वेतन में देरी, भर्ती में कथित लेन-देन और स्थानीय भू-विस्थापितों को रोजगार देने की मांग; 3 नवंबर को SECL कार्यालय के घेराव की चेतावनी
छत्तीसगढ़/कोरबा :- एसईसीएल गेवरा क्षेत्र में कार्यरत ठेका कंपनी देव माइनिंग के खिलाफ मजदूरों और ड्राइवरों की समस्याओं को लेकर छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना ने मोर्चा खोल दिया है। संगठन के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने एसईसीएल कार्यालय के सामने नारेबाजी कर विरोध प्रदर्शन किया और मुख्य महाप्रबंधक के नाम ज्ञापन सौंपकर मामले में तत्काल कार्रवाई की मांग की। संगठन ने वेतन भुगतान में देरी, भर्ती के नाम पर कथित पैसों के लेन-देन और स्थानीय भू-प्रभावित एवं भू-विस्थापित परिवारों के पात्र युवाओं को रोजगार देने का मुद्दा उठाया।
वेतन के लिए परेशानी क्यों झेलें मजदूर?
संगठन के प्रदेश उपाध्यक्ष उमागोपाल ने आरोप लगाया कि देव माइनिंग कंपनी में मजदूरों एवं ड्राइवरों के साथ दुर्व्यवहार और समय पर वेतन भुगतान नहीं होने की शिकायतें सामने आ रही हैं। उन्होंने भर्ती के नाम पर कथित रूप से पैसों के लेन-देन के आरोपों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग भी की। संगठन का कहना है कि मेहनत करने वाले श्रमिकों को अपना हक पाने के लिए परेशान होना पड़े, यह गंभीर विषय है। संगठन ने मांग की कि शिकायतों की जांच कराई जाए और आरोप प्रमाणित होने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
स्थानीय भू-विस्थापितों को रोजगार देने की मांग
प्रदर्शन के दौरान स्थानीय बेरोजगार युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता देने का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना ने मांग की कि एसईसीएल की खदानों से प्रभावित आसपास के गांवों के पात्र भू-प्रभावित एवं भू-विस्थापित परिवारों के युवाओं को लागू नियमों और उपलब्ध अवसरों के अनुरूप रोजगार दिया जाए। संगठन ने भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने, मजदूरों एवं ड्राइवरों को समय पर वेतन देने और कार्यस्थल पर सम्मानजनक व्यवहार किए जाने की मांग की।
3 नवंबर तक कार्रवाई नहीं हुई तो होगा घेराव
संगठन ने ज्ञापन के माध्यम से चेतावनी दी है कि यदि 3 नवंबर 2026 तक मांगों पर संतोषजनक कार्रवाई नहीं होती, तो उसी दिन एसईसीएल गेवरा मुख्य महाप्रबंधक कार्यालय का शांतिपूर्ण घेराव किया जाएगा। संगठन ने स्पष्ट किया कि आंदोलन का उद्देश्य मजदूरों की समस्याओं का समाधान, भर्ती में कथित अनियमितताओं की जांच और स्थानीय पात्र युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सुनिश्चित करना है।
अब देखना होगा कि संगठन की ओर से उठाए गए इन मुद्दों पर एसईसीएल प्रबंधन और संबंधित ठेका कंपनी क्या कदम उठाते हैं। मजदूरों के वेतन, भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और भू-विस्थापित परिवारों के रोजगार से जुड़े सवालों पर कार्रवाई को लेकर क्षेत्र के श्रमिकों और स्थानीय युवाओं की निगाहें प्रबंधन पर टिकी हैं।












