छत्तीसगढ़/सक्ती :- सक्ती जिले के सिंघनीपुर स्थित वेदांता प्लांट में बॉयलर फटने से हुए भीषण हादसे के बाद जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय लगातार हालात की मॉनिटरिंग कर रहे हैं और कलेक्टर व पुलिस अधीक्षक को आवश्यक दिशा-निर्देश दे रहे हैं। वहीं स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल भी लगातार जिला प्रशासन के संपर्क में रहकर स्थिति की समीक्षा कर रहे हैं।
घटना की सूचना मिलते ही कलेक्टर अमृत विकास टोपनो और पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल ठाकुर टीम के साथ मौके पर पहुंचे और तत्काल रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कराया गया। घायलों को प्राथमिकता के आधार पर रायगढ़ के निजी अस्पतालों एवं मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया, जबकि गंभीर घायलों को बेहतर उपचार के लिए रायपुर रेफर किया गया है। घटनास्थल को बैरिकेड कर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
कलेक्टर ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार घायलों को सर्वोत्तम उपचार उपलब्ध कराने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। मृतकों की पहचान कर उनके परिजनों से संपर्क स्थापित किया जा रहा है। पोस्टमार्टम उपरांत पार्थिव देह को गृहग्राम भेजने और तात्कालिक सहायता राशि उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है।
प्रशासन और कंपनी प्रबंधन के बीच चर्चा के बाद यह सहमति बनी है कि घायल श्रमिकों को पूर्ण रूप से स्वस्थ होने तक बिना उपस्थिति के वेतन दिया जाएगा। मुआवजा राशि को लेकर भी देर रात तक चर्चा कर सहमति बनाई गई है। पूरे मामले की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश जारी कर दिए गए हैं तथा जांच टीम जल्द ही घटनास्थल का निरीक्षण करेगी। रेस्क्यू कार्य में एसडीआरएफ की टीम भी सक्रिय है।
पुलिस अधीक्षक के अनुसार इस हादसे में कुल 36 श्रमिक प्रभावित हुए हैं, जिनमें से 17 की मृत्यु हो चुकी है तथा 19 घायल हैं, जिनका उपचार जारी है।
मुआवजा एवं सहायता
मुख्यमंत्री द्वारा मृतकों के परिजनों को 5 लाख रुपये तथा घायलों को 50-50 हजार रुपये की सहायता राशि की घोषणा की गई है। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से मृतकों के परिजनों को 2 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की अनुग्रह सहायता स्वीकृत की गई है।
कंपनी प्रबंधन ने मृतकों के परिजनों को 35 लाख रुपये की आर्थिक सहायता एवं रोजगार सहयोग देने की घोषणा की है, जबकि घायलों को 15 लाख रुपये की सहायता राशि दी जाएगी। घायलों को पूर्ण स्वस्थ होने तक वेतन और काउंसलिंग सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।
मृतकों के नाम इस प्रकार हैं—
रितेश कुमार (सोनबर्शा, भागलपुर, बिहार),
अमृत लाल पटेल (मंझापारा, डभरा, सक्ती, छत्तीसगढ़),
थंडा राम लहरे (मालखरौदा, सक्ती, छत्तीसगढ़),
तरुण कुमार ओझा (सिंदरी, धनबाद, झारखंड),
आकिब खान (दरभंगा, बिहार),
सुसांत जना (पूर्व मेदिनीपुर, पश्चिम बंगाल),
अब्दुल करीम (झारखंड),
उधव सिंह यादव (रायगढ़, छत्तीसगढ़),
शेख सैफुद्दीन (हल्दिया, पश्चिम बंगाल),
पप्पू कुमार (सोनभद्र, उत्तर प्रदेश),
अशोक परहिया (पलामू, झारखंड),
मनस गिरी (पूर्व मेदिनीपुर, पश्चिम बंगाल),
बृजेश कुमार (सोनभद्र, उत्तर प्रदेश),
रामेश्वर महिलांगे (जांजगीर–चांपा, छत्तीसगढ़),
कार्तिक महतो (पुरुलिया, पश्चिम बंगाल),
नदीम अंसारी (सक्ती, छत्तीसगढ़),
शिबनाथ मुर्मू (पुरुलिया, पश्चिम बंगाल)।
प्रशासन द्वारा सभी मृतकों के परिजनों से संपर्क कर सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया जारी है।











