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SECL दीपका में सूचना के अधिकार का मखौल, 30 दिन बीते नहीं मिली जानकारी, आरटीआई कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश

कन्वेयर बेल्ट संचालन मजदूरों के भुगतान और पीएफ-ईएसआई से जुड़े संवेदनशील मामलों पर जन सूचना अधिकारी ने साधी चुप्पी

छत्तीसगढ़/कोरबा-दीपका :- साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) दीपका क्षेत्र में सूचना का अधिकार अधिनियम (RTI) 2005 के नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं दीपका क्षेत्र के जन सूचना अधिकारी (PIO) की कार्यप्रणाली से क्षुब्ध होकर आरटीआई कार्यकर्ता ललित कुमार महिलांगे ने प्रथम अपीलीय प्राधिकारी के समक्ष अपील दायर कर दी है आरोप है कि विभाग में भ्रष्टाचार और अनियमितताओं को छुपाने के लिए जानबूझकर समय-सीमा के भीतर जानकारी उपलब्ध नहीं कराई जा रही है ।

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क्या है पूरा मामला?

​आरटीआई कार्यकर्ता ललित कुमार महिलांगे ने दिनांक 29 मई 2026 को एसईसीएल दीपका क्षेत्र के जन सूचना अधिकारी के समक्ष एक आवेदन प्रस्तुत किया था इस आवेदन के माध्यम से उन्होंने निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील जानकारियां मांगी थीं ।

०१. ​कन्वेयर बेल्ट और साइलो संचालन से संबंधित दस्तावेज ।
०२. ​खदानों और परियोजनाओं में कार्यरत मजदूरों के भुगतान का विवरण ।
०३. ​मजदूरों के पीएफ (PF) ईएसआई (ESI) और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े रिकॉर्ड ।

​कानूनन आरटीआई अधिनियम के तहत आवेदन प्राप्ति के 30 दिनों के भीतर जानकारी उपलब्ध कराना अनिवार्य है लेकिन निर्धारित समय-सीमा बीत जाने के बाद भी जन सूचना अधिकारी द्वारा न तो कोई जानकारी दी गई और न ही किसी प्रकार का पत्राचार किया गया ।

नियमों का खुला उल्लंघन, कार्यकर्ताओं में आक्रोश

​ललित कुमार महिलांगे ने प्रेस को बताया कि यह कोई पहला मामला नहीं है एसईसीएल दीपका क्षेत्र में आरटीआई कानून का लगातार उल्लंघन हो रहा है उन्होंने कहा दीपका क्षेत्र के जन सूचना अधिकारी नियम-कानूनों को ताक पर रखकर काम कर रहे हैं कई आरटीआई कार्यकर्ताओं ने पूर्व में विभिन्न मामलों को लेकर आवेदन लगाए हैं लेकिन उन्हें आज तक जानकारी नहीं मिली ऐसा प्रतीत होता है कि प्रबंधन मजदूरों के शोषण पीएफ और भुगतान में हो रही गड़बड़ियों को दबाने के लिए सूचना देने से बच रहा है इससे कार्यकर्ताओं में भारी निराशा और आक्रोश व्याप्त है ।

पहले भी कर चुके हैं आवेदन, नहीं मिली जानकारी

सूचना के अधिकार (RTI) के तहत जानकारी न मिलने से परेशान महिलांगे ने एसईसीएल (SECL) दीपका के जन सूचना अधिकारी की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं महिलांगे का कहना है कि उन्होंने कुछ महीने पहले भूविस्थापित किसानों की जनहित से जुड़े एक बेहद संवेदनशील और विशेष मुद्दे पर जानकारी मांगी थी लेकिन आज तक उन्हें कोई विवरण उपलब्ध नहीं कराया गया है महिलांगे ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि जब अधिकारी अपने पद की गरिमा और जिम्मेदारियों का सही ढंग से निर्वहन नहीं कर पा रहे हैं तो उन्हें इस महत्वपूर्ण पद पर बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है ।

प्रथम अपीलीय प्राधिकारी से न्याय की गुहार

​सूचना न मिलने से नाराज ललित कुमार महिलांगे ने अब प्रथम अपीलीय प्राधिकारी एसईसीएल दीपका क्षेत्र के समक्ष प्रथम अपील दायर की है उन्होंने अपनी अपील में मांग की है कि ​जन सूचना अधिकारी की इस घोर लापरवाही पर तत्काल जांच और दंडात्मक कार्रवाई की जाए ​मांगी गई समस्त जानकारियां आरटीआई अधिनियम की धारा 7(6) के तहत निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएं​इस विषय पर निष्पक्ष सुनवाई के लिए उन्हें व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का अवसर दिया जाए ।

दी चेतावनी

​आरटीआई कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि प्रथम अपील के बाद भी प्रबंधन का यही ढर्रा रहा तो वे इस मामले को केंद्रीय सूचना आयोग (CIC) और न्यायालय का शरण तक ले जाएंगे और जवाबदेह अधिकारियों के खिलाफ मोर्चा खोलेंगे ।

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