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कोरबा मेडिकल कॉलेज में टाइप-1 डायबिटीज क्लीनिक शुरू, बच्चों को मिलेगी निःशुल्क इंसुलिन

हर बुधवार सुबह 10 से दोपहर 1 बजे तक होगी जांच और उपचार की सुविधा, अभिभावकों को भी दी जाएगी बीमारी की देखभाल संबंधी जानकारी

छत्तीसगढ़/कोरबा :-  टाइप-1 डायबिटीज से पीड़ित बच्चों और किशोरों को नियमित जांच, बेहतर उपचार और निःशुल्क इंसुलिन की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए स्व. बिसाहू दास महंत संबद्ध चिकित्सा महाविद्यालय में टाइप-1 डायबिटीज क्लीनिक का शुभारंभ किया गया। राज्य शासन के निर्देशानुसार कलेक्टर कुणाल दुदावत के मार्गदर्शन में शुरू की गई इस पहल से जिले के प्रभावित बच्चों को नियमित चिकित्सकीय देखभाल और उपचार की सुविधा मिलेगी।

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मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. केसरी ने बताया कि टाइप-1 डायबिटीज से पीड़ित बच्चों के लिए समय पर बीमारी की पहचान, नियमित उपचार और निरंतर चिकित्सकीय निगरानी बेहद जरूरी है। क्लीनिक में बच्चों एवं किशोरों की नियमित स्वास्थ्य जांच, उपचार, फॉलोअप और निःशुल्क इंसुलिन उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही मरीजों और उनके परिजनों को बीमारी की प्रकृति, इंसुलिन के नियमित उपयोग, खान-पान तथा उचित देखभाल के संबंध में भी जानकारी दी जाएगी, ताकि बच्चे चिकित्सकीय सलाह के अनुसार अपना उपचार जारी रख सकें।

विलियम जे. क्लिंटन फाउंडेशन के सहयोग से संचालित यह क्लीनिक प्रत्येक बुधवार को सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक चिकित्सा महाविद्यालय में संचालित होगा। इससे टाइप-1 डायबिटीज से पीड़ित बच्चों को नियमित रूप से चिकित्सकीय परामर्श और उपचार संबंधी सुविधाएं मिल सकेंगी।

इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज

सीएमएचओ डॉ. केसरी ने अभिभावकों से अपील की है कि यदि बच्चों को बार-बार प्यास लगने, बार-बार पेशाब आने, वजन कम होने या अत्यधिक थकान जैसी समस्याएं दिखाई दें, तो इसे नजरअंदाज न करें और तत्काल चिकित्सकीय परामर्श लें। उन्होंने कहा कि टाइप-1 डायबिटीज की समय पर पहचान और नियमित उपचार से बच्चों के स्वास्थ्य की बेहतर देखभाल की जा सकती है। अभिभावकों को बच्चों की नियमित स्वास्थ्य जांच कराने तथा चिकित्सक की सलाह के अनुसार उपचार जारी रखने की आवश्यकता है।

क्लीनिक के शुभारंभ अवसर पर जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. कुमार पुष्पेश, मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. प्रीतेश मसीह, शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. धर्मवीर सिंह, एनसीडी कंसल्टेंट डॉ. नरेंद्र जायसवाल, प्रोग्राम कंसल्टेंट देवेंद्र देवांगन सहित अन्य कर्मचारी और मरीजों के परिजन उपस्थित थे।

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