जिला सलाहकार समिति व पुनरीक्षा समिति की बैठक में बैंकर्स को लंबित प्रकरणों का प्राथमिकता से निराकरण करने के निर्देश, पीएम सूर्यघर योजना सहित विभिन्न योजनाओं की हुई समीक्षा
छत्तीसगढ़/कोरबा :- जिले में शासकीय योजनाओं के तहत पात्र हितग्राहियों को समय पर वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुक्रवार को जिला स्तरीय समन्वय समिति एवं जिला स्तरीय समीक्षा समिति की बैठक कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत ने की। उन्होंने विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत बैंकों में लंबित ऋण प्रकरणों की समीक्षा करते हुए सभी बैंकर्स को प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने कहा कि शासन की स्वरोजगार एवं आजीविका उन्मुख योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक बेरोजगार युवाओं तक पहुंचे, इसके लिए बैंक ऋण आवेदनों का शीघ्र परीक्षण कर पात्र आवेदकों के ऋण स्वीकृत करें। उन्होंने बैंकों को अपनी कार्यप्रणाली अधिक प्रभावी बनाते हुए निर्धारित लक्ष्यों की समयबद्ध पूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में बैंकवार एवं शाखावार लंबित ऋण प्रकरणों की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि ऋण आवेदनों का निर्धारित समय सीमा में निराकरण किया जाए तथा यदि कोई आवेदन अस्वीकृत किया जाता है तो उसके स्पष्ट एवं वस्तुनिष्ठ कारण दर्ज किए जाएं। अपूर्ण आवेदनों को आवश्यक मार्गदर्शन के साथ संबंधित विभागों को वापस भेजने के भी निर्देश दिए गए।
पीएम सूर्यघर योजना पर विशेष जोर
कलेक्टर ने प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना को शासन की प्राथमिकता वाली योजना बताते हुए पात्र हितग्राहियों के अधिक से अधिक ऋण प्रकरण स्वीकृत करने के निर्देश दिए। उन्होंने विभागीय अधिकारियों से योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार कर अधिक से अधिक परिवारों को इससे जोड़ने तथा आवेदन के लिए प्रेरित करने को कहा।
स्वनिधि योजना और वार्षिक लक्ष्यों की समीक्षा
प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत स्ट्रीट वेंडर्स को समय पर ऋण उपलब्ध कराने के निर्देश भी बैठक में दिए गए। वहीं शासन प्रायोजित योजनाओं के वार्षिक ऋण लक्ष्यों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने अक्टूबर माह के अंत तक सभी लक्ष्यों की शत-प्रतिशत पूर्ति सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने युवाओं, किसानों, महिला स्व-सहायता समूहों, पशुपालकों, मत्स्य पालकों, उद्यानिकी से जुड़े हितग्राहियों एवं सूक्ष्म उद्यमियों को प्राथमिकता के आधार पर वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने पर जोर दिया।
इन योजनाओं की भी हुई समीक्षा
बैठक में प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP), मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, ग्रामीण क्षेत्रों में नई बैंक शाखाओं की स्थापना तथा पशुपालन, मत्स्य पालन एवं उद्यानिकी विभागों के किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) प्रकरणों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। कलेक्टर ने सभी संबंधित विभागों एवं बैंकर्स को लक्ष्य अनुरूप प्रगति सुनिश्चित करने तथा केसीसी ऋण वितरण में तेजी लाने के निर्देश दिए।
वित्तीय साक्षरता पर भी दिया जोर
कलेक्टर श्री दुदावत ने कहा कि वित्तीय साक्षरता समावेशी विकास का महत्वपूर्ण आधार है। उन्होंने सभी बैंकों को वित्तीय साक्षरता शिविरों का कैलेंडर तैयार कर नियमित आयोजन करने तथा प्रत्येक नागरिक को बैंकिंग एवं वित्तीय सेवाओं से जोड़ने के लिए सक्रिय भूमिका निभाने के निर्देश दिए।
बैठक में सहायक कलेक्टर ईशांत जायसवाल, जिला पंचायत सीईओ दिनेश कुमार नाग, लीड बैंक मैनेजर कृष्णा भगत, आरबीआई एलडीओ अविनाश कुमार टोप्पो, नाबार्ड के डीडीएम एस.के. प्रधान, महाप्रबंधक विजय कुमार करे, डीएमएम अनुराग जैन सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं सभी बैंक शाखा प्रबंधक उपस्थित रहे।











