिधियों की शिकायत सुननी चाहिए थी। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इससे यह संदेश गया कि CEO अपनी कार्यशैली को लेकर किसी प्रकार की जवाबदेही मानने को तैयार नहीं हैं।
धरना प्रदर्शन के दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष पवन सिंह सहित कई सदस्य करीब दो घंटे तक जिला पंचायत गेट के सामने तेज धूप में सांकेतिक धरने पर बैठे रहे और नारेबाजी करते रहे। इसके बावजूद CEO दिनेश नाग एक बार भी बाहर आकर प्रदर्शनकारियों से चर्चा करने, उनकी नाराजगी समझने या किसी प्रकार का आश्वासन देने नहीं पहुंचे।
जनप्रतिनिधियों का आरोप है कि जिला पंचायत में अफसरशाही पूरी तरह हावी हो चुकी है और निर्वाचित प्रतिनिधियों की अनदेखी की जा रही है। सदस्यों ने CEO पर 5 प्रतिशत कमीशन मांगने, महिला जनप्रतिनिधियों के साथ अभद्र व्यवहार करने तथा ठेकेदारों के कार्यों को प्राथमिकता देकर जनप्रतिनिधियों के विकास कार्यों की उपेक्षा करने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं।
धरने पर बैठे सदस्यों ने कहा कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे जिला पंचायत सदन की कार्यवाही का बहिष्कार करेंगे और आंदोलन को और उग्र रूप देंगे। पूरे घटनाक्रम के बाद जिला पंचायत की कार्यप्रणाली और प्रशासनिक व्यवहार को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं।













