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बीजेपी पार्षदों के वार्डों में बिना टेंडर काम पूरा, कांग्रेस पार्षदों को एक साल से टेंडर का इंतजार!

बांकीमोंगरा नगर पालिका में जनहित के कार्यों में भेदभाव का आरोप, विपक्षी पार्षदों ने कलेक्टर से मिलकर की निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग

छत्तीसगढ़/कोरबा :-  बांकीमोंगरा नगर पालिका परिषद में जनहित के कार्यों को लेकर राजनीतिक भेदभाव और नियमों की अनदेखी का मामला सामने आया है। नगर पालिका के विपक्षी कांग्रेस पार्षदों ने आरोप लगाया है कि भाजपा पार्षदों के वार्डों में बिना टेंडर प्रक्रिया पूरी किए ही निर्माण कार्य करा दिए गए, जबकि कांग्रेस पार्षदों के वार्डों में पिछले एक साल से टेंडर का हवाला देकर विकास कार्यों को टालने का काम किया जा रहा है। इस मामले को लेकर विपक्षी पार्षदों ने कलेक्टर से मुलाकात कर पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।

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नेता प्रतिपक्ष मधुसूदन दास के नेतृत्व में पार्षद तेजप्रताप सिंह, राजकुमार मिश्रा, राकेश अग्रवाल, संदीप डहरिया, शाहिद कुजूर और हेमंत शहानी ने संयुक्त रूप से बताया कि बांकीमोंगरा नगर पालिका के अस्तित्व में आने के बाद से ही विभिन्न समस्याएं बनी हुई हैं। वर्तमान में निर्माण कार्यों को लेकर दोहरी व्यवस्था अपनाए जाने का आरोप गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।

पार्षदों के अनुसार, लगभग 10 महीने पहले बीटी सड़क निर्माण के लिए टेंडर जारी किया गया था, लेकिन करीब 10 महीने बाद पुराने टेंडर को निरस्त कर नया टेंडर जारी कर दिया गया। कांग्रेस पार्षदों को लगातार यही बताया जाता रहा कि टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही उनके वार्डों में काम कराया जाएगा। पुराने ठेकेदार द्वारा काम करने से मना किए जाने के बाद अब नया टेंडर जारी हुआ है, जिसकी निविदा खुलने की तारीख 19 नवंबर 2026 निर्धारित है।

विपक्षी पार्षदों का आरोप है कि एक ओर कांग्रेस पार्षदों के वार्डों में टेंडर प्रक्रिया का हवाला देकर काम रोके गए हैं, वहीं दूसरी ओर भाजपा पार्षदों के वार्डों में भूमिपूजन से लेकर निर्माण कार्य पूरा होने तक की प्रक्रिया कथित तौर पर टेंडर खुलने से पहले ही पूरी कर ली गई। यदि ऐसा हुआ है तो यह न केवल नियमों की अनदेखी का मामला है, बल्कि नगर पालिका में निर्माण कार्यों के आवंटन और क्रियान्वयन की पारदर्शिता पर भी सवाल खड़े करता है।

पार्षदों ने सवाल उठाया कि क्या नगर पालिका में जनहित के कार्य भी अब भाजपा और कांग्रेस देखकर कराए जाएंगे? क्या विकास कार्यों के लिए वार्ड की जनता की जरूरत के बजाय पार्षद की राजनीतिक पहचान प्राथमिकता बन गई है? उन्होंने कलेक्टर से मांग की है कि संबंधित निर्माण कार्यों की स्वीकृति, निविदा प्रक्रिया, कार्यादेश और भुगतान से जुड़े दस्तावेजों की जांच कराई जाए। साथ ही जिन फर्मों ने कार्य किया, स्वीकृति देने वाले अधिकारियों तथा कार्य कराने में शामिल जिम्मेदार लोगों की भूमिका की जांच कर नियमानुसार उचित कार्रवाई की जाए।

इस अवसर पर नेता प्रतिपक्ष मधुसूदन दास सहित पार्षद तेजप्रताप सिंह, राजकुमार मिश्रा, राकेश अग्रवाल, संदीप डहरिया, शाहिद कुजूर और हेमंत शहानी उपस्थित रहे।

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